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गोरखपुर एयरपोर्ट पर आयुष्मान शिविर: उप महानिदेशक ने किया उद्घाटन

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गोरखपुर एयरपोर्ट पर आयुष्मान शिविर: उप महानिदेशक ने किया उद्घाटन
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बीते मंगलवार को गोरखपुर हवाई अड्डे पर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) द्वारा जिला स्वास्थ्य विभाग, गोरखपुर के सहयोग से एक भव्य आयुष्मान आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण शिविर का उद्घाटन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की उप महानिदेशक डॉ. किरण ने किया, जिसका मुख्य उद्देश्य एयरपोर्ट के कर्मचारियों, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों, एयरलाइन स्टाफ, यात्रियों और स्थानीय निवासियों को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच सेवाएं, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता और आयुष्मान कार्ड बनवाने की सुविधा प्रदान करना था। यह पहल लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सचेत करने और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाने के लिए की गई थी, जिससे एक स्वस्थ समुदाय के निर्माण में योगदान दिया जा सके।

शिविर का उद्घाटन और उद्देश्य

शिविर का शुभारंभ सुबह 10 बजे उप महानिदेशक डॉ. किरण द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। अपने उद्घाटन भाषण में डॉ. किरण ने स्वास्थ्य के महत्व पर जोर दिया और कहा, "स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ कराना है, और ऐसे शिविर इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।" उन्होंने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत मिलने वाले लाभों पर प्रकाश डाला, जिसमें प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज शामिल है। इस अवसर पर गोरखपुर हवाई अड्डे के निदेशक प्रिंस दीक्षित और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आशुतोष कुमार दुबे भी उपस्थित रहे। प्रिंस दीक्षित ने एएआई की तरफ से इस पहल के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे जन-कल्याणकारी कार्यक्रमों के आयोजन का आश्वासन दिया। डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने शिविर के सफल आयोजन के लिए पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया और बताया कि जिला स्वास्थ्य टीम इस शिविर में अपनी पूरी क्षमता से योगदान दे रही है। इस आयोजन का मुख्य लक्ष्य सुदूर क्षेत्रों के लोगों को भी स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना था जो अक्सर हवाई अड्डों के आसपास रहते हैं और नियमित जांच से वंचित रह जाते हैं।

प्रदान की गई स्वास्थ्य सेवाएं

इस आरोग्य शिविर में विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। शिविर में आए लोगों के लिए सामान्य स्वास्थ्य जांच, रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) मापन, मधुमेह (शुगर) जांच, आंखों की जांच और दंत जांच की व्यवस्था की गई थी। इसके अतिरिक्त, विशेषज्ञ डॉक्टरों ने हृदय रोग, श्वसन संबंधी समस्याओं और अन्य सामान्य बीमारियों पर परामर्श प्रदान किया। शिविर में पांच अलग-अलग काउंटर बनाए गए थे ताकि अधिक से अधिक लोगों को बिना किसी परेशानी के सेवाएं मिल सकें। एक विशेष काउंटर आयुष्मान कार्ड बनवाने और उसके लाभों के बारे में जानकारी देने के लिए समर्पित था। योग्य लाभार्थियों को मौके पर ही आयुष्मान कार्ड बनाने में सहायता प्रदान की गई, जिससे उन्हें भविष्य में चिकित्सा उपचार प्राप्त करने में आसानी हो सके। 200 से अधिक लोगों ने शिविर के पहले तीन घंटों में ही अपना पंजीकरण कराया और स्वास्थ्य जांच करवाई। कई बुजुर्गों और बच्चों को भी इस शिविर का लाभ मिला, जिनके लिए विशेष रूप से बाल रोग विशेषज्ञ और जेरियाट्रिक विशेषज्ञ मौजूद थे।

स्वास्थ्य जागरूकता और भविष्य की पहल

शिविर के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और बीमारियों से बचाव के तरीकों के बारे में जागरूकता फैलाई। लोगों को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वच्छ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। डेंगू, मलेरिया जैसी मौसमी बीमारियों से बचाव के उपायों पर भी विस्तृत जानकारी दी गई। कई लाभार्थियों ने इस पहल की सराहना की और बताया कि ऐसे शिविर उनके लिए बहुत उपयोगी हैं, क्योंकि उन्हें मुफ्त में विशेषज्ञ डॉक्टरों से सलाह और जांच करवाने का मौका मिला। हवाई अड्डे के कर्मचारियों ने विशेष रूप से ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर जोर दिया, क्योंकि उनकी व्यस्त दिनचर्या के कारण उन्हें अक्सर अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देने का समय नहीं मिल पाता। डॉ. किरण ने अपने संबोधन में भविष्य में ऐसे और अधिक शिविरों के आयोजन की संभावना पर भी बात की, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सीमित है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को घर-घर तक पहुंचाया जाए और आयुष्मान भारत योजना के तहत सभी पात्र व्यक्तियों को लाया जाए।

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सामुदायिक स्वास्थ्य में योगदान

गोरखपुर एयरपोर्ट पर आयोजित यह आयुष्मान आरोग्य शिविर केवल एक स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह सामुदायिक स्वास्थ्य के प्रति भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और जिला स्वास्थ्य विभाग की प्रतिबद्धता का प्रतीक भी था। ऐसे आयोजन न केवल लोगों को तत्काल स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी करते हैं। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'स्वस्थ भारत' के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस शिविर ने यह भी दर्शाया कि सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के सहयोग से किस प्रकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाया जा सकता है। कुल मिलाकर, यह शिविर गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों के लिए एक सफल और लाभकारी प्रयास साबित हुआ, जिसने स्वास्थ्य सेवाओं को दरवाजे तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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