उज्जैन में टस से मस न हुई हनुमान प्रतिमा, अब भक्ति का सहारा
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मध्य प्रदेश के पवित्र शहर उज्जैन में मंगलनाथ मंदिर के समीप शिप्रा नदी के किनारे स्थित भगवान हनुमान की एक प्राचीन प्रतिमा को हटाने के सभी भौतिक प्रयास विफल साबित हुए हैं। नदी के कटाव और सुरक्षा कारणों से प्रतिमा को स्थानांतरित करना आवश्यक हो गया था, जिसके चलते पिछले कई दिनों से स्थानीय प्रशासन और श्रद्धालुओं द्वारा अथक कोशिशें की जा रही थीं। भारी-भरकम मशीनों, जैसे जेसीबी और क्रेन का इस्तेमाल करने के बावजूद, प्रतिमा टस से मस नहीं हुई। इस अप्रत्याशित विफलता के बाद, अब 'शक्ति' के बजाय 'भक्ति' का सहारा लिया जा रहा है, जिसे स्थानीय लोग भगवान का चमत्कार मान रहे हैं और यह घटना पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है।
असफल रहे मशीनी प्रयास
प्रशासन ने प्रतिमा को स्थानांतरित करने का निर्णय शिप्रा नदी के लगातार हो रहे कटाव और प्रतिमा के लिए बढ़ते खतरे को देखते हुए लिया था। शुरुआती अनुमान था कि प्रतिमा को आसानी से हटाया जा सकेगा और इसके लिए पर्याप्त तैयारियां की गई थीं। सबसे पहले, छोटी मशीनों से
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