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बिलासपुर को जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क की सौगात, स्वर्णकला बोर्ड गठित होगा

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बिलासपुर को जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क की सौगात, स्वर्णकला बोर्ड गठित होगा
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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर को सराफा उद्योग में एक बड़ी सौगात मिली है। रविवार, 10 दिसंबर 2023 को आयोजित 'सराफा महासम्मेलन' के दौरान, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिलासपुर में एक अत्याधुनिक जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क की स्थापना की घोषणा की। साथ ही, राज्य में स्वर्णकला बोर्ड के गठन पर भी सहमति बनी। इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक स्वर्णकला को संरक्षण देना, कारीगरों को सशक्त करना और राज्य के सराफा उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। यह कदम बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के सराफा कारोबारियों और कारीगरों के लिए महत्वपूर्ण है, जो रोजगार के नए अवसर सृजित कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देगा।

जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क: एक नया मील का पत्थर

बिलासपुर में प्रस्तावित जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क राज्य के सराफा उद्योग को नया आयाम देगा। राज्य सरकार ने इसके लिए प्रारंभिक तौर पर 10 एकड़ भूमि चिह्नित की है और 200 करोड़ रुपये का बजट आवंटित करने की योजना बनाई है। यह पार्क आभूषण डिजाइनिंग, कटिंग, पॉलिशिंग और फिनिशिंग के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसमें एक कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC), टेस्टिंग लैब, डिस्प्ले एवं मार्केटिंग ज़ोन और प्रशिक्षण केंद्र भी होंगे। यह छोटे-मध्यम सराफा कारोबारियों को वैश्विक मानकों के अनुरूप उत्पाद बनाने में सहायक होगा। पार्क से स्थानीय कारीगरों को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे उनकी दक्षता बढ़ेगी। यह पार्क अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए व्यापार मेलों का भी आयोजन करेगा। यह बिलासपुर को मध्य भारत में जेम्स एंड ज्वेलरी का प्रमुख केंद्र बनाएगा और राज्य के निर्यात को बढ़ावा देगा। सरकार का मानना है कि यह पहल 'मेक इन इंडिया' अभियान में अपना योगदान देगी और राज्य में आर्थिक गतिविधियों को तेज करेगी।

स्वर्णकला बोर्ड का गठन: कलाकारों को मिलेगी पहचान

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा स्वर्णकला बोर्ड के गठन पर सहमति सराफा उद्योग से जुड़े हजारों कारीगरों के लिए सम्मान का प्रतीक है। इस बोर्ड का प्राथमिक उद्देश्य राज्य की समृद्ध स्वर्णकला परंपराओं को संरक्षित करना और उन्हें आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुरूप ढालना है। यह बोर्ड पारंपरिक कारीगरों को कौशल विकास प्रशिक्षण देगा, नई तकनीकों से अवगत कराएगा और उनके उत्पादों के लिए राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद करेगा। स्वर्णकला बोर्ड के माध्यम से कारीगरों को आवश्यक वित्तीय सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन और कानूनी संरक्षण मिलेगा। यह बोर्ड राज्य में स्वर्णकला नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और सरकार को इस क्षेत्र के विकास के लिए सुझाव देगा। इसमें सराफा उद्योग के अनुभवी प्रतिनिधियों, कला विशेषज्ञों और स्वयं कारीगरों को शामिल किया जाएगा, ताकि उनके अनुभवों और विशेषज्ञता का लाभ उठाया जा सके। यह गठन छत्तीसगढ़ की अद्वितीय कलात्मक विरासत को पुनर्जीवित करने और कारीगरों को उनकी कला का उचित मूल्य दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। यह पहल बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में प्रचलित आदिवासी आभूषण कला को भी प्रोत्साहन देगी।

सराफा महासम्मेलन: उद्योग की आवाज

बिलासपुर में आयोजित 'सराफा महासम्मेलन' ने राज्य के सराफा उद्योग के विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाया। इस सम्मेलन में राज्य भर से 500 से अधिक सराफा कारोबारी, आभूषण डिजाइनर, कारीगर और सरकारी अधिकारी शामिल हुए। महासम्मेलन में उद्योग के सामने आने वाली चुनौतियों, जैसे जीएसटी मुद्दे, कच्चे माल की उपलब्धता, सुरक्षा संबंधी चिंताएं और नवीनतम तकनीकों को अपनाने पर गहन चर्चा हुई। सम्मेलन के दौरान कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए और सरकार से उनके समाधान के लिए आग्रह किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने संबोधन में उद्योग की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समाधान के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सराफा उद्योग को एक महत्वपूर्ण आर्थिक इंजन मानती है और इसके विकास के लिए प्रतिबद्ध है। जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क और स्वर्णकला बोर्ड की घोषणा इसी प्रतिबद्धता का परिणाम है। इस महासम्मेलन ने सरकार और उद्योग के बीच संवाद के लिए एक मजबूत सेतु बनाया है, जिससे भविष्य में नीति निर्माण और क्रियान्वयन में अधिक समन्वय स्थापित हो सकेगा। सराफा कारोबारियों ने इस पहल का गर्मजोशी से स्वागत किया और इसे उद्योग के लिए एक नए युग की शुरुआत बताया।

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