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IMD अलर्ट: 20 राज्यों में 5-10 अक्टूबर तक बारिश, आंधी और बिजली का अनुमान

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IMD अलर्ट: 20 राज्यों में 5-10 अक्टूबर तक बारिश, आंधी और बिजली का अनुमान
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भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कम से कम 20 राज्यों के लिए 5 से 10 अक्टूबर के बीच भारी बारिश, गरज के साथ बौछारें पड़ने, बिजली गिरने और तेज हवाओं के चलने का ताजा अलर्ट जारी किया है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में हल्की ठंड की शुरुआत हो चुकी है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नए मौसमी सिस्टम के विकसित होने और कई अन्य मौसमी गतिविधियों के कारण यह बदलाव देखने को मिल रहा है, जिससे तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु सहित दक्षिणी और पूर्वी राज्यों के साथ-साथ उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में भी मौसम प्रभावित होगा।

सक्रिय मौसमी सिस्टम और मानसून की वापसी

मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं जो इस व्यापक मौसमी बदलाव का कारण बन रहे हैं। सिक्किम और उसके आसपास के निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जबकि एक ट्रफ रेखा उत्तर-पूर्व बिहार से उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके अतिरिक्त, मन्नार की खाड़ी और दक्षिण तटीय तमिलनाडु के पास भी निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक और चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है, जिससे एक ट्रफ रेखा पूर्व-मध्य अरब सागर तक जा रही है। ये मौसमी सिस्टम मिलकर देश के विभिन्न हिस्सों में नमी और अस्थिरता पैदा कर रहे हैं, जिससे बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ेंगी। दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा अभी भी 27.5°N/86.5°E, सुपौल, रांची, रायपुर, ब्रह्मपुरी, परभणी, बारामती, हरनाई और 17.5°N/71.8°E से गुजर रही है, जो दर्शाता है कि मानसून की वापसी की प्रक्रिया जारी है लेकिन इन नए सिस्टमों के कारण कुछ क्षेत्रों में मौसमी गतिविधियों में तीव्रता आ रही है।

उत्तर भारत में बारिश और आंधी का पूर्वानुमान

उत्तर भारत के राज्यों में भी इस दौरान मौसम में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेगा। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में 6 से 8 अक्टूबर और फिर 10 अक्टूबर को अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि 9 अक्टूबर को काफी व्यापक बारिश का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 5 से 10 अक्टूबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 से 10 अक्टूबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में यह स्थिति 5 से 10 अक्टूबर तक बनी रहेगी।

इसके साथ ही, कुछ क्षेत्रों में आंधी और तेज हवाओं का भी अलर्ट है। हिमाचल प्रदेश में 6 से 8 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में 6 अक्टूबर और 8 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ 30-40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जो 50 किमी प्रति घंटा तक जा सकती हैं। उत्तराखंड में भी 5 से 7 अक्टूबर तक गरज-चमक और तेज हवाओं का पूर्वानुमान है। इन मौसमी गतिविधियों से तापमान में और गिरावट आ सकती है, जिससे ठंड का एहसास बढ़ सकता है।

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दक्षिण और पूर्वी राज्यों पर मौसमी असर

मौसम विभाग ने दक्षिणी और पूर्वी भारत के कई राज्यों के लिए भी अलर्ट जारी किया है। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 से 10 अक्टूबर तक बारिश होने की उम्मीद है। देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्से, जिसमें बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ क्षेत्र शामिल हैं, में भी इसी अवधि के दौरान गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। बेंगलुरु जैसे शहरों में हाल ही में हुई भारी बारिश के बाद, इन क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर विकसित हो रहा नया मौसम सिस्टम इन दक्षिणी और पूर्वी राज्यों में बारिश की गतिविधियों को और तेज कर सकता है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और सामान्य जनजीवन पर असर पड़ सकता है।

नागरिकों के लिए सलाह और सुरक्षा उपाय

इन मौसमी चेतावनियों के मद्देनजर, मौसम विभाग ने नागरिकों को कुछ एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी है। विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां बिजली गिरने और तेज हवाओं का अनुमान है, लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए और सुरक्षित आश्रय लेना चाहिए। किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने की सलाह दी गई है। यात्रा करने वाले लोगों को यात्रा योजनाओं में संभावित देरी या व्यवधानों के लिए तैयार रहना चाहिए और नवीनतम मौसम अपडेट के लिए आधिकारिक स्रोतों पर नजर रखनी चाहिए। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। इन छह दिनों की अवधि में मौसम विभाग की सलाह का पालन करना सभी के लिए सुरक्षित रहेगा।

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लेखक
Dipti Das
दिप्ति दास साकार भारत की रिपोर्टर हैं। वे छत्तीसगढ़ और देश की ताज़ा खबरें, राजनीति, समाज और जनहित के विषयों पर रिपोर्ट करती हैं।

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