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हांगकांग में इभानन का कमाल: स्पेशल ओलंपिक में छत्तीसगढ़ को 2 स्वर्ण

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हांगकांग में इभानन का कमाल: स्पेशल ओलंपिक में छत्तीसगढ़ को 2 स्वर्ण
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रायपुर। छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का एक और स्वर्णिम अध्याय लिखा गया है। आकांक्षा लायंस इंस्टीट्यूट ऑफ लर्निंग एंड एम्पावरमेंट, अवंति विहार, रायपुर के 22 वर्षीय ऑटिस्टिक छात्र इभानन ने हांगकांग में आयोजित स्पेशल ओलंपिक ईस्ट एशिया रीजनल बॉलिंग चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो स्वर्ण पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 4 से 9 सितंबर 2026 तक हांगकांग में आयोजित की गई थी, जहाँ इभानन ने अपनी असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम लहराया। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार और संस्थान को गौरवान्वित किया है, बल्कि विशेष आवश्यकता वाले व्यक्तियों के लिए भी एक नई प्रेरणा जगाई है। आज रात 10 सितंबर 2026 को रायपुर पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया जाएगा।

इभानन का ऐतिहासिक प्रदर्शन और संघर्ष

इभानन की यह जीत सिर्फ पदक नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और अदम्य साहस का प्रतीक है। हांगकांग में आयोजित इस चैंपियनशिप में उन्होंने चीन, जापान और कोरिया जैसे बॉलिंग के दिग्गज देशों के खिलाड़ियों के बीच मुकाबला करते हुए यह अविश्वसनीय उपलब्धि हासिल की। उनकी एकाग्रता और खेल के प्रति समर्पण ने उन्हें इस वैश्विक मंच पर शीर्ष स्थान दिलाया। यह उनकी पहली बड़ी अंतरराष्ट्रीय सफलता नहीं है; इससे पहले 2024 में नई दिल्ली में आयोजित इसी चैंपियनशिप में उन्होंने एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीता था। लगातार दूसरी बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद उनकी इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बताया जा रहा है। यह दर्शाता है कि विशेष आवश्यकता वाले व्यक्ति भी सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर किसी से कम नहीं होते। इभानन ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी भी सीमा से परे होती है, और जुनून के साथ कोई भी बाधा पार की जा सकती है।

आकांक्षा लायंस इंस्टीट्यूट की भूमिका और समर्पण

इभानन की इस सफलता में आकांक्षा लायंस इंस्टीट्यूट ऑफ लर्निंग एंड एम्पावरमेंट, अवंति विहार, रायपुर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। संस्थान ने बताया कि उनकी इस सफलता में संस्थान के व्यावसायिक प्रशिक्षण और शिक्षकों की अथक मेहनत की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। संस्थान का मानना है कि प्रत्येक बच्चे में अद्वितीय क्षमताएं होती हैं, और उन्हें पहचानने व निखारने के लिए एक विशेष वातावरण की आवश्यकता होती है। यह संस्था विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण और पुनर्वास से जुड़ी विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराती है। संस्थान के प्रशिक्षित शिक्षक और स्टाफ व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक छात्र की क्षमताओं का आकलन करते हैं और उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम व प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करते हैं। इभानन को भी संस्थान में बॉलिंग के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें उनकी शारीरिक और मानसिक क्षमताओं को ध्यान में रखते हुए तकनीक और रणनीति पर काम किया गया। यह सिर्फ खेल कौशल का प्रशिक्षण नहीं था, बल्कि आत्मविश्वास और आत्म-निर्भरता विकसित करने का एक समग्र प्रयास था। आकांक्षा लायंस इंस्टीट्यूट जैसे संस्थान समाज में ऐसे बच्चों के लिए आशा की किरण हैं, जो उन्हें मुख्यधारा में लाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

रायपुर में भव्य स्वागत की तैयारी

दो स्वर्ण पदक जीतने के बाद इभानन आज, 10 सितंबर 2026 की रात करीब 8 बजे हांगकांग से दिल्ली होते हुए रायपुर पहुंचेंगे। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद उनके गृह राज्य में उनका भव्य स्वागत करने की तैयारियां जोरों पर हैं। इभानन के स्वागत के लिए आकांक्षा लायंस इंस्टीट्यूट ऑफ लर्निंग एंड एम्पावरमेंट के शिक्षक, स्टाफ और छात्र-छात्राओं के साथ लायंस क्लब इंटरनेशनल के पदाधिकारी और अन्य गणमान्य नागरिक रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यह स्वागत समारोह केवल एक एथलीट का सम्मान नहीं, बल्कि उन सभी विशेष आवश्यकता वाले व्यक्तियों के लिए एक उत्सव होगा, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस दौरान इभानन का सेरेमोनियल बैंड की धुन के साथ भव्य स्वागत किया जाएगा। एयरपोर्ट पर मौजूद हर व्यक्ति इस युवा नायक के लिए तालियों की गड़गड़ाहट और जयकारों के साथ अपनी खुशी व्यक्त करेगा। यह पल इभानन के लिए अविस्मरणीय होगा और उन्हें भविष्य में और भी बड़ी ऊंचाइयों को छूने के लिए प्रेरित करेगा। यह आयोजन रायपुर और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का एक यादगार क्षण होगा, जो खेल और समावेशिता के महत्व को रेखांकित करेगा।

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