सऊदी हमले में चार भारतीय ICU में, MEA ने निंदा की
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दिल्ली में विदेश मंत्रालय (MEA) ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की, जिसमें बताया गया कि सऊदी अरब में 10 अक्टूबर को हुए एक भीषण हमले में घायल हुए चार भारतीय नागरिक अभी भी गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस घटना के बाद, मंत्रालय ने सऊदी नागरिक बुनियादी ढांचे, विशेषकर अरामको मुख्यालय पर हुए हालिया हमलों की कड़ी निंदा की और ऐसी सभी आक्रामक हरकतों को तत्काल रोकने का आह्वान किया। ये हमले यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए हैं, जिससे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएँ गंभीर रूप से बढ़ गई हैं और निर्दोष नागरिकों की जान व संपत्ति पर खतरा मंडरा रहा है। भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्र में शांति बहाली के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है।
घायलों की स्थिति और भारतीय दूतावास का सहयोग
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को बताया कि 10 अक्टूबर की घटना में कुल 12 लोग घायल हुए थे। दुर्भाग्यवश, उनमें से एक व्यक्ति की बाद में मृत्यु हो गई। उनके परिवार की इच्छा के अनुसार, भारतीय दूतावास की सहायता से रियाद में उनके अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की गईं। शेष 11 घायल व्यक्तियों में से, तीन को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि अभी भी आठ लोग अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से चार भारतीय नागरिक गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में हैं, जहाँ उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
प्रवक्ता जायसवाल ने आश्वासन दिया कि भारतीय दूतावास के अधिकारी नियमित रूप से अस्पताल में भर्ती भारतीयों से मिलने जा रहे हैं और उनके परिवारों के संपर्क में हैं, ताकि उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जा सके। भारत सरकार विदेशों में रहने वाले अपने नागरिकों के कल्याण और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। दूतावास यह सुनिश्चित कर रहा है कि घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा मिले और उनके परिवार को भावनात्मक व अन्य आवश्यक सहायता प्राप्त हो। यह भारतीय कूटनीति का एक महत्वपूर्ण पहलू है, जहाँ विदेशों में अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।
भारत की कड़ी निंदा और सऊदी अरब के साथ एकजुटता
रणधीर जायसवाल ने सऊदी अरब पर हुए नवीनतम हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भारत इस देश के लोगों और सरकार के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है। उन्होंने विशेष रूप से "कल के अरामको मुख्यालय पर हमले" सहित सऊदी अरब में हुए हमलों की श्रृंखला का उल्लेख किया। जायसवाल ने स्पष्ट किया, "हम नागरिक बुनियादी ढांचे पर ऐसे सभी हमलों की निंदा करते हैं और उन्हें तत्काल रोकने का आह्वान करते हैं। ये पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं।"
भारत ने सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा में उसके लोगों और सरकार के साथ अपनी एकजुटता दोहराई और क्षेत्र में शांति व सामान्य स्थिति की वापसी की उम्मीद जताई। मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि नागरिक ठिकानों पर हमले अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हैं और इनसे क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा होता है। भारत का यह रुख उसकी 'पड़ोसी पहले' की नीति और क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इन हमलों से न केवल सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि पूरे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ता है, जिसके चलते भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों के लिए चिंता बढ़ जाती है।
हवाई यात्रा पर प्रभाव और दूतावास की सलाह
इन हमलों के परिणामस्वरूप सऊदी अरब आने-जाने वाली उड़ानों के शेड्यूल में भी भारी व्यवधान आया है, जिससे भारतीय विमान वाहक और यात्री प्रभावित हुए हैं। जायसवाल ने बताया, "हवाई अड्डों पर हमलों के बाद उड़ान कार्यक्रम बाधित हो गए हैं, जिससे भारतीय वाहक, विशेष रूप से रियाद, दम्मम, मदीना और जेद्दाह के लिए और वहां से आने वाली उड़ानें प्रभावित हुई हैं।"
सऊदी अरब में भारतीय दूतावास भारतीय समुदाय के साथ नियमित संपर्क में है। दूतावास ने अपने नागरिकों के कल्याण के लिए सलाह जारी की है और व्यवधानों के कारण फंसे हुए यात्रियों को अद्यतन जानकारी प्रदान कर रहा है। यह सलाह यात्रा योजनाओं में बदलाव, सुरक्षा सावधानियों और दूतावास से संपर्क करने के तरीकों के बारे में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन देती है। दूतावास यह सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है कि फंसे हुए यात्रियों को आवश्यक सहायता मिले और वे जल्द से जल्द अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। इन हमलों ने न केवल स्थानीय सुरक्षा बल्कि अंतर्राष्ट्रीय यात्रा और व्यापार पर भी गहरा असर डाला है, जिससे हजारों लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय दूतावास की त्वरित प्रतिक्रिया और सहायता सेवाएं ऐसे संकट के समय में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होती हैं, जो विदेशों में भारतीय नागरिकों के लिए एक सुरक्षा कवच का काम करती हैं।