Journalists Writing Promotes Tourism
पत्रकारों की लेखनी पर्यटन संवर्धन का सशक्त माध्यम: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर, 21 दिसंबर 2025। राजस्थान के अंतर्राज्यीय अध्ययन भ्रमण से लौटे छत्तीसगढ़ के पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर पत्रकारों ने 15 से 20 दिसंबर के दौरान राजस्थान प्रवास में वहां की विधायिका, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और पर्यटन क्षेत्र में हुए नवाचारों के अनुभव साझा किए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पत्रकारों के लिए अंतर्राज्यीय अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम इसलिए प्रारंभ किया है ताकि अन्य राज्यों की शासन-प्रशासन व्यवस्था, सांस्कृतिक धरोहर और पर्यटन विकास के नवाचारी मॉडलों को समझा जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसे भ्रमणों से मिले अनुभव छत्तीसगढ़ में नई और प्रभावी पहलों की नींव बन सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से आग्रह किया कि वे इस यात्रा के अनुभवों को यात्रा-वृत्तांत के रूप में प्रस्तुत करें, जिससे यह आम पर्यटकों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पत्रकारों की लेखनी केवल सूचना का माध्यम नहीं है, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने का एक सशक्त साधन भी है।
प्रदेश में पर्यटन की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार पर्यटन के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बस्तर क्षेत्र का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह इलाका प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है, लेकिन लंबे समय तक नक्सलवाद इसके विकास में बाधक रहा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के संकल्प के अनुरूप मार्च 2026 तक नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में राज्य सरकार पूरी दृढ़ता से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को नई उद्योग नीति में शामिल किया गया है। इसके तहत सुदूर वनांचलों में होम-स्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे पर्यटक ग्रामीण जीवन, संस्कृति और खान-पान को करीब से अनुभव कर सकें। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने विश्व के प्रमुख पर्यटन स्थलों में धुड़मारास के चयन को प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।
भ्रमण से लौटे पत्रकारों ने राजस्थान विधानसभा संग्रहालय, ऐतिहासिक किलों-महलों के पर्यटन मॉडल, रेगिस्तानी गतिविधियों और चोखी ढाणी जैसे सांस्कृतिक केंद्रों के अनुभव साझा किए। उन्होंने सुझाव दिया कि इसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, बस्तर पंडुम और पारंपरिक व्यंजनों को पर्यटन से जोड़ा जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि इन पर गंभीरता से विचार कर उन्हें अमल में लाया जाएगा। इस अवसर पर प्रेस अधिकारी आलोक सिंह, जनसंपर्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित थे।
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