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वन विभाग की बड़ी कार्रवाई – शिकारियों की गिरफ्तारी

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वन विभाग की बड़ी कार्रवाई – शिकारियों की गिरफ्तारी
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ समेत देश के कई हिस्सों में वन विभाग ने अवैध शिकार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शिकारियों के एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, साथ ही उनके पास से हथियार, फंदे और वन्यजीवों के अवशेष भी बरामद किए गए हैं। वन विभाग की इस सख्ती से वन्यजीव तस्करों में हड़कंप मच गया है और क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, वन विभाग को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि कुछ लोग जंगलों में सक्रिय होकर दुर्लभ वन्यजीवों का शिकार कर रहे हैं और उनकी तस्करी कर रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने गुप्त रूप से निगरानी शुरू की। कई दिनों तक चली इस निगरानी के बाद टीम ने सटीक लोकेशन पर छापा मारकर आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया।

कार्रवाई के दौरान वन अधिकारियों ने आरोपियों के पास से देशी बंदूकें, धारदार हथियार, जाल, फंदे और कई प्रतिबंधित वन्यजीव उत्पाद बरामद किए हैं। इनमें जानवरों की खाल, सींग और अन्य अंग शामिल हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग होती है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और कई राज्यों में अपने नेटवर्क के जरिए तस्करी को अंजाम दे रहा था।

वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने क्या बताया

वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “वन्यजीवों का अवैध शिकार न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे पर्यावरण संतुलन भी बिगड़ता है। हमारी टीम लगातार ऐसे गिरोहों पर नजर बनाए हुए है और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी मिल सके।

उत्पाद लोड हो रहे हैं…

इस कार्रवाई के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी सतर्क हो गई है। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम अब जंगलों में नियमित गश्त बढ़ाने की योजना बना रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। साथ ही ग्रामीणों को भी जागरूक किया जा रहा है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दें।

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध शिकार की घटनाएं जैव विविधता के लिए गंभीर खतरा हैं। इससे कई प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर पहुंच जाती हैं। ऐसे में वन विभाग की यह कार्रवाई सराहनीय है और इससे अन्य शिकारियों के लिए भी कड़ा संदेश जाएगा। विशेषज्ञों ने सरकार से अपील की है कि वन्यजीव संरक्षण के लिए और सख्त कानून लागू किए जाएं तथा निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाए।

गौरतलब है कि भारत में वन्यजीव संरक्षण के लिए वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 लागू है, जिसके तहत शिकार और तस्करी करने वालों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान है। इसके बावजूद कुछ लोग लालच में आकर इस तरह के अपराधों को अंजाम देते हैं। ऐसे में जरूरी है कि कानून का सख्ती से पालन कराया जाए और दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले।

स्थानीय लोगों ने भी वन विभाग की इस कार्रवाई का समर्थन किया है। उनका कहना है कि जंगल और वन्यजीव उनके जीवन का अहम हिस्सा हैं और इन्हें बचाना सभी की जिम्मेदारी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रखी जाए और जंगलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग करें और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में अवैध शिकार करने वालों के खिलाफ और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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