मदर्स डे 2026 कब है? जानिए तारीख, इतिहास, महत्व और क्या भारत में रहेगी छुट्टी
मां का रिश्ता दुनिया का सबसे अनमोल रिश्ता माना जाता है। मां के प्यार, त्याग और समर्पण को सम्मान देने के लिए हर साल मदर्स डे मनाया जाता है। यह दिन दुनियाभर में माताओं के प्रति आभार व्यक्त करने और उनके योगदान को याद करने के लिए खास माना जाता है। साल 2026 में भी लोग मदर्स डे का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल है कि मदर्स डे 2026 कब मनाया जाएगा, इसका इतिहास क्या है और क्या इस दिन भारत में सार्वजनिक अवकाश रहता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2026 में मदर्स डे 10 मई, रविवार को मनाया जाएगा। भारत समेत कई देशों में यह हर साल मई महीने के दूसरे रविवार को सेलिब्रेट किया जाता है। इसी कारण इसकी तारीख हर वर्ष बदलती रहती है।
मदर्स डे केवल एक त्योहार नहीं बल्कि मां के प्रति सम्मान और भावनाओं को व्यक्त करने का अवसर है। इस दिन बच्चे अपनी मां को गिफ्ट, कार्ड, फूल या खास सरप्राइज देकर उन्हें स्पेशल महसूस कराते हैं। कई परिवार इस दिन साथ समय बिताते हैं और मां के योगदान के लिए उनका धन्यवाद करते हैं।
क्यों बदलती है मदर्स डे की तारीख?
मदर्स डे किसी निश्चित तारीख पर नहीं बल्कि मई के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। यही वजह है कि हर साल इसकी तारीख अलग होती है। 2025 में यह 11 मई को मनाया गया था, जबकि 2026 में यह 10 मई को पड़ेगा।
रविवार के दिन इसे मनाने का उद्देश्य यह माना जाता है कि छुट्टी के दिन परिवार एक साथ समय बिता सकें और माताओं को सम्मान देने के लिए पूरा दिन समर्पित कर सकें।
मदर्स डे का इतिहास
मदर्स डे की शुरुआत आधुनिक रूप में अमेरिका से मानी जाती है। इसका श्रेय सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना जार्विस को दिया जाता है। उन्होंने अपनी मां की याद में एक विशेष दिन मनाने की शुरुआत की थी। वर्ष 1908 में पहली बार आधिकारिक रूप से मदर्स डे समारोह आयोजित किया गया था। बाद में 1914 में अमेरिकी राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने मई के दूसरे रविवार को आधिकारिक मदर्स डे घोषित किया।
हालांकि मां को सम्मान देने की परंपरा प्राचीन सभ्यताओं में भी देखने को मिलती है। ग्रीक और रोमन सभ्यताओं में मातृ देवी की पूजा की जाती थी। ब्रिटेन में “मदरिंग संडे” की परंपरा भी काफी पुरानी मानी जाती है।
भारत में मदर्स डे का महत्व
भारत में मां को देवी का स्वरूप माना जाता है। भारतीय संस्कृति में मां का स्थान सबसे ऊंचा माना गया है। इसलिए मदर्स डे यहां भावनात्मक रूप से काफी महत्वपूर्ण बन जाता है। इस दिन लोग अपनी मां के त्याग, मेहनत और प्रेम को याद करते हैं।
सोशल मीडिया पर भी मदर्स डे के मौके पर लोग अपनी मां के साथ तस्वीरें साझा करते हैं और भावुक संदेश लिखते हैं। स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न संस्थानों में भी मदर्स डे से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
क्या मदर्स डे पर सार्वजनिक अवकाश होता है?
भारत में मदर्स डे कोई सरकारी या सार्वजनिक अवकाश नहीं है। यह एक विशेष अवसर के रूप में मनाया जाता है। चूंकि 2026 में यह रविवार को पड़ रहा है, इसलिए ज्यादातर लोगों को छुट्टी रहेगी, लेकिन सरकारी स्तर पर इसे राष्ट्रीय अवकाश घोषित नहीं किया गया है।
कैसे मनाया जाता है मदर्स डे?
आज के समय में मदर्स डे मनाने के कई तरीके हैं। लोग अपनी मां को फूल, केक, कपड़े या पसंदीदा उपहार देते हैं। कुछ लोग उन्हें बाहर डिनर पर ले जाते हैं, जबकि कई परिवार घर पर ही खास आयोजन करते हैं। बच्चों द्वारा बनाए गए हाथ से लिखे कार्ड और छोटे सरप्राइज भी माताओं को बेहद पसंद आते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मदर्स डे केवल एक दिन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि हर दिन मां के सम्मान और देखभाल का भाव होना चाहिए।
मदर्स डे 2026 का संदेश
मदर्स डे हमें यह याद दिलाता है कि मां का योगदान शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। मां अपने बच्चों के लिए हर कठिनाई का सामना करती है और बिना किसी स्वार्थ के प्यार देती है। ऐसे में यह दिन मां को सम्मान देने और उनके प्रति आभार व्यक्त करने का सबसे खास अवसर बन जाता है।
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