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हिमाचल में 18 मई के बाद शुष्क मौसम, तापमान 40°C तक पहुंचने की आशंका

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हिमाचल में 18 मई के बाद शुष्क मौसम, तापमान 40°C तक पहुंचने की आशंका
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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण...

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण मौसम पूर्वानुमान जारी किया है, जिसमें 18 मई के बाद राज्य में एक लंबे शुष्क मौसम और तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि की चेतावनी दी गई है। यह स्थिति महत्वपूर्ण मौसमी प्रणालियों की अनुपस्थिति के कारण उत्पन्न होने की संभावना है, जिसके परिणामस्वरूप निचले और मैदानी इलाकों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हालांकि, अगले दो दिनों तक राज्य के कुछ ऊंचाई वाले और अलग-थलग क्षेत्रों में हल्की बारिश की गतिविधियां देखी जा सकती हैं, लेकिन उसके बाद गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा। IMD के प्रमुख, शोभित कटियार ने बताया कि 24 मई के बाद ही एक नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश की गतिविधियों में फिर से तेजी आने की संभावना है।

शुष्क मौसम और बढ़ते तापमान का अनुमान

IMD के प्रमुख, शोभित कटियार ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अगले तीन दिनों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में किसी भी बड़ी मौसमी गतिविधि की उम्मीद नहीं है। हालांकि, चंबा, लाहौल-स्पीति और कुल्लू जैसे ऊंचाई वाले पहाड़ी जिलों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। कटियार के अनुसार, 18 मई से 23 मई तक हिमाचल प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है। इस अवधि में, महत्वपूर्ण मौसमी प्रणालियों की अनुपस्थिति के कारण अगले सप्ताह में तापमान में लगातार वृद्धि होने की संभावना है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगले 3-4 दिनों में निचले पहाड़ी और मैदानी इलाकों में तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। वर्तमान में, दिन का तापमान निचले पहाड़ी और मैदानी इलाकों में 30-35 डिग्री सेल्सियस के बीच, मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में 24 से 30 डिग्री सेल्सियस और ऊंचाई वाले इलाकों में 18 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है। गुरुवार को ऊना जिले में अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि आसपास के इलाकों में तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।

बारिश की वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाएं

IMD के अधिकारियों ने बताया कि मई के महीने में अब तक राज्य में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। 1 मई से 14 मई के बीच सामान्य बारिश लगभग 33 मिमी होती है, जबकि हिमाचल प्रदेश में इस अवधि में 37 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से लगभग 13 प्रतिशत अधिक है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि शुरुआती मई में राज्य को अच्छी बारिश मिली है। हालांकि, 1 मार्च से 14 मई तक संचयी प्री-मॉनसून बारिश 197 मिमी रही, जबकि सामान्य 210 मिमी होती है, जो लगभग 6 प्रतिशत की कमी दर्शाती है। कटियार ने बताया कि एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ के कारण 24 मई के बाद राज्य में बारिश की गतिविधियां फिर से शुरू हो सकती हैं, जिससे लंबे शुष्क दौर के बाद कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। इस बीच, किसानों और निवासियों को संभावित शुष्क मौसम और गर्मी के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।

लू की चेतावनी और आगामी परिस्थितियाँ

IMD ने अभी तक कोई लू (हीटवेव) की चेतावनी जारी नहीं की है, लेकिन शोभित कटियार ने संकेत दिया कि लगभग 20 से 22 मई के आसपास अलग-अलग क्षेत्रों में लू जैसी स्थिति विकसित हो सकती है। उन्होंने कहा, "हम अगले एक से दो दिनों में विकसित हो रही परिस्थितियों के आधार पर लू की चेतावनी जारी कर सकते हैं।" यह दर्शाता है कि IMD स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल अलर्ट जारी करेगा। बढ़ती गर्मी और शुष्क मौसम की आशंका को देखते हुए, निवासियों को पर्याप्त सावधानी बरतने और निर्जलीकरण से बचने के लिए आवश्यक उपाय करने की सलाह दी गई है। राज्य सरकार और संबंधित विभाग भी संभावित गर्मी के प्रभाव से निपटने के लिए तैयारियों में जुटे हुए हैं।

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