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केदारनाथ यात्रा पुनः शुरू, भूस्खलन के बाद मार्ग बहाल, IMD अलर्ट

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केदारनाथ यात्रा पुनः शुरू, भूस्खलन के बाद मार्ग बहाल, IMD अलर्ट
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उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में चिरबासा हेलीपैड के पास भूस्खलन और बोल्डर गिरने के कारण शुक्रवार (17 जुलाई, 2026) सुबह पांच घंटे तक बाधित रही केदारनाथ यात्रा दोपहर बाद पुनः शुरू हो गई। रात भर हुई लगातार बारिश से ढीली हुई पहाड़ियों से मलबा और विशाल बोल्डर ट्रेकिंग मार्ग पर आ गिरे, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही पूरी तरह रुक गई थी। पीडब्ल्यूडी (PWD) कर्मियों की त्वरित कार्रवाई के बाद दोपहर 1 बजे तक पैदल मार्ग साफ कर दिया गया, जिससे यात्रियों को आगे बढ़ने की अनुमति मिल गई। हालांकि, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य में भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जो यात्रा के दौरान सुरक्षा चुनौतियों को बढ़ा सकता है।

भूस्खलन से अवरुद्ध हुआ मार्ग

शुक्रवार की सुबह लगभग 6:30 बजे केदारनाथ ट्रेकिंग मार्ग पर चिरबासा हेलीपैड के करीब एक बड़ा भूस्खलन हुआ, जिसने यात्रा को तत्काल रोक दिया। यह घटना रात भर हुई मूसलाधार बारिश का सीधा परिणाम थी, जिसने पहाड़ी ढलानों को कमजोर कर दिया, जिसके चलते भारी मात्रा में मिट्टी और विशालकाय बोल्डर पैदल मार्ग पर आ गिरे। इस अप्रत्याशित घटना ने हजारों तीर्थयात्रियों को मार्ग में ही रुकने पर मजबूर कर दिया। जिला प्रशासन और आपदा राहत टीमों को तुरंत घटनास्थल पर भेजा गया ताकि स्थिति का आकलन कर मार्ग साफ करने का कार्य शुरू हो सके। भूस्खलन से रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध था, जिससे पैदल यात्रियों के साथ-साथ खच्चर और घोड़े की सेवाओं को भी रोकना पड़ा।

युद्धस्तर पर मार्ग बहाली और यात्रा का पुनः आरंभ

भूस्खलन की सूचना मिलते ही, पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग के कर्मी युद्धस्तर पर मार्ग बहाली के काम में जुट गए। सुनील सिंह रावत, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी गुप्तकाशी, ने बताया कि सुबह 6:30 बजे बोल्डर गिरने से पैदल मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था। उन्होंने कहा, "साइट पर तैनात पीडब्ल्यूडी कर्मियों ने दोपहर 1 बजे तक पैदल यात्रियों के लिए मार्ग फिर से खोलने में सफलता प्राप्त की, जिसके बाद यात्रा फिर से शुरू हो गई।" मलबा और बोल्डर हटाने के लिए जेसीबी मशीनों और अन्य उपकरणों का उपयोग किया गया। हालांकि, पैदल यात्रियों के लिए मार्ग खुल गया है, लेकिन सुरक्षा कारणों से खच्चर और घोड़े की सेवाएं अभी भी अस्थायी रूप से निलंबित हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मार्ग को शनिवार तक पूरी तरह बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि सभी प्रकार की सेवाएं सामान्य हो सकें।

गौरीकुंड पर भी अवरोध और IMD का ऑरेंज अलर्ट

चिरबासा के पास हुई घटना के अलावा, शुक्रवार सुबह गौरीकुंड के पास केदारनाथ मार्ग पर भी भारी बोल्डर गिरने की एक और घटना सामने आई। इस घटना के कारण भी अधिकारियों को एहतियात के तौर पर तीर्थयात्रियों की आवाजाही को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। इन घटनाओं के बीच, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे आने वाले दिनों में और अधिक भूस्खलन तथा मार्ग अवरोध की आशंका बढ़ गई है। यह अलर्ट यात्रियों और प्रशासन दोनों के लिए सतर्कता का संकेत है। अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की जानकारी पर लगातार नजर रखें और सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करें। जिला प्रशासन ने सभी संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त कर्मियों और उपकरणों को तैनात किया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

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सुरक्षा उपाय और आगामी चुनौतियां

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर जगह-जगह निगरानी टीमें तैनात की गई हैं, जो लगातार भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर नजर रख रही हैं। यात्रियों को अनावश्यक जोखिम न लेने और खराब मौसम में यात्रा करने से बचने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि यात्रा मार्ग पर पर्याप्त संख्या में चिकित्सा और राहत दल उपलब्ध रहें। भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए, पीडब्ल्यूडी और अन्य संबंधित विभाग भूस्खलन-रोधी उपायों को मजबूत करने और संवेदनशील ढलानों पर स्थायी समाधान खोजने पर विचार कर रहे हैं। शनिवार तक मार्ग की पूर्ण बहाली के बाद भी, मौसम की स्थिति पर कड़ी नजर रखी जाएगी और उसी के अनुसार यात्रा संबंधी निर्णय लिए जाएंगे।

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