आपदा चुनौतियों से निपटने उत्तराखंड को केंद्र से **811.87 करोड़** का संबल
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राज्य में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास, पुनर्निर्माण और वित्तीय सहायता से जुड़े विभिन्न विषयों पर केंद्र सरकार द्वारा की गई कार्रवाई और उपलब्ध कराई जा रही सहायता की विस्तृत जानकारी दी। यह जानकारी ऐसे समय में आई है जब उत्तराखंड जैसे संवेदनशील राज्य को हर वर्ष प्राकृतिक आपदाओं से बड़ी क्षति होती है, जिससे न केवल विकास कार्य प्रभावित होते हैं, बल्कि अवसंरचनात्मक क्षमता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। केंद्र सरकार ने 2025 की गंभीर प्राकृतिक आपदाओं के उपरांत 811.87 करोड़ की अतिरिक्त वित्तीय सहायता स्वीकृत की है, जिसमें से प्रथम किस्त के रूप में 182.67 करोड़ रुपये 26 मई 2026 को राज्य सरकार को जारी किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) के अंतर्गत 1012 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो राज्य की आपदा प्रबंधन तैयारियों को और मजबूत करेगा।
आपदा प्रबंधन में केंद्र की भूमिका और वित्तीय सहयोग
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने स्पष्ट किया कि आपदा प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी यद्यपि राज्य सरकारों की होती है, लेकिन केंद्र सरकार आपदा की स्थिति में राज्यों को हर संभव सहयोग प्रदान करती है। इस सहयोग में बचाव एवं राहत कार्यों के लिए आवश्यक लॉजिस्टिक और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना शामिल है। गंभीर प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल के आकलन के आधार पर राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (NDRF) से अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है। यह एक महत्वपूर्ण तंत्र है जो राज्यों को अप्रत्याशित और बड़े पैमाने पर हुई क्षति से उबरने में मदद करता है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए उत्तराखंड को राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF)...
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए उत्तराखंड को राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) के अंतर्गत कुल 1012 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस राशि में से 911.20 करोड़ रुपये केंद्र सरकार का हिस्सा है, जबकि 100.80 करोड़ रुपये राज्यांश है। नित्यानंद राय ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा अपने हिस्से की पूरी राशि दो समान किस्तों में राज्य को पहले ही जारी की जा चुकी है। यह समय पर मिलने वाली वित्तीय सहायता राज्य को आपदा से संबंधित तात्कालिक आवश्यकताओं और राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने में सक्षम बनाती है।
2025 की आपदाएँ और आकलन प्रक्रिया
केंद्रीय मंत्री ने विशेष रूप से वर्ष 2025 में उत्तराखंड में हुई बादल फटने की घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के ज्ञापन की प्रतीक्षा किए बिना 8 अगस्त 2025 को ही एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल का गठन कर दिया था। इस दल ने 7 से 9 सितंबर 2025 तक प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर क्षति का विस्तृत आकलन किया। यह केंद्र सरकार की आपदा प्रतिक्रिया में सक्रिय और त्वरित कार्रवाई को दर्शाता है। राज्य सरकार द्वारा बाद में संशोधित ज्ञापन प्रस्तुत किए जाने के उपरांत, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अतिरिक्त वित्तीय सहायता के संबंध में अग्रिम कार्रवाई की गई।
गंभीर आपदाओं के बाद पुनर्स्थापन एवं पुनर्निर्माण कार्यों के लिए केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार पोस्ट डिजास्टर नीड्स असेसमेंट (PDNA) कराया जाता है। उत्तराखंड सरकार द्वारा वर्ष 2025 की विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के मद्देनजर PDNA कराया गया था, जिसके आधार पर 10,998.95 करोड़ रुपये की सहायता का अनुरोध किया गया था। निर्धारित मानकों के अनुरूप, केंद्र सरकार ने 811.87 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की है। इस स्वीकृत राशि की प्रथम किस्त के रूप में 182.67 करोड़ रुपये 26 मई 2026 को राज्य सरकार को जारी किए जा चुके हैं*, जो पुनर्निर्माण और पुनर्वास कार्यों को गति प्रदान करेगा।
पुनर्वास और मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
वन भूमि पर पुनर्वास के संबंध में, केंद्रीय राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप वन भूमि का उपयोग केवल निर्धारित परिस्थितियों और शर्तों के अंतर्गत ही किया जा सकता है। यह एक महत्वपूर्ण पहलू है, क्योंकि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में कई प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास के लिए वन भूमि की आवश्यकता पड़ सकती है। यह स्पष्टीकरण यह सुनिश्चित करता है कि पुनर्वास कार्य कानूनी और पर्यावरणीय मानदंडों के भीतर ही हों।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार द्वारा राज्य को आपदा प्र...
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार द्वारा राज्य को आपदा प्रबंधन से संबंधित दी जा रही सहायता के लिए प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उत्तराखंड प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से एक अत्यंत संवेदनशील राज्य है और इसे प्रत्येक वर्ष बड़ी हानि होती है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इन आपदाओं के कारण राज्य के विकास कार्य प्रभावित होते हैं और अवसंरचनात्मक क्षमता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। केंद्र सरकार से मिलने वाला यह आर्थिक संबल राज्य को इन चुनौतियों का सामना करने, प्रभावितों को राहत प्रदान करने और क्षतिग्रस्त अवसंरचना के पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे राज्य के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
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