पंजाब में भाजपा की 'नशा मुक्त यात्रा' शुरू, 4000 KM का सफर
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आज 18 सितंबर, 2026 को पंजाब में अपनी बहुप्रतीक्षित 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' का आगाज किया। यह यात्रा राज्य को नशामुक्त, भयमुक्त और विकासयुक्त बनाने के संकल्प के साथ शुरू की गई है। पठानकोट के माधोपुर स्थित एकता स्थल से लेकर फतेहगढ़ साहिब, फाजिल्का और बठिंडा जैसे विभिन्न स्थानों से शुरू होकर, यह अभियान लगभग 4,000 किलोमीटर का लंबा सफर तय करेगा और आगामी 30 सितंबर को जालंधर में समाप्त होगा। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं में बढ़ती नशाखोरी और राज्य में पनपते नशा कारोबार के खिलाफ जन जागरूकता फैलाना, समाज में एक सकारात्मक संदेश देना और प्रदेश को एक सुरक्षित एवं समृद्ध भविष्य की ओर अग्रसर करना है। इस यात्रा के माध्यम से भाजपा पंजाब के हर घर तक पहुंचने और नशे के खिलाफ एक मजबूत जन आंदोलन खड़ा करने की तैयारी में है।
यात्रा का उद्देश्य और व्यापक मार्ग
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने इस यात्रा के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पार्टी का लक्ष्य पंजाब को नशा, रंगदारी और गैंगस्टरवाद से मुक्त कर भयमुक्त और विकासयुक्त राज्य बनाना है। यह 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' केवल नशे के खिलाफ एक अभियान नहीं है, बल्कि यह प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और अपराधियों के बढ़ते हौसले के खिलाफ भी एक मुखर आवाज है। यह यात्रा प्रदेश की सभी 117 विधानसभा सीटों से होकर गुजरेगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि इसका संदेश राज्य के हर नागरिक तक पहुंचे। इस व्यापक कवरेज के लिए भाजपा ने विस्तृत तैयारियां की हैं, जिसमें सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के उपाय शामिल हैं। पार्टी का मानना है कि नशे की समस्या ने पंजाब के सामाजिक ताने-बाने को बुरी तरह प्रभावित किया है और इस यात्रा के माध्यम से वे इस चुनौती का सामूहिक रूप से सामना करने के लिए लोगों को एकजुट करना चाहते हैं। यात्रा के दौरान विभिन्न जनसभाएं और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां कार्यकर्ताओं और नेताओं द्वारा नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाई जाएगी।
प्रमुख नेताओं की भागीदारी और प्रारंभिक स्थल
इस महत्वपूर्ण यात्रा को हरी झंडी दिखाने के लिए भाजपा के कई दिग्गज नेता मैदान में उतरे हैं। पठानकोट के माधोपुर स्थित एकता स्थल से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने यात्रा को रवाना किया, जो इस अभियान की राष्ट्रीय महत्ता को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, फतेहगढ़ साहिब से दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, फाजिल्का से केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और बठिंडा जिले के तलवंडी साबो से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी-अपनी यात्राओं का शुभारंभ किया। इन चारों प्रमुख स्थलों से एक साथ शुरू हुई यात्राएं राज्य के अलग-अलग कोनों से होते हुए आगे बढ़ेंगी और 30 सितंबर को जालंधर में एक भव्य समापन समारोह में एकत्रित होंगी। यह रणनीति दर्शाती है कि भाजपा पूरे पंजाब में एक साथ और प्रभावी ढंग से अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है, ताकि नशे के खिलाफ उनके संकल्प को मजबूती मिल सके। इन नेताओं की उपस्थिति से कार्यकर्ताओं में भी उत्साह का संचार हुआ है और वे इस अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध दिख रहे हैं।
सरकार पर निशाना और भविष्य की रणनीति
यात्रा के शुभारंभ के अवसर पर, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने अमृतसर में एएसआई हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या की घटना पर दुख व्यक्त करते हुए राज्य सरकार पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह घटना पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का एक और प्रमाण है। भाजपा इस यात्रा के माध्यम से न केवल नशे के मुद्दे को उठाएगी, बल्कि राज्य सरकार की कथित विफलताओं, विशेष रूप से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर लगाम लगाने में उसकी अक्षमता को भी उजागर करेगी। पार्टी का मानना है कि पंजाब को एक सुरक्षित और समृद्ध राज्य बनाने के लिए वर्तमान चुनौतियों का समाधान करना अत्यंत आवश्यक है। 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' भाजपा के लिए एक राजनीतिक मंच भी है, जिसके जरिए वह आगामी चुनावों से पहले जनता के बीच अपनी पैठ मजबूत करना चाहती है। यह यात्रा भाजपा की भविष्य की रणनीतियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें वे पंजाब के युवाओं को नशे के चंगुल से निकालने और उन्हें एक बेहतर भविष्य प्रदान करने का वादा कर रहे हैं। इस अभियान से भाजपा को उम्मीद है कि वह पंजाब की जनता का विश्वास जीतने और राज्य में एक मजबूत राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरने में सफल होगी।
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