रायपुर गणेश विसर्जन: खारून नदी में नहीं, कुंड में होगा प्रतिमाओं का विसर्जन | Raipur News Today
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आज की रायपुर खबर के अनुसार... राजधानी रायपुर में आगामी गणेश उत्सव एवं विसर्जन को देखते हुए नगर निगम ने गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन हेतु विस्तृत व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। नगर निगम आयुक्त संबीत मिश्रा ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि खारून नदी में मूर्तियों का विसर्जन किसी भी परिस्थिति में नहीं होगा। इसके बजाय, सभी प्रतिमाओं का विसर्जन खारून नदी के किनारे बनाए गए निर्धारित विसर्जन कुंडों में ही किया जाएगा। यह निर्णय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने और नदी के जल को प्रदूषण से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है। निगम ने इस संबंध में अधिकारियों की एक समिति भी गठित की है ताकि व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से लागू किया जा सके।
खारून नदी में विसर्जन पर पूर्ण प्रतिबंध
नगर निगम आयुक्त संबीत मिश्रा ने गणेश उत्सव और गणेश विसर्जन के दौरान नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और राज्य शासन द्वारा जारी सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के तहत, खारून नदी में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। यह कदम नदी के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने और जल प्रदूषण को रोकने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। विसर्जन से पहले, श्रद्धालुओं से आग्रह किया गया है कि वे प्रतिमाओं से सभी पूजन सामग्री को अलग कर दें। इन सामग्रियों को निगम द्वारा उपयुक्त स्थलों पर एकत्रित कर निस्तारित किया जाएगा, जिससे पर्यावरणीय स्वच्छता बनी रहे। निगम ने इस पहल के माध्यम से धार्मिक परंपराओं और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास किया है, जो वर्तमान समय की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। इस व्यवस्था से न केवल नदी के जल को स्वच्छ रखा जा सकेगा, बल्कि धार्मिक अनुष्ठानों की गरिमा भी बनी रहेगी।
ध्वनि प्रदूषण और यातायात नियंत्रण पर सख्ती
गणेश विसर्जन के दौरान अक्सर सामने आने वाली ध्वनि प्रदूषण और यातायात बाधा की समस्या को नियंत्रित करने के लिए भी नगर निगम ने सख्त कदम उठाए हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के दिशानिर्देशों के अनुरूप, ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उत्सव का माहौल बना रहे, लेकिन साथ ही नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अतिरिक्त, सड़कों पर यातायात को बाधित करने वाले गणेश पंडालों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निगम ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को इस संबंध में सूचित कर संयुक्त रूप से अभियान चलाने की योजना बनाई है, ताकि यातायात सुचारु बना रहे और आम जनता को परेशानी न हो। इन उपायों से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि गणेश विसर्जन का पर्व शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो, जिससे सभी नागरिक बिना किसी बाधा के इसका आनंद ले सकें।
महादेव घाट पर प्रशासनिक समिति का गठन
गणेश विसर्जन स्थल महादेव घाट, जो खारून नदी के तट पर स्थित है, पर संपूर्ण प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा एक विशेष समिति का गठन किया गया है। इस समिति में निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिन्हें गणेश विसर्जन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति से निपटने और आवश्यक सेवाएं प्रदान करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। समिति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विसर्जन प्रक्रिया शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल तरीके से संपन्न हो। इसमें सुरक्षा व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं और पानी की उपलब्धता जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं शामिल होंगी। समिति के नोडल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर सभी व्यवस्थाओं की निगरानी करने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। यह समिति विसर्जन के दिनों में 24 घंटे सक्रिय रहेगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और वे सुरक्षित रूप से विसर्जन प्रक्रिया पूरी कर सकें।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति निगम की प्रतिबद्धता और जनभागीदारी
रायपुर नगर निगम ने गणेश उत्सव के दौरान पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। खारून नदी में विसर्जन पर प्रतिबंध लगाकर और विसर्जन कुंडों का उपयोग अनिवार्य कर, निगम ने शहर के महत्वपूर्ण जल निकायों को स्वच्छ रखने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। यह पहल केवल नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के निर्देशों का पालन मात्र नहीं है, बल्कि यह शहर के नागरिकों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है। निगम ने विभिन्न माध्यमों से श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इन नियमों का पालन करें और विसर्जन प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग दें। प्रदूषण को कम करने के लिए प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) की मूर्तियों के बजाय मिट्टी से बनी या इको-फ्रेंडली मूर्तियों के उपयोग को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि विसर्जन के बाद पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव न्यूनतम हो। निगम का मानना है कि जनभागीदारी के बिना ऐसे महत्वपूर्ण पर्यावरणीय लक्ष्यों को प्राप्त करना संभव नहीं है और शहर की हर एक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वे इस पवित्र पर्व को पर्यावरण-अनुकूल तरीके से मनाएं। इन व्यापक व्यवस्थाओं और सख्त दिशानिर्देशों के माध्यम से, रायपुर नगर निगम का लक्ष्य है कि गणेश विसर्जन एक सुरक्षित, व्यवस्थित और पर्यावरण-हितैषी तरीके से संपन्न हो, जिससे धार्मिक आस्था और प्रकृति के संरक्षण के बीच एक सुंदर सामंजस्य स्थापित हो सके। यह दीर्घकालिक दृष्टि शहर को अधिक स्वच्छ और हरा-भरा बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।