अश्विन ने हार्दिक का किया बचाव: 'रोहित की जगह लेना आसान नहीं था'
मुंबई, भारत: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में मुंबई इंडियंस के निराशाजनक प्रदर्शन और कप्तान हार्दिक पांड्या की कप्तानी व बल्लेबाजी पर लगातार उठ रहे सवालों के बीच, पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने हार्दिक का जोरदार बचाव किया है। हाल ही में ईएसपीएनक्रिकइंफो पर दिए गए एक बयान में, अश्विन ने कहा कि टीम के खराब प्रदर्शन के लिए अकेले कप्तान को दोषी ठहराना अनुचित है और रोहित शर्मा जैसे सफल कप्तान की जगह लेना कभी भी आसान नहीं था। मुंबई इंडियंस की टीम इस सीजन में प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है, जिससे टीम और कप्तान दोनों पर दबाव बढ़ गया है।
मुंबई इंडियंस का निराशाजनक सफर और हार्दिक का प्रदर्शन
मुंबई इंडियंस, जो पांच बार की आईपीएल चैंपियन है, आईपीएल 2026 में अपने सबसे खराब प्रदर्शनों में से एक से गुज़री है। टीम ने अब तक खेले गए 12 मैचों में से सिर्फ चार में जीत हासिल की है, जबकि उन्हें आठ में हार का सामना करना पड़ा है। इस निराशाजनक प्रदर्शन के चलते टीम प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई है। टीम के इस खराब प्रदर्शन का एक बड़ा कारण कप्तान हार्दिक पांड्या का फॉर्म भी रहा है, जिन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से संघर्ष किया है।
हार्दिक पांड्या ने इस सीजन में अब तक खेले गए आठ मैचों में केवल 146 रन बनाए हैं, जिसमें उनका औसत 20.85 और स्ट्राइक रेट 136.44 रहा है। उनकी बल्लेबाजी के साथ-साथ उनकी कप्तानी पर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट विशेषज्ञों तक, हर तरफ से आलोचनाओं का सामना कर रहे हार्दिक को इस मुश्किल दौर में अश्विन का समर्थन मिला है, जिन्होंने इस आलोचना को एकतरफा और अनुचित बताया है। यह सीजन हार्दिक के लिए व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों ही स्तर पर चुनौतीपूर्ण साबित हुआ है, जिससे उन पर दबाव काफी बढ़ गया है।
अश्विन का हार्दिक के बचाव में बयान
रविचंद्रन अश्विन ने हार्दिक पांड्या की कप्तानी की समीक्षा करने से ही इनकार कर दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "मैं इस साल उनकी कप्तानी की समीक्षा बिल्कुल नहीं करूंगा। ईमानदारी से कहूं तो, जब आपके पास ऐसे सीजन होते हैं, तो दोष कप्तान पर मढ़ना काफी अनुचित है। किसी ने भी अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, टीम पूरी तरह से विफल रही है। और हार्दिक से सारा दोष अपने ऊपर लेने के लिए कहना कुछ ज्यादा ही है।" अश्विन ने हार्दिक के पिछले रिकॉर्ड का भी हवाला दिया, जब उन्होंने गुजरात टाइटंस की कप्तानी की थी।
हार्दिक ने 2022 में गुजरात टाइटंस को अपने डेब्यू सीजन में ही आईपीएल खिताब दिलाया था और 2023 में उन्हें फिर से फाइनल तक पहुंचाया था। अश्विन ने कहा, "तो स्पष्ट रूप से, एक लीडर के रूप में, उन्होंने वहां (गुजरात टाइटंस में) कुछ सही किया था।" यह दर्शाता है कि हार्दिक में एक सफल कप्तान बनने की क्षमता है और वर्तमान में टीम का सामूहिक प्रदर्शन ही खराब रहा है, न कि केवल उनकी कप्तानी। अश्विन ने इस बात पर जोर दिया कि क्रिकेट एक टीम गेम है और हार-जीत की जिम्मेदारी सभी खिलाड़ियों पर समान रूप से आती है, न कि सिर्फ कप्तान पर।
रोहित शर्मा की जगह लेना आसान नहीं था
अश्विन ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि हार्दिक पांड्या के लिए मुंबई इंडियंस की कप्तानी संभालना कितना मुश्किल था, खासकर रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ी की जगह। रोहित शर्मा ने मुंबई इंडियंस को 2013, 2015, 2017, 2019 और 2020 में पांच आईपीएल खिताब दिलाए थे, जिससे वह लीग के सबसे सफल कप्तानों में से एक बन गए थे। इसके अलावा, रोहित ने भारतीय टीम को टी20 विश्व कप भी जिताया है और उनकी देश भर में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है।
हार्दिक 2024 में मुंबई इंडियंस में रोहित शर्मा की जगह कप्तान के तौर पर लौटे थे, और तब से उन्हें प्रशंसकों से काफी आलोचना और हूटिंग का सामना करना पड़ा है। अश्विन ने कहा, "एक मौजूदा भारतीय व्हाइट-बॉल कप्तान जैसे रोहित शर्मा की जगह लेना आसान नहीं है। पांच आईपीएल खिताब, उन्होंने एक टी20 विश्व कप जीता है, और हार्दिक आकर उनकी जगह लेते हैं। देश भर में उनकी बहुत बड़ी फैन फॉलोइंग है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि सोशल मीडिया के इस दौर में जीवित रहने के लिए 'मोटी चमड़ी' का होना जरूरी है और हार्दिक ने अपने व्यक्तिगत जीवन में भी काफी कुछ झेला है। यह बाहरी दबाव और तुलना हार्दिक की कप्तानी पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है और उनके प्रदर्शन को भी प्रभावित कर रही है।
कप्तानी और गेंदबाजी में चुनौतियां
अश्विन ने स्वीकार किया कि हार्दिक ने कप्तानी में कुछ ऐसे फैसले लिए होंगे जो बहस का विषय रहे हैं। उन्होंने एक उदाहरण दिया, "मुंबई में एक समय था जब लेग साइड पर छोटी बाउंड्री थी। आप उस छोर से 20वां ओवर नहीं डालना चाहेंगे। लेकिन उन्होंने पारी की शुरुआत में गलत फील्ड प्लेसमेंट के साथ उस तरफ से 20वां ओवर डालने का विकल्प चुना।" हालांकि, अश्विन ने तुरंत यह भी कहा कि ऐसे फैसले हो सकते हैं और वे एक के बाद एक जमा हो सकते हैं।
अश्विन ने जोर देकर कहा कि गेंदबाजी इकाई ने भी रन लुटाए हैं, जिससे कप्तान के लिए स्थिति और भी मुश्किल हो गई है। "गेंदबाजी ने भी हर दिशा में रन लुटाए हैं। हर बार जब एक ओवर छह या सात रन का जाता है, तो उसके बाद 15 रन का ओवर आ जाता है। तो एक कप्तान के रूप में आप क्या करते हैं?" अश्विन ने मुंबई इंडियंस की हार्दिक की कप्तानी में यात्रा का भी जिक्र किया: टीम 2024 में उनके नेतृत्व में प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई थी, लेकिन 2025 में उन्होंने वापसी करते हुए क्वालीफायर तक का सफर तय किया था। हालांकि, 2026 का यह सीजन फिर से टीम के लिए निराशाजनक रहा है, जिससे यह साफ होता है कि यह सिर्फ कप्तान का नहीं, बल्कि पूरी टीम का सामूहिक संघर्ष है और हार्दिक अकेले इसके लिए दोषी नहीं ठहराए जा सकते।