रायपुर बनेगा उद्योगों का राष्ट्रीय केंद्र: CM साय से मिला लघु उद्योग भारती दल | Raipur News Today
आज की रायपुर खबर के अनुसार... छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से लघु उद्योग भारती के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में रायपुर में मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण बैठक का मुख्य उद्देश्य रायपुर को देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में से एक के रूप में स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करना और राज्य में लघु तथा सूक्ष्म उद्योगों के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान खोजना था। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष विभिन्न मुद्दों और सुझावों को प्रस्तुत किया, जिनका लक्ष्य राज्य में औद्योगिक विकास को गति देना, अधिक निवेश आकर्षित करना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। यह मुलाकात छत्तीसगढ़ को एक सशक्त औद्योगिक राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जहां सरकारी नीतियों और औद्योगिक आवश्यकताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके।
रायपुर को राष्ट्रीय औद्योगिक केंद्र बनाने की महत्वाकांक्षी पहल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर को राष्ट्रीय औद्योगिक केंद्र बनाने की परिकल्पना को साकार करने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योगों के विकास की अपार संभावनाएं हैं, विशेषकर रायपुर में, जो भौगोलिक रूप से केंद्रीय स्थिति और उत्कृष्ट कनेक्टिविटी के कारण निवेश के लिए एक आदर्श स्थान है। मुख्यमंत्री ने राज्य में व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ाने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर जोर दिया, ताकि नए उद्योगों को स्थापित करने और मौजूदा उद्योगों को विस्तार देने में आसानी हो। उन्होंने लघु उद्योग भारती के सदस्यों को आश्वासन दिया कि उनकी सरकार उद्योगों के लिए एक अनुकूल माहौल बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी, जिसमें नीतिगत सुधार, बुनियादी ढांचे का विकास और वित्तीय प्रोत्साहन शामिल हैं। यह पहल न केवल बड़े उद्योगों को आकर्षित करेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को भी सशक्त बनाएगी, जो राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।
लघु उद्योग भारती की प्रमुख माँगें और सुझाव
लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष उद्योगों, विशेषकर लघु उद्योगों से संबंधित कई महत्वपूर्ण माँगें और सुझाव प्रस्तुत किए। प्रतिनिधिमंडल ने भूमि आवंटन की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी तथा त्वरित बनाने, बिजली की दरों को प्रतिस्पर्धी रखने और उद्योगों के लिए ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने सिंगल विंडो सिस्टम को अधिक प्रभावी बनाने और नौकरशाही की बाधाओं को कम करने की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि उद्यमियों को विभिन्न अनुमतियाँ प्राप्त करने में अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े। प्रतिनिधिमंडल ने सुझाव दिया कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए सरकारी खरीद में MSMEs को प्राथमिकता दी जाए और कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योगों की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर बुनियादी ढांचे, जैसे सड़क, पानी और अपशिष्ट प्रबंधन सुविधाओं के विकास की मांग की, जो उद्योगों के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक हैं।
मुख्यमंत्री का आश्वासन और भावी योजनाएँ
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और उनके समाधान के लिए त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार लघु उद्योग भारती द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार करेगी और उन्हें राज्य की औद्योगिक नीति में शामिल करने का प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री ने औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने, बिजली आपूर्ति को सुचारु करने और उद्योगों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए विशेष योजनाएँ बनाने की बात कही। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार नए औद्योगिक गलियारों के विकास और विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZs) की स्थापना पर विचार कर रही है, जो निवेश को आकर्षित करने और रोजगार सृजित करने में सहायक होंगे। यह कदम छत्तीसगढ़ को न केवल एक औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगा, बल्कि राज्य के समग्र आर्थिक विकास को भी गति प्रदान करेगा, जिससे स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा और प्रदेश आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने लघु उद्योग भारती को राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने और छत्तीसगढ़ के औद्योगिक भविष्य को उज्ज्वल बनाने का आह्वान किया।