MEA ने ब्लैक सी, होर्मुज हमलों की निंदा की, शांति का आग्रह
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विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार को ब्लैक सी और होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की। इन घातक घटनाओं में दो विदेशी नाविकों की जान चली गई और भारतीय नागरिकों सहित कई चालक दल सदस्य घायल हो गए। मंत्रालय ने तत्काल शत्रुता समाप्त करने और वैश्विक समुद्री मार्गों पर शांति व स्थिरता बहाल करने का आह्वान किया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय वाणिज्य और लोगों के कल्याण को हो रहे गंभीर नुकसान को रोका जा सके। यह बयान ऐसे समय आया है जब समुद्री सुरक्षा को लेकर वैश्विक चिंताएं बढ़ रही हैं।
ब्लैक सी में जहाज पर हमला और भारत की चिंता
विदेश मंत्रालय ने ब्लैक सी में MV ROYAD MAMMADOV नामक जहाज पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। इस हमले में दुर्भाग्य से दो विदेशी नाविकों की मौत हो गई, जबकि चालक दल के कुछ सदस्य, जिनमें भारतीय नागरिक भी शामिल थे, घायल हो गए। मंत्रालय ने बताया कि रोमानियाई अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल नाविकों को सुरक्षित बचाया और उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की। इस जहाज के चालक दल में शामिल तीन भारतीय नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं। भारत ने रोमानियाई अधिकारियों की इस तीव्र और प्रभावी कार्रवाई के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
भारत इन वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों पर होने वाले हमलों को अत्यंत गंभीर चिंता के साथ देखता है। मंत्रालय ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में यातायात को निशाना बनाना वैश्विक वाणिज्य और दुनिया भर के लोगों के कल्याण को गंभीर रूप से कमजोर कर रहा है। भारत ने एक बार फिर सभी संबंधित पक्षों से जारी संघर्षों को समाप्त करने के लिए संवाद और कूटनीति का मार्ग अपनाने का आह्वान किया है, ताकि समुद्री व्यापार की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।
होर्मुज जलडमरूमध्य में मिसाइल हमला और भारतीय नाविकों की चोटें
मंत्रालय ने ओमान के तट से दूर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे पनामा-ध्वजांकित वाणिज्यिक पोत MT On Peace पर हुए मिसाइल हमले की भी कड़ी निंदा की। यह घटना तब हुई जब पोत जलडमरूमध्य से गुजर रहा था और उस पर एक प्रक्षेप्य से हमला किया गया। जहाज का IMO नंबर 9893204 है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस पोत पर कुल 19 चालक दल सदस्य सवार थे, जिनमें से 17 भारतीय नागरिक थे। हमले के परिणामस्वरूप 12 चालक दल सदस्य घायल हो गए, जिनमें 11 भारतीय नागरिक शामिल हैं।
घायल हुए चालक दल सदस्यों को ओमानी अधिकारियों की सहायता से तत्काल घटनास्थल से निकाला गया और उन्हें ओमान के खासब में चिकित्सा उपचार प्रदान किया जा रहा है। भारत ने इस मुश्किल घड़ी में बहुमूल्य सहायता प्रदान करने के लिए ओमानी अधिकारियों का भी आभार व्यक्त किया। मंत्रालय ने दोहराया कि क्षेत्र में शिपिंग पर लगातार हो रहे हमलों की घटनाएं भारत के लिए गहरी चिंता का विषय बनी हुई हैं। भारत ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के हित में ऐसे हमलों को तत्काल बंद करने का आह्वान किया है। वाणिज्यिक शिपिंग, नाविकों और क्षेत्र में नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए, और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के माध्यम से नेविगेशन और वाणिज्य को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए।
समुद्री सुरक्षा पर भारत की वैश्विक पहल और भविष्य की राह
भारत समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। विदेश मंत्रालय ने एक नई अंतरराष्ट्रीय पहल पर प्रकाश डाला, जिसे सितंबर 2026 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान भारत और लाइबेरिया ने संयुक्त रूप से लॉन्च किया था। इस पहल के तहत 25-राष्ट्रों का एक "शिपिंग और नाविकों की सुरक्षा और संरक्षा पर मित्रों का समूह" (Group of Friends on Safety and Security of Shipping and Seafarers) बनाया गया है। इस समूह का मुख्य उद्देश्य व्यापारी चालक दल और वाणिज्यिक शिपिंग की लक्षित हमलों से सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करना है। यह पहल समुद्री सुरक्षा के प्रति भारत की वैश्विक प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि समुद्री मार्गों पर बढ़ते खतरे न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी एक गंभीर चुनौती हैं। समुद्री व्यापार विश्व अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, और इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की सामूहिक जिम्मेदारी है। भारत ने एक बार फिर सभी हितधारकों से समुद्री सुरक्षा को प्राथमिकता देने और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने का आग्रह किया है। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग सभी के लिए सुरक्षित रहें और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं बाधित न हों। हाल ही में यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने भी होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक वाणिज्यिक टैंकर को रोके जाने और धमकी दिए जाने की सूचना दी थी, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।