नवा रायपुर में भव्य तीज उत्सव: सीएम साय-रमन सिंह ने की शिरकत | Raipur News Today
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आज की रायपुर खबर के अनुसार... नवा रायपुर में आज आयोजित हुए भव्य तीज उत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने शिरकत की। यह आयोजन नारी शक्ति का सम्मान करने, छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत रखने और प्रदेश भर की महिलाओं को एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया था। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय के पास स्थित विशाल मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में महिलाएं अपने पारंपरिक परिधानों में सज-धज कर पहुंचीं और उत्साहपूर्वक उत्सव का हिस्सा बनीं। इस मौके पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, पारंपरिक पकवानों के स्टॉल और विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिन्होंने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।
'तीज उत्सव' का भव्य आयोजन और उद्देश्य
नवा रायपुर में आयोजित इस तीज उत्सव को अत्यंत भव्यता और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर महिलाओं की भीड़ उमड़ने लगी थी, जो अपने परिवार और सहेलियों के साथ इस विशेष दिन को मनाने के लिए उत्सुक थीं। पूरे परिसर को पारंपरिक छत्तीसगढ़ी कलाकृतियों और फूलों से सजाया गया था, जिससे एक मनमोहक और सांस्कृतिक माहौल निर्मित हुआ। आयोजन का मुख्य उद्देश्य हरितालिका तीज के महत्व को रेखांकित करना और छत्तीसगढ़ की महिलाओं को एक ऐसा मंच प्रदान करना था, जहाँ वे अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं का खुले दिल से प्रदर्शन कर सकें। लगभग 5000 से अधिक महिलाओं की उपस्थिति ने इस आयोजन की सफलता को और भी स्पष्ट कर दिया। विभिन्न प्रकार के झूले लगाए गए थे, जहाँ महिलाएं झूलों का आनंद ले रही थीं। इसके साथ ही, मेहंदी लगाने वाले कलाकारों के स्टॉल पर भी भारी भीड़ देखी गई, जहाँ महिलाएं अपने हाथों पर सुंदर डिजाइनों से सजी मेहंदी लगवा रही थीं। इस उत्सव ने महिलाओं को एक-दूसरे से जुड़ने, खुशियाँ साझा करने और अपनी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने का अवसर प्रदान किया।
मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष का प्रेरक संबोधन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर महिलाओं को तीज की शुभकामनाएँ दीं और नारी शक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी उन्नति के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है, जिसमें 'महतारी वंदन योजना' विशेष रूप से उल्लेखनीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं समाज की रीढ़ हैं और उनके बिना किसी भी समाज की प्रगति संभव नहीं है। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रखें और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाएं। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी महिलाओं को संबोधित करते हुए तीज पर्व के आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी परंपराओं को जीवित रखते हैं और हमें अपनी संस्कृति से जोड़े रखते हैं। डॉ. रमन सिंह ने महिलाओं की मेहनत और लगन की सराहना की, जो घर और बाहर दोनों जगह अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाती हैं। दोनों नेताओं ने उपस्थित महिलाओं के साथ संवाद किया और उनके जीवन में खुशहाली की कामना की।
नारी शक्ति का प्रदर्शन और सांस्कृतिक रंग
इस तीज उत्सव का एक प्रमुख आकर्षण विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां थीं, जिन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला और संस्कृति को दर्शाया। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आई महिला कलाकारों ने पारंपरिक छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य, गीत और लघु नाटिकाओं का प्रदर्शन किया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंज उठा। कार्यक्रम स्थल पर महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) द्वारा लगाए गए 100 से अधिक स्टॉल भी थे, जहाँ स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक पकवान, जैविक उत्पाद और अन्य घरेलू वस्तुएं प्रदर्शित की जा रही थीं। इन स्टॉलों ने महिलाओं को अपने उत्पादों को बेचने और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का अवसर प्रदान किया। यह पहल महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। कई महिलाओं ने पारंपरिक पकवानों जैसे ठेठरी, खुर्मी, चीला और फरा के स्टॉल लगाए थे, जिनका स्वाद चखने के लिए लोगों की लंबी कतारें लगी थीं।
सामुदायिक सौहार्द और भविष्य की प्रेरणा
नवा रायपुर में आयोजित इस तीज उत्सव ने न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया, बल्कि सामुदायिक सौहार्द और एकता का भी संदेश दिया। विभिन्न वर्गों और समुदायों की महिलाओं ने एक साथ मिलकर इस पर्व को मनाया, जो सामाजिक समरसता का प्रतीक था। इस आयोजन ने युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने और अपनी परंपराओं का सम्मान करने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और डॉ. रमन सिंह की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी गरिमामय बना दिया। सरकार की ओर से ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों को निरंतर समर्थन देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई, ताकि प्रदेश की अनमोल विरासत को संरक्षित और संवर्धित किया जा सके। इस भव्य उत्सव की सफलता ने भविष्य में ऐसे और भी बड़े आयोजनों की उम्मीद जगाई है, जो न केवल छत्तीसगढ़ की संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाएंगे, बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह उत्सव नवा रायपुर को एक जीवंत सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक और मील का पत्थर साबित हुआ।