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विश्व डॉक्टर्स डे पर पदाधिकारियों ने रोपे **500** पौधे, डॉक्टरों का सम्मान व पर्यावरण संदेश

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विश्व डॉक्टर्स डे पर पदाधिकारियों ने रोपे **500** पौधे, डॉक्टरों का सम्मान व पर्यावरण संदेश
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उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में 1 जुलाई को विश्व डॉक्टर्स डे के अवसर पर, जिले के उच्च पदाधिकारियों ने एक भव्य वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा समुदाय के अथक प्रयासों का सम्मान करना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना था। जिलाधिकारी श्री आलोक कुमार और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनीता वर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे, जिन्होंने जिला अस्पताल परिसर और शहर के एक नवविकसित 'ग्रीन पार्क' में विभिन्न प्रकार के 500 से अधिक वृक्ष लगाए। यह अभियान न केवल डॉक्टरों के अतुलनीय योगदान को सराहाने का एक माध्यम बना, बल्कि स्वच्छ पर्यावरण और स्वस्थ जीवन शैली के महत्व को भी रेखांकित किया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9 बजे हुई और इसमें स्थानीय निवासियों, स्कूल के छात्रों और स्वयंसेवी संगठनों के सदस्यों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे यह एक सामुदायिक पहल बन गई।

डॉक्टरों के सम्मान में वृक्षारोपण अभियान

यह विशेष वृक्षारोपण अभियान गाजियाबाद जिला अस्पताल के मुख्य द्वार पर एक संक्षिप्त समारोह के साथ शुरू हुआ। जिलाधिकारी श्री आलोक कुमार ने औपचारिक रूप से पहला पौधा लगाकर इस मुहिम का उद्घाटन किया, जिसके बाद अन्य अधिकारियों और उपस्थित लोगों ने भी पौधे रोपे। इस अवसर पर बोलते हुए, जिलाधिकारी ने कहा, "1 जुलाई का दिन हमें उन डॉक्टरों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देता है, जो निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करते हैं। यह दिन भारत रत्न डॉ. बिधान चंद्र रॉय की जयंती और पुण्यतिथि का प्रतीक है, जिन्होंने चिकित्सा के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया। हमारे डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर अनगिनत लोगों का जीवन बचाते हैं। वृक्षारोपण का यह कार्य जीवन देने और पोषण करने के उनके महान कार्य का प्रतीक है।" उन्होंने चिकित्सा पेशेवरों के बलिदान और समर्पण को सलाम किया, विशेष रूप से हाल की वैश्विक महामारी के दौरान उनके अथक प्रयासों को याद किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनीता वर्मा ने डॉक्टरों के कर्तव्यों और चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा, "एक डॉक्टर का जीवन केवल एक पेशा नहीं, बल्कि एक सेवा है। यह अभियान हमें यह याद दिलाता है कि जिस प्रकार एक पेड़ हमें जीवन देता है, उसी प्रकार हमारे डॉक्टर भी हमें नया जीवन प्रदान करते हैं। यह एक छोटा सा प्रयास है, लेकिन यह हमारे डॉक्टरों के प्रति हमारे सम्मान और कृतज्ञता को दर्शाता है।" इस दौरान नीम, पीपल, बरगद, आम, जामुन और गुलमोहर जैसे छायादार, फलदार और औषधीय गुणों वाले पौधे लगाए गए, जिनका चयन शहर की जलवायु और मिट्टी की विशेषताओं को ध्यान में रखकर किया गया था।

पर्यावरण संरक्षण और जन-स्वास्थ्य का सीधा संबंध

इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण और जन-स्वास्थ्य के बीच के गहरे संबंध पर भी जोर दिया। जिलाधिकारी श्री आलोक कुमार ने अपने संबोधन में कहा, "स्वच्छ हवा, शुद्ध पानी और हरियाली से भरा वातावरण मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। वृक्ष हमें न केवल ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, बल्कि वे कार्बन डाइऑक्साइड जैसे हानिकारक गैसों को अवशोषित करके वायु प्रदूषण को भी नियंत्रित करते हैं। यह सीधे तौर पर श्वसन संबंधी बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को कम करने में मदद करता है। शहरीकरण के बढ़ते प्रभावों और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच, वृक्षारोपण एक अनिवार्य आवश्यकता बन गया है।" उन्होंने शहर के बढ़ते प्रदूषण स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हरियाली का विस्तार ही इस चुनौती से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनीता वर्मा ने जोड़ा, "एक स्वस्थ पर्यावरण रोगों से बचाव की पहली पंक्ति है। पेड़-पौधे न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि मानसिक शांति और तनाव कम करने में भी सहायक होते हैं। हमें अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ और हरा-भरा रखकर बीमारियों के प्रसार को कम करने में मदद मिलती है। डायबिटीज, हृदय रोग और कई तरह की एलर्जी जैसी आधुनिक जीवन शैली से जुड़ी बीमारियों को कम करने में भी स्वच्छ वातावरण की अहम भूमिका होती है।" उन्होंने बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर स्वच्छ वातावरण के सकारात्मक प्रभाव पर विशेष बल दिया।

भविष्य की पहलें और सामुदायिक भागीदारी का आह्वान

पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह वृक्षारोपण अभियान केवल एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि एक व्यापक और दीर्घकालिक पहल की शुरुआत है। जिलाधिकारी श्री आलोक कुमार ने घोषणा की कि अगले छह महीनों में गाजियाबाद जिले में 10,000 और पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शहर के अन्य प्रमुख पार्कों, सरकारी कार्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर भी लगातार वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने स्थानीय एनजीओ 'हरित गाजियाबाद' और अन्य पर्यावरण समूहों के साथ सहयोग की बात कही, ताकि इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। डॉ. सुनीता वर्मा ने कहा, "इस अभियान की सफलता के लिए सामुदायिक भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। हम सभी नागरिकों से अपील करते हैं कि वे अपने घरों, मोहल्लों और कार्यस्थलों पर पौधे लगाएं और उनकी देखभाल करें। बच्चों को पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रमों में शामिल करना भविष्य के लिए एक स्थायी हरित सोच विकसित करने में मदद करेगा।" नगर निगम और वन विभाग को रोपे गए पौधों की नियमित देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि वे बड़े होकर शहर को हरियाली प्रदान कर सकें। इस पहल का उद्देश्य गाजियाबाद को एक स्वस्थ, स्वच्छ और हरा-भरा शहर बनाना है, जहां सभी नागरिक बेहतर जीवन जी सकें। यह सामूहिक जिम्मेदारी और सतत प्रयासों से ही संभव हो पाएगा।

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