देश 8 मिनट पढ़ें

चौरीचौरा में 'माय भारत' अभियान को SDM की प्रशासनिक मजबूती

23 व्यूज़
चौरीचौरा में 'माय भारत' अभियान को SDM की प्रशासनिक मजबूती
देश

चौरीचौरा, गोरखपुर। स्थानीय उपजिलाधिकारी श्रीमान फुल्लन कुमार मिश्रा ने हाल ही में 'माय भारत' अभियान को ज़मीनी स्तर पर अधिक प्रभावी बनाने और उसकी पहुंच बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाए हैं। बीते मंगलवार को उपजिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में, उन्होंने खंड विकास, शिक्षा और पूर्ति विभागों के प्रमुख अधिकारियों के साथ गहन विचार-विमर्श किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ना, सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता फैलाना है। उपजिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ये तीनों विभाग समन्वय स्थापित कर 'माय भारत' अभियान के लक्ष्यों को प्राप्त करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि यह अभियान केवल कागजों तक सीमित न रहकर आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सके। यह निर्णय अभियान को आवश्यक प्रशासनिक ढांचा प्रदान करने के साथ-साथ उसकी गति और प्रभावशीलता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

'माय भारत' अभियान की पृष्ठभूमि और व्यापक उद्देश्य

'माय भारत' अभियान, जिसका पूरा नाम मेरा युवा भारत है, भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है जिसे देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका आधिकारिक शुभारंभ 31 अक्टूबर, 2023 को राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर किया गया था, जो सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती का प्रतीक है। इस अभियान का मूल मंत्र 'जनभागीदारी से जन आंदोलन' है, जिसका उद्देश्य युवाओं को स्वयंसेवक के रूप में विभिन्न सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रेरित करना है। चौरीचौरा में उपजिलाधिकारी द्वारा दी गई प्रशासनिक मजबूती का लक्ष्य इस राष्ट्रीय अभियान की भावना को स्थानीय स्तर पर साकार करना है। इसके तहत युवाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास करना, उन्हें सामाजिक चुनौतियों के समाधान में सक्रिय भागीदार बनाना और उनमें देशभक्ति की भावना को और प्रगाढ़ करना शामिल है। अभियान का दीर्घकालिक लक्ष्य एक ऐसे सशक्त और जागरूक युवा वर्ग का निर्माण करना है जो आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सके।

विभागों की समन्वित भूमिका और कार्ययोजना

बैठक में, उपजिलाधिकारी श्री मिश्रा ने प्रत्येक विभाग के लिए विशिष्ट जिम्मेदारियां निर्धारित कीं। खंड विकास विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान की पहुंच बढ़ाने का जिम्मा दिया गया है। इसके तहत, प्रत्येक ग्राम पंचायत में 'माय भारत' स्वयंसेवकों के समूह बनाने और उन्हें स्थानीय विकास परियोजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए गए। विभाग को युवा चौपालों का आयोजन कर ग्राम सभा की बैठकों में अभियान के उद्देश्यों पर चर्चा करने को भी कहा गया। इसका उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़कर उनकी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग सुनिश्चित करना है।

शिक्षा विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सीधे युवाओं और छात्रों से जुड़ा है। उपजिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों और महाविद्यालयों में 'माय भारत' क्लब स्थापित करने, जागरूकता रैलियां व निबंध-पोस्टर प्रतियोगिताएं आयोजित कर छात्रों को अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए। शिक्षकों को अभियान के मूल्यों और उद्देश्यों को पाठ्यक्रम में शामिल करने तथा छात्रों को सामुदायिक सेवा के लिए प्रेरित करने को प्रोत्साहित किया गया।

उत्पाद लोड हो रहे हैं…

वहीं, पूर्ति विभाग को अभियान के लिए आवश्यक रसद और प्रचार सामग्री की उ...

वहीं, पूर्ति विभाग को अभियान के लिए आवश्यक रसद और प्रचार सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने का कार्यभार सौंपा गया। उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि अभियान से संबंधित ब्रोशर, बैनर और अन्य सूचनात्मक सामग्री ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में आसानी से उपलब्ध हो। इसके अतिरिक्त, विभाग को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से लाभार्थियों के बीच अभियान के संदेशों को प्रसारित करने की संभावनाओं पर भी विचार करने का निर्देश दिया गया। यह विभाग अभियान की दृश्यता और पहुंच को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उपजिलाधिकारी के निर्देश और भविष्य की रणनीति

उपजिलाधिकारी श्रीमान फुल्लन कुमार मिश्रा ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे 'माय भारत' अभियान को केवल एक सरकारी कार्यक्रम न मानें, बल्कि इसे जन आंदोलन का रूप देने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा, "यह अभियान हमारे देश के भविष्य, हमारे युवाओं के सशक्तिकरण का प्रतीक है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि इसका संदेश हर घर, हर युवा तक पहुंचे।" उन्होंने प्रत्येक पखवाड़े (दो सप्ताह) अभियान की प्रगति की समीक्षा बैठकें आयोजित करने और मासिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए एक तंत्र स्थापित करने का आदेश दिया। इस निगरानी तंत्र का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निर्धारित लक्ष्य समय पर और प्रभावी ढंग से प्राप्त किए जा सकें। उपजिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संगठनों के साथ मिलकर काम करने के लिए भी प्रोत्साहित किया, ताकि अभियान को व्यापक समर्थन मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस अभियान की सफलता चौरीचौरा के समग्र विकास में एक नया अध्याय जोड़ेगी, जहां युवा न केवल अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगे, बल्कि अपने कर्तव्यों का भी निर्वहन करेंगे।

टैग्स

और पढ़ें

लेखक