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वैश्विक मंच पर गूंजेगी देवभूमि की पहचान, प्रवासी सम्मेलन की तैयारी

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वैश्विक मंच पर गूंजेगी देवभूमि की पहचान, प्रवासी सम्मेलन की तैयारी
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देहरादून में, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन-2026 की तैयारियों पर गहन चर्चा हुई। इस महत्वपूर्ण आयोजन का मुख्य उद्देश्य दुनियाभर में फैले प्रवासी उत्तराखंडियों को एक मंच पर लाना, उनके अनुभवों और सुझावों का लाभ राज्य के विकास में लेना तथा देवभूमि उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान दिलाना है। यह सम्मेलन, जो दून विश्वविद्यालय के नित्यानंद ऑडिटोरियम में आयोजित होगा, को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप, युवा-केंद्रित और नवाचारपूर्ण स्वरूप में आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि यह अपनी एक विशिष्ट पहचान बना सके और राज्य के लिए मील का पत्थर साबित हो।

वैश्विक मंच पर उत्तराखंड की नई पहचान

प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन-2026 को सिर्फ एक औपचारिक आयोजन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे एक ऐसे मंच के रूप में विकसित किया जाए जो वैश्विक स्तर पर उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, आर्थिक संभावनाओं और विकास की आकांक्षाओं को प्रदर्शित कर सके। उन्होंने जोर दिया कि सम्मेलन का स्वरूप युवा-केंद्रित और नवाचारपूर्ण होना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी के प्रवासी उत्तराखंडी भी इससे जुड़ सकें और अपनी रचनात्मक ऊर्जा का योगदान दे सकें। इसका लक्ष्य उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय पटल पर एक नई और सशक्त पहचान दिलाना है, जहां इसकी समृद्ध परंपराओं के साथ-साथ आधुनिक विकास की गाथा भी गूंजे।

यह सम्मेलन देश और विदेश के विभिन्न प्रांतों एवं शहरों में रहकर अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य कर रहे प्रवासी उत्तराखंडियों को चिह्नित कर आमंत्रित करने पर विशेष ध्यान देगा। इन प्रवासी बंधुओं के पास अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में अर्जित बहुमूल्य अनुभव, विशेषज्ञता और वैश्विक दृष्टिकोण है, जिसका लाभ राज्य के विभिन्न क्षेत्रों जैसे पर्यटन, कृषि, उद्योग, शिक्षा और प्रौद्योगिकी के विकास में लिया जा सकता है। सरकार का मानना है कि इन प्रवासियों के साथ सार्थक संवाद स्थापित कर, उनके सुझावों को नीति निर्माण में शामिल कर और उनके निवेश को आकर्षित कर उत्तराखंड के विकास को एक नई गति दी जा सकती है।

तैयारियों का जायजा और समयबद्ध कार्ययोजना

सचिवालय में हुई बैठक के दौरान, सम्मेलन की तैयारियों की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया गया। अधिकारियों को अवगत कराया गया कि तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी दिवस के लिए पंजीकरण प्रक्रिया विधिवत रूप से प्रारंभ कर दी गई है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो दुनियाभर के उत्तराखंडियों को इस आयोजन से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा। सम्मेलन का मुख्य आयोजन स्थल देहरादून स्थित दून विश्वविद्यालय का भव्य नित्यानंद ऑडिटोरियम होगा, जो ऐसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों के लिए उपयुक्त बुनियादी ढांचा प्रदान करता है।

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प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु ने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर सम्मेलन की विस्तृत रूपरेखा को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए हैं। इसमें सत्रों का निर्धारण, आमंत्रित अतिथियों की सूची, सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनी और अन्य सहयोगी गतिविधियों का स्पष्ट खाका शामिल होगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि तैयारियों की प्रगति के संबंध में अगले तीन से चार दिनों में एक अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। यह समयबद्ध कार्ययोजना सुनिश्चित करेगी कि सभी तैयारियां सुचारू रूप से और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी हों, जिससे सम्मेलन का सफल और त्रुटिहीन आयोजन सुनिश्चित किया जा सके।

प्रवासी उत्तराखंडियों की विकास में भागीदारी

इस सम्मेलन का एक प्रमुख उद्देश्य प्रवासी उत्तराखंडियों को केवल आमंत्रित करना नहीं, बल्कि उन्हें राज्य के विकास प्रक्रिया का अभिन्न अंग बनाना है। सरकार का प्रयास है कि प्रवासी बंधुओं के साथ एक स्थायी संबंध स्थापित किया जाए, जिसके माध्यम से वे निरंतर अपने अनुभवों, ज्ञान और संसाधनों का योगदान राज्य के उत्थान में कर सकें। चाहे वह किसी विशिष्ट क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता साझा करना हो, युवा उद्यमियों को मार्गदर्शन देना हो, या फिर राज्य में निवेश के अवसरों की तलाश करना हो, प्रवासी उत्तराखंडी हर मोर्चे पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

यह सम्मेलन उन विचारों और नवाचारों के आदान-प्रदान का केंद्र बनेगा जो उत्तराखंड को एक आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने में सहायक होंगे। प्रवासी उत्तराखंडियों के साथ सार्थक संवाद स्थापित करने और उनके अनुभवों, सुझावों एवं योगदान का लाभ लेने के लिए विशेष सत्रों और कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इन सत्रों में राज्य की वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा होगी, जिसमें प्रवासी समुदाय के सदस्य अपने वैश्विक दृष्टिकोण से मूल्यवान इनपुट प्रदान कर सकेंगे। इस प्रकार, यह आयोजन न केवल एक मिलन समारोह होगा, बल्कि राज्य के भविष्य के लिए एक रणनीतिक साझेदारी का आधार भी बनेगा।

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लेखक
Dipti Das
दिप्ति दास साकार भारत की रिपोर्टर हैं। वे छत्तीसगढ़ और देश की ताज़ा खबरें, राजनीति, समाज और जनहित के विषयों पर रिपोर्ट करती हैं।

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