छत्तीसगढ़: बच्चों के उज्ज्वल भविष्य हेतु CM साय-यूनिसेफ का मास्टर प्लान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाल ही में रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में यूनिसेफ (UNICEF) के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ में बच्चों के बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने और उनके समग्र विकास के लिए एक व्यापक 'मास्टर प्लान' या 'विजन डॉक्यूमेंट' तैयार करने पर महत्वपूर्ण सहमति बनी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में बच्चों के पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और संरक्षण से संबंधित मौजूदा चुनौतियों का समाधान करना है, ताकि उन्हें सुरक्षित, स्वस्थ और शिक्षित वातावरण मिल सके और वे अपनी पूरी क्षमता का एहसास कर सकें। यह पहल राज्य के बाल कल्याण कार्यक्रमों को एक नई दिशा प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री का विज़न और यूनिसेफ का सहयोगमुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि उनकी सरकार बच्चों के कल्याण को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों का भविष्य ही राज्य का भविष्य है, और इसलिए उनके विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री ने यूनिसेफ के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उनके तकनीकी विशेषज्ञता और वैश्विक अनुभव से छत्तीसगढ़ को बाल विकास के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से प्राप्त करने में मदद मिलेगी। उन्होंने राज्य में कुपोषण दर को कम करने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने, बाल विवाह और बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराइयों को जड़ से खत्म करने तथा प्रत्येक बच्चे को सुरक्षा प्रदान करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ययूनिसेफ के साथ मिलकर एक ऐसी कार्ययोजना बनाएं जो जमीन पर ठोस परिणाम दे सके।
यूनिसेफ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के विजन का पूरी तरह से समर्थन...
यूनिसेफ के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के विजन का पूरी तरह से समर्थन किया और राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि यूनिसेफ बच्चों के अधिकारों की वकालत करता है और छत्तीसगढ़ में बाल-केंद्रित नीतियों को मजबूत करने तथा उनके कार्यान्वयन में पूरा सहयोग देगा। यूनिसेफ की टीम ने बच्चों के लिए सुरक्षित और समावेशी वातावरण बनाने के लिए तकनीकी सहायता, क्षमता निर्माण और नवाचारों को साझा करने का आश्वासन दिया। यह साझेदारी बच्चों के जीवन में स्थायी बदलाव लाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मास्टर प्लान के प्रमुख बिंदु
प्रस्तावित मास्टर प्लान में कई महत्वपूर्ण और दूरगामी बिंदुओं को शामिल किया जाएगा, जो बच्चों के समग्र विकास के लिए एक बहुआयामी दृष्टिकोण प्रदान करेंगे:।
पोषण:कुपोषण से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। इसमें गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के लिए विशेष पोषण कार्यक्रम, आंगनवाड़ी सेवाओं का सुदृढ़ीकरण, समुदाय आधारित जागरूकता अभियान और पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता सुनिश्चित करना शामिल होगा। लक्ष्य है कि अगले पांच वर्षों में कुपोषण दर में 10-15 प्रतिशत तक कमी* लाई जाए, विशेषकर 0 से 5 वर्ष के बच्चों में।
शिक्षा:गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसमें स्कूलों में बुनियादी ढांचे का विकास, शिक्षकों का नियमित प्रशिक्षण, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना, बच्चों के सीखने के परिणामों में सुधार और ड्रॉपआउट दरों को कम करने के लिए विशेष कार्यक्रम शामिल हैं। प्राथमिक शिक्षा में 95 प्रतिशत नामांकन दर हासिल करने और माध्यमिक स्तर पर ड्रॉपआउट को 5 प्रतिशत से नीचे लाने* का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।
स्वास्थ्य:बच्चों के स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाएगा, जिसमें टीकाकरण कवरेज बढ़ाना, शिशु मृत्यु दर कम करना, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम और संक्रामक रोगों की रोकथाम शामिल हैं। शिशु मृत्यु दर को प्रति हजार जीवित जन्मों पर 25 से नीचे लाने और मातृ मृत्यु दर को भी उल्लेखनीय रूप से कम करने* का लक्ष्य है।
संरक्षण:बच्चों के खिलाफ हिंसा, शोषण और दुर्व्यवहार को रोकने के लिए मजबूत कानूनी और सामाजिक तंत्र विकसित किए जाएंगे। इसमें बाल संरक्षण सेवाओं का विस्तार, चाइल्डलाइन जैसी हेल्पलाइन सेवाओं को और प्रभावी बनाना, समुदाय में जागरूकता बढ़ाना और बाल-मित्र पुलिसिंग को बढ़ावा देना शामिल है। बाल श्रम और बाल विवाह को पूरी तरह से समाप्त करने* की दिशा में व्यापक अभियान चलाए जाएंगे।
आगामी कदम और दीर्घकालिक प्रभाव
इस मास्टर प्लान को अंतिम रूप देने के लिए एक संयुक्त कार्य समूह का तत्काल गठन किया जाएगा। इस समूह में राज्य सरकार के संबंधित विभागों जैसे महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास के अधिकारी और यूनिसेफ के विशेषज्ञ शामिल होंगे। यह समूह विस्तृत कार्ययोजना, स्पष्ट समय-सीमा और प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित करेगा। योजना के कार्यान्वयन की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी और आवश्यकतानुसार संशोधन किए जाएंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि लक्ष्य प्राप्त किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ के बच्चों के लिए एक नए युग की शुरुआत करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस समग्र और समन्वित दृष्टिकोण से राज्य में बच्चों के जीवन में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन आएंगे, जिससे वे एक उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ सकेंगे।
यूनिसेफ के प्रतिनिधियों ने भी इस साझेदारी की सफलता के प्रति अपनी गहरी आशा व्यक्त की और कहा कि यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है। इस मास्टर प्लान से दीर्घकालिक रूप से छत्तीसगढ़ में मानव विकास सूचकांकों में महत्वपूर्ण सुधार होने की उम्मीद है, जिससे राज्य की समग्र प्रगति को गति मिलेगी। इस पहल का अंतिम लक्ष्य समाज के सबसे कमजोर तबके तक विकास का लाभ पहुंचाना और यह सुनिश्चित करना है कि छत्तीसगढ़ का प्रत्येक बच्चा स्वस्थ, शिक्षित और सुरक्षित वातावरण में पले-बढ़े।
और पढ़ें
- छत्तीसगढ़ न्यूज़
- ताज़ा खबरें
- प्रणय ने ऑल इंडिया सीनियर बैडमिंटन फाइनल में जगह बनाई, NIILM गौरवान्वित
- गुंडिचा मंदिर से श्रीमंदिर लौटे महाप्रभु, गरियाबंद में गूंजा जय जगन्नाथ
- बिलासपुर में तीन दिनी श्रीराम श्रद्धा यात्रा शुरू, उमड़ा आस्था का सैलाब
- 200 बालिका खिलाड़ियों ने फुटबॉल ट्रायल में दिखाई प्रतिभा