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धमतरी पर्यटन को मिलेगी नई दिशा, कलेक्टर ने होटल संचालकों संग बनाई मास्टर प्लान

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धमतरी पर्यटन को मिलेगी नई दिशा, कलेक्टर ने होटल संचालकों संग बनाई मास्टर प्लान
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छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पर्यटन क्षेत्र को नया आयाम देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। हाल ही में, धमतरी कलेक्टर ने जिले के प्रमुख होटल संचालकों और पर्यटन से जुड़े हितधारकों के साथ एक बैठक आयोजित की, जिसमें जिले की पर्यटन क्षमता को निखारने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य धमतरी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान दिलाना और पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाना था। यह योजना न केवल पर्यटन स्थलों के विकास पर केंद्रित है, बल्कि स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने और उनकी आजीविका में सुधार लाने पर भी जोर देती है।

पर्यटन विकास की मुख्य रणनीतियाँ और लक्ष्य

इस कार्ययोजना के तहत धमतरी जिले में पर्यटन के विभिन्न पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसमें इको-टूरिज्म, साहसिक पर्यटन और सांस्कृतिक पर्यटन प्रमुख हैं। जिले में मौजूद प्राकृतिक सौंदर्य, जैसे कि गंगरेल बांध, जिसे मिनी गोवा भी कहा जाता है, और सीतानदी उदंती टाइगर रिजर्व, जो अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है, को विशेष रूप से विकसित किया जाएगा। बैठक में इन स्थलों पर पर्यटकों के लिए विश्व-स्तरीय सुविधाओं जैसे कि बेहतर सड़क संपर्क, स्वच्छ शौचालय, सुरक्षित आवास और गाइड सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। कलेक्टर ने बताया कि जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, और इन संभावनाओं को साकार करने के लिए एक समन्वित दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि स्थानीय कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम और हस्तशिल्प मेले आयोजित किए जाएं, जिससे पर्यटकों को धमतरी की समृद्ध विरासत का अनुभव मिल सके। इस पहल का दीर्घकालिक लक्ष्य पर्यटकों की संख्या में कम से कम 25% की वृद्धि करना है, जिससे स्थानीय व्यापार और सेवाओं को सीधा लाभ मिलेगा।

होटल संचालकों की सक्रिय भागीदारी और सुझाव

बैठक में उपस्थित होटल संचालकों ने इस पहल का स्वागत किया और अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। उन्होंने पर्यटकों के लिए आकर्षक पैकेज तैयार करने, स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा देने और मेहमाननवाजी के उच्च मानकों को बनाए रखने का प्रस्ताव रखा। कई संचालकों ने ई-रिक्शा और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन विकल्पों को पर्यटन स्थलों पर लागू करने का सुझाव दिया, जिससे प्रदूषण कम हो और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके। उन्होंने जिले में पर्यटन सूचना केंद्रों की स्थापना की आवश्यकता पर भी बल दिया, जहाँ पर्यटक आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकें। कलेक्टर ने होटल संचालकों को आश्वासन दिया कि प्रशासन उनकी चिंताओं को सुनेगा और आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की भागीदारी इस योजना की सफलता की कुंजी है, और सरकार पर्यटन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी। यह सुनिश्चित करने के लिए कि पर्यटन स्थल सुरक्षित और स्वच्छ रहें, नियमित रखरखाव और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर भी चर्चा हुई।

रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

इस महत्वाकांक्षी योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य धमतरी जिले में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। पर्यटन के विकास से न केवल सीधे तौर पर होटल उद्योग, परिवहन और गाइड सेवाओं में रोजगार बढ़ेगा, बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय कारीगरों, दुकानदारों और कृषि उत्पादों के विक्रेताओं को भी लाभ होगा। स्थानीय युवाओं को पर्यटन से संबंधित विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षित करने के लिए कौशल विकास कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जैसे कि गाइड, होमस्टे संचालक, और साहसिक खेलों के प्रशिक्षक। कलेक्टर ने स्वयं सहायता समूहों (SHG) को भी इस योजना में शामिल करने का सुझाव दिया, ताकि वे स्थानीय हस्तशिल्प और खाद्य उत्पादों को पर्यटकों को बेचकर अपनी आय बढ़ा सकें। अनुमान है कि इस पहल से अगले तीन वर्षों में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जिससे जिले की अर्थव्यवस्था को एक मजबूत बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन को रोकने में मदद मिलेगी।

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भविष्य की योजनाएं और चुनौतियां

धमतरी में पर्यटन को बढ़ावा देने की यह योजना एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण का हिस्सा है। भविष्य में, प्रशासन नए पर्यटन स्थलों की पहचान करने और उन्हें विकसित करने पर भी काम करेगा। इसमें जल क्रीड़ा गतिविधियों, कैंपिंग साइटों और बर्ड वाचिंग पॉइंट्स का विकास शामिल है। हालांकि, इस राह में कुछ चुनौतियाँ भी हैं, जैसे कि पर्याप्त बुनियादी ढांचे का अभाव, जागरूकता की कमी और निवेश आकर्षित करना। कलेक्टर ने इन चुनौतियों का सामना करने के लिए एक बहु-आयामी रणनीति अपनाने की बात कही, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाना, निजी निवेशकों को आकर्षित करना और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाना शामिल है। नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से योजना की प्रगति पर नजर रखी जाएगी और आवश्यकतानुसार बदलाव किए जाएंगे, ताकि धमतरी वास्तव में एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य बन सके।

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