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ओमान तट पर भारतीय नाविकों पर हमले की भारत ने की कड़ी निंदा

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ओमान तट पर भारतीय नाविकों पर हमले की भारत ने की कड़ी निंदा
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मंगलवार, 6 अक्टूबर, 2026 को भारत ने ओमान तट के पास पनामा-ध्वजांकित वा...

मंगलवार, 6 अक्टूबर, 2026 को भारत ने ओमान तट के पास पनामा-ध्वजांकित वाणिज्यिक पोत एमटी ऑन पीस पर हुए हमले की कड़ी निंदा की, जिसमें 11 भारतीय नागरिक घायल हो गए थे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस घटना में कुल 12 चालक दल के सदस्य घायल हुए, जिनमें से 11 भारतीय थे। भारत ने नागरिक बुनियादी ढांचे और नाविकों पर होने वाले हमलों को तत्काल बंद करने का आह्वान किया है और इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। यह घटना सोमवार को हुई जब यह पोत होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था।

घटना का विस्तृत विवरण

यह हमला सोमवार को तब हुआ जब पनामा-ध्वजांकित वाणिज्यिक पोत एमटी ऑन पीस (IMO 9893204) ओमान तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था। पोत को एक प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया, जिससे उसमें सवार चालक दल के सदस्यों को चोटें आईं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पुष्टि की कि पोत पर कुल 19 चालक दल के सदस्य थे, जिनमें से 17 भारतीय नागरिक थे। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 12 चालक दल के सदस्य घायल हुए, और इनमें से 11 भारतीय नागरिक थे। घायलों को तत्काल सहायता प्रदान की गई। ओमान के अधिकारियों की त्वरित सहायता के लिए भारत ने उनका आभार व्यक्त किया। ओमान की सहायता से घायल चालक दल के सदस्यों को तत्काल वहां से निकालकर खासब, ओमान में चिकित्सा उपचार प्रदान किया गया। भारत ने इस चुनौतीपूर्ण समय में ओमान के बहुमूल्य समर्थन की सराहना की है, जिसने मानवीय सहायता और चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

भारत की कड़ी निंदा और सुरक्षा चिंताएँ

भारत ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानून का उल्लंघन बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि भारत नागरिक बुनियादी ढांचे और नाविकों पर होने वाले हमलों को अस्वीकार्य मानता है। उन्होंने क्षेत्र में शिपिंग पर लगातार हो रहे हमलों को भारत के लिए गहरी चिंता का कारण बताया। भारत ने क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया, क्योंकि यह वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। भारत ने सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने और ऐसे कृत्यों से दूर रहने का आग्रह किया है जो क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा सकते हैं। भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है और ऐसे हमलों को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का आह्वान करता है ताकि समुद्री मार्ग सुरक्षित बने रहें।

क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा और व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। इस क्षेत्र में शिपिंग पर होने वाले लगातार हमले अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री नाविकों के जीवन के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। भारत ने क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता पर अपनी चिंता दोहराई है और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऐसे हमलों के अपराधियों को जवाबदेह ठहराने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया है। भारत का मानना है कि स्वतंत्र और सुरक्षित समुद्री मार्ग वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक हैं और किसी भी प्रकार की बाधा से बचना चाहिए। इस प्रकार के हमले न केवल जहाजों और उनके चालक दल को जोखिम में डालते हैं, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक शांति तथा स्थिरता को भी चुनौती देते हैं। भारत भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयासों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि समुद्री व्यापार निर्बाध रूप से जारी रह सके और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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लेखक
Dipti Das
दिप्ति दास साकार भारत की रिपोर्टर हैं। वे छत्तीसगढ़ और देश की ताज़ा खबरें, राजनीति, समाज और जनहित के विषयों पर रिपोर्ट करती हैं।

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