जी राम जी योजना: छत्तीसगढ़ में भारत सरकार का **₹1593 करोड़** का निवेश
रायपुर। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत छत्तीसगढ़ में किए जा रहे कार्यों का विस्तृत ब्योरा आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने इस योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में अब तक का सबसे बड़ा निवेश किया है, जिसका उद्देश्य प्रदेश के लोगों की आजीविका को सशक्त बनाना और 'विकसित भारत' के विजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना है। यह योजना राज्य के समग्र विकास को गति प्रदान करेगी, जिसमें रोजगार सृजन, जल सुरक्षा, और सामाजिक इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 551 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है, जिससे अब तक छत्तीसगढ़ को कुल 1593 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त हुई है।
विशाल निवेश और आर्थिक सशक्तिकरण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रेस वार्ता में 'जी राम जी योजना' को लोगों की आजीविका सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण साधन बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह योजना 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने में एक बड़ी भूमिका निभाएगी, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करके। इस योजना के तहत हर साल पंजीकृत श्रमिकों को न्यूनतम 125 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। योजना में कुल 118 तरह के काम शामिल किए गए हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में कौशल विकास और स्थानीय संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि श्रमिकों को उनकी मजदूरी का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाएगा। मनरेगा के तहत 450 करोड़ रुपए का काम पहले ही स्वीकृत हो चुका है, जिसमें से 395 करोड़ रुपए का भुगतान भी किया जा चुका है। यह त्वरित भुगतान श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने और आर्थिक स्थिरता प्रदान करने में सहायक होगा।
जल सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण
'जी राम जी योजना' का एक प्रमुख स्तंभ जल सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि इस योजना के तहत 107 तरह के जल संरक्षण के कार्य किए जाएंगे। इन कार्यों में जल संचयन संरचनाओं का निर्माण, तालाबों और नहरों का जीर्णोद्धार, और भूजल स्तर को बढ़ाने के उपाय शामिल हैं। इसके अलावा, योजना में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास और आजीविका संवर्धन से संबंधित कार्य भी शामिल हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद करेंगे। योजना जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने, पशुपालन को बढ़ावा देने, प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम स्थापित करने और वनाग्नि (फॉरेस्ट फायर) की रोकथाम के लिए भी प्रावधान करती है। इन उपायों से न केवल प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण होगा, बल्कि कृषि और संबंधित क्षेत्रों में भी स्थायी विकास सुनिश्चित होगा, जिससे किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी।
तीन प्रमुख अभियान: समाज कल्याण की दिशा में
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 'जी राम जी योजना' के तहत चलाए जाने वाले तीन प्रमुख अभियानों का भी विस्तृत उल्लेख किया, जो सीधे तौर पर सामाजिक कल्याण और बुनियादी सुविधाओं में सुधार पर केंद्रित हैं।
पहला अभियान, 'मेरी बेटी, मेरा अभिमान' है, जिसके तहत 6524 विद्यालयों में बालिकाओं के लिए अलग से शौचालय का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक शौचालय के निर्माण पर 4 लाख 30 हजार रुपए खर्च होंगे। यह पहल बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने और उन्हें सुरक्षित व स्वच्छ वातावरण प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
दूसरा अभियान, 'मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय का निर्माण' है। इस अभियान के तहत राज्य भर में 549 मुक्तिधामों का निर्माण किया जाएगा, जिससे अंतिम संस्कार के लिए गरिमामय स्थान उपलब्ध हो सके। प्रत्येक मुक्तिधाम के निर्माण पर 6 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है, और इस कार्य को 26 जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह ग्रामीण समुदायों के लिए एक आवश्यक सुविधा है।
तीसरा अभियान, 'मोर गांव मोर पानी' के तहत कार्य किया जाएगा, हालांकि इसके विस्तृत ब्योरे अभी जारी नहीं किए गए हैं। यह अभियान संभवतः ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता और जल प्रबंधन को बेहतर बनाने पर केंद्रित होगा, जो ग्रामीणों के स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन तीनों अभियानों से छत्तीसगढ़ के सामाजिक और सामुदायिक जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।