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अंतरिक्ष से पीएम मोदी के 'होमवर्क' का खुलासा, शुभांशु शुक्ला ने साझा किए अनुभव

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अंतरिक्ष से पीएम मोदी के 'होमवर्क' का खुलासा, शुभांशु शुक्ला ने साझा किए अनुभव
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ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, जिन्होंने हाल ही में News18 इंडिया का अमृत रत्न सम्मान प्राप्त किया, ने अंतरिक्ष से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए एक अनोखे 'होमवर्क' का खुलासा किया। बुधवार को आयोजित भव्य सम्मान समारोह के दौरान, उन्होंने अपनी ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि कैसे अंतरिक्ष से उन्हें भारत का सबसे शानदार दृश्य देखने को मिला। शुक्ला ने जून-जुलाई 2025 में अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) का दौरा करने वाले पहले भारतीय बनकर इतिहास रचा और राकेश शर्मा की 1984 की ऐतिहासिक उड़ान के बाद अंतरिक्ष में यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय बने। यह सम्मान उन्हें भारतीय अंतरिक्ष अन्वेषण में उनके अभूतपूर्व योगदान और युवाओं को प्रेरित करने के लिए दिया गया।

अंतरिक्ष में पीएम का 'होमवर्क' और वापसी पर संवाद

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अपनी अंतरिक्ष यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बातचीत को याद करते हुए बताया कि कैसे प्रधानमंत्री ने उन्हें एक विशेष 'होमवर्क' दिया था। उन्होंने कहा, "जब मैंने अंतरिक्ष से प्रधानमंत्री को फोन किया था, तो उन्होंने मुझे एक होमवर्क दिया था।" इस बात का खुलासा करते हुए उनके चेहरे पर मुस्कान थी। शुक्ला ने आगे बताया कि उनकी वापसी के बाद जब वे प्रधानमंत्री मोदी से मिले, तो प्रधानमंत्री ने अन्य बातों के साथ-साथ यह भी पूछा कि क्या उन्होंने अपना 'होमवर्क' पूरा किया। शुक्ला ने इस मुलाकात को अत्यंत प्रेरणादायक बताया, जहाँ उन्होंने मिशन पर विस्तार से चर्चा की और इस बात पर भी विचार-विमर्श किया कि कैसे भारत अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में आगे बढ़ सकता है। यह दर्शाता है कि प्रधानमंत्री न केवल शुक्ला के मिशन में गहरी रुचि रखते थे, बल्कि वे देश के अंतरिक्ष कार्यक्रमों के भविष्य को लेकर भी गंभीर हैं।

ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा: ISS तक का सफर

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा भारतीय अंतरिक्ष इतिहास में एक मील का पत्थर है। उन्होंने 25 जून, 2025 को केनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट पर लॉन्च हुई Ax-4 वाणिज्यिक अंतरिक्ष उड़ान के लिए प्राथमिक मिशन पायलट के रूप में कार्य किया। शुक्ला ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर 18 दिनों तक बिताए, जहाँ उन्होंने विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों और शोध गतिविधियों में हिस्सा लिया। यह यात्रा उन्हें ISS का दौरा करने वाला पहला भारतीय और समग्र रूप से अंतरिक्ष में जाने वाला दूसरा भारतीय बनाती है, जो राकेश शर्मा के बाद आता है। राकेश शर्मा ने 1984 में सोवियत संघ के सोयुज टी-11 मिशन पर अंतरिक्ष में कदम रखा था। शुक्ला का मिशन न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि थी, बल्कि यह भारत की बढ़ती अंतरिक्ष क्षमताओं और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का भी प्रमाण था। अपनी यात्रा के सफल समापन के बाद, 15 जुलाई, 2025 को वे प्रशांत महासागर में सुरक्षित रूप से उतरे, जिससे यह मिशन एक शानदार सफलता के रूप में दर्ज हुआ।

अंतरिक्ष से भारत का अद्भुत नज़ारा और भविष्य की प्रेरणाअपनी अंतरिक्ष य...

अंतरिक्ष से भारत का अद्भुत नज़ारा और भविष्य की प्रेरणाअपनी अंतरिक्ष यात्रा के सबसे यादगार पल को साझा करते हुए, शुभांशु शुक्ला ने कहा कि अंतरिक्ष से उन्होंने जो सबसे खूबसूरत चीज़ देखी, वह भारत ही था। उन्होंने राकेश शर्मा के प्रसिद्ध कथन को दोहराते हुए कहा, "जो सबसे खूबसूरत चीज़ मैंने देखी वह भारत था, ठीक वैसे ही जैसे राकेश शर्मा ने इसका वर्णन किया था।" उन्होंने विस्तार से बताया कि जब आप हिंद महासागर से हिमालय की ओर जाते हैं, तो गहरे पानी के बीच भारतीय प्रायद्वीप कितना चमकीला और जगमगाता हुआ दिखाई देता है। शुक्ला ने इस दृश्य को "सबसे सुंदर, शानदार दृश्य" बताया, जिसने उन्हें निशब्द कर दिया। अपने देश के ऊपर से उड़ना उनके लिए अमूल्य था और उन्होंने महसूस किया कि यह ग्रह कितना सुंदर दिखता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अपने देश के साथ एक भावनात्मक जुड़ाव इस पल को और बढ़ा देता है, और अन्य अंतरिक्ष यात्री भी ऐसा ही महसूस करते हैं। शुक्ला ने अपने मिशन के पीछे एक "बड़ी टीम" के अथक प्रयासों को स्वीकार किया और भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरित करते हुए कहा, "अब, यदि भारत 2040 तक चंद्रमा पर अपना एक व्यक्ति भेजना चाहता है, तो उस सपने को पूरा करना बच्चों की जिम्मेदारी है।" यह बयान भारत के महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष लक्ष्यों और युवा पीढ़ी की भूमिका पर प्रकाश डालता है।

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