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India’s LVM3 rocket Heaviest Satellite Ever

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India’s LVM3 rocket Heaviest Satellite Ever
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भारत का सबसे ताकतवर रॉकेट India’s LVM3 rocket BlueBird 6 फिर मचाएगा दहाड़, इतिहास का सबसे भारी सैटेलाइट करेगा लॉन्च

भारत एक बार फिर अंतरिक्ष इतिहास में नया अध्याय लिखने जा रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ISRO का सबसे शक्तिशाली रॉकेट LVM3—जिसे ‘बाहुबली’ भी कहा जाता है—बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित Satish Dhawan Space Centre से उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह मिशन सिर्फ तकनीकी सफलता नहीं, बल्कि वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में भारत की बड़ी दावेदारी का प्रतीक माना जा रहा है।

इस बार LVM3 अपने अब तक के सबसे भारी पेलोड को अंतरिक्ष में ले जाएगा। करीब 6,100 किलोग्राम वजनी अमेरिकी सैटेलाइट BlueBird 6 को लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) में स्थापित किया जाएगा। यह अब तक किसी भी भारतीय रॉकेट द्वारा लॉन्च किया गया सबसे भारी उपग्रह होगा। खास बात यह है कि LVM3 का रिकॉर्ड अब तक बेदाग रहा है—आठ मिशन और आठों में पूर्ण सफलता।

क्या है BlueBird 6 की खासियत

BlueBird 6 केवल एक भारी सैटेलाइट नहीं, बल्कि तकनीक के लिहाज से क्रांतिकारी माना जा रहा है। यह उपग्रह सीधे मोबाइल फोन तक इंटरनेट सेवा पहुंचाने में सक्षम है। यानी न तो सैटेलाइट डिश की जरूरत और न ही किसी विशेष ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर की। यह तकनीक सैटेलाइट को सीधे स्मार्टफोन से जोड़ती है।

इस परियोजना से जुड़ी अमेरिकी कंपनी AST SpaceMobile दुनिया भर के 50 से अधिक मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटर्स के साथ साझेदारी कर चुकी है, जो लगभग 3 अरब मोबाइल उपभोक्ताओं को सेवाएं देते हैं।

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हालांकि, भारत में फिलहाल डायरेक्ट-टू-मोबाइल सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं को सरकारी मंजूरी नहीं मिली है, लेकिन भारतीय धरती से इस सैटेलाइट का लॉन्च होना वैश्विक भरोसे और तकनीकी क्षमता को दर्शाता है।

वैश्विक बाजार में भारत की बड़ी छलांग

इस मिशन के साथ भारत सीधे-सीधे बहु-अरब डॉलर के वैश्विक लॉन्च सर्विस मार्केट में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहले से SpaceX, Arianespace और Roscosmos जैसी दिग्गज कंपनियां मौजूद हैं। अनुमान है कि वैश्विक स्पेस लॉन्च बाजार 2033 तक करीब 60 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।

ISRO के लिए हर सफल लॉन्च सिर्फ तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि कमाई और विश्वसनीयता दोनों बढ़ाने का जरिया है। अमेरिका जैसी बड़ी तकनीकी शक्ति का भारत पर भरोसा करना, भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं का वैश्विक प्रमाण है।

कब और कैसे होगा लॉन्च

इस मिशन की 24 घंटे की काउंटडाउन प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। LVM3 रॉकेट बुधवार सुबह 8:55 बजे (भारतीय समय) लॉन्च होगा। उड़ान के करीब 15 मिनट बाद सैटेलाइट को पृथ्वी से लगभग 510 किलोमीटर की ऊंचाई पर कक्षा में स्थापित किया जाएगा।

जब ‘बाहुबली’ रॉकेट की दहाड़ से आसमान गूंजेगा और आग की लपटें श्रीहरिकोटा के आकाश को रोशन करेंगी, तब भारत सिर्फ एक सैटेलाइट लॉन्च नहीं करेगा—बल्कि दुनिया को यह संदेश देगा कि वैश्विक अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा में भारत अब पीछे नहीं, बल्कि अग्रिम पंक्ति में खड़ा है।

साकार भारत के लिए विशेष रिपोर्ट।

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लेखक
Karan Singh
Karan, a seasoned journalist, reports with accuracy and integrity, covering diverse issues that impact society and delivering reliable news to readers.