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हरियाणा के विदेशी छात्र बने 'ब्रांड एंबेसडर', UK में पढ़ाई के खुलेंगे द्वार

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हरियाणा के विदेशी छात्र बने 'ब्रांड एंबेसडर', UK में पढ़ाई के खुलेंगे द्वार
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बुधवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ स्थित संत कबीर कुटीर में 14 देशों के विदेशी विद्यार्थियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने छात्रों के अध्ययन, शोध और हरियाणा में रहने के अनुभवों को जाना। मुख्यमंत्री ने इन छात्रों को अपने-अपने देशों में हरियाणा की शिक्षा, संस्कृति और अनुभवों को साझा कर प्रदेश का 'ब्रांड एंबेसडर' बनने का आह्वान किया, जिससे अंतरराष्ट्रीय 'पीपल टू पीपल कनेक्ट' मजबूत हो सके। यह पहल हरियाणा की वैश्विक पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

हरियाणा: 'दिल से दिल' का जुड़ाव और वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विदेशी विद्यार्थियों से उनके शोध विषयों और हरियाणा में मिली सीख पर सीधे सवाल किए। उन्होंने जोर दिया कि विश्वविद्यालय का समय केवल डिग्री तक सीमित नहीं, बल्कि शिक्षा के साथ मिलने वाले अनुभव और संस्कार व्यक्ति के साथ लंबे समय तक रहते हैं। मुख्यमंत्री ने छात्रों से आह्वान किया कि वे हरियाणा से मिली शिक्षा और अनुभवों का इस्तेमाल अपने देशों के विकास में भी करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार दुनिया के साथ केवल 'G2G' (Government to Government) संबंधों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि 'Heart to Heart' (दिल से दिल) का जुड़ाव मजबूत करना चाहती है। यह पहल विदेशी विद्यार्थियों के माध्यम से 'People to People Connect' (लोगों के बीच संपर्क) को बढ़ावा देगी, जिससे विभिन्न देशों के बीच आपसी समझ व विश्वास प्रगाढ़ होगा। मुख्यमंत्री ने कहा, "डिग्री लेकर मत जाइए, हरियाणा की यादें भी साथ ले जाइए।"

विदेशी छात्रों के अनुभव और संस्कृति का आदान-प्रदान

इस संवाद कार्यक्रम में अफ्रीकी देशों सहित कई राष्ट्रों के विद्यार्थी शामिल हुए, जिन्होंने हरियाणा में अपने अध्ययन और जीवन के अनुभवों को मुख्यमंत्री के साथ साझा किया। इनमें अफगानिस्तान की एक छात्रा रही, जिसने चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय से अपनी पीएचडी पूरी की है। इस छात्रा ने हरियाणा में बिताए अपने सात साल के अनुभवों को मुख्यमंत्री के सामने धाराप्रवाह हिंदी में साझा किया, जो भारतीय संस्कृति के प्रति उसके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। अन्य विदेशी विद्यार्थियों ने भी बताया कि हरियाणा में पढ़ाई और शोध के साथ उन्हें भारतीय तथा हरियाणवी संस्कृति को करीब से समझने का अवसर मिला। उन्होंने हरियाणा के विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक माहौल, शोध सुविधाओं और लोगों के मिलनसार व्यवहार की प्रशंसा की। इन अनुभवों से स्पष्ट होता है कि हरियाणा विदेशी छात्रों के लिए केवल एक अध्ययन केंद्र नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से समृद्ध विकास का स्थान भी है।

हरियाणा के छात्रों के लिए यूके में उच्च शिक्षा के नए द्वार

कार्यक्रम में विदेश सहयोग विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी. कुमार ने घोषणा की कि हरियाणा के विद्यार्थियों को विदेश में उच्च शिक्षा के अधिक अवसर उपलब्ध कराने हेतु कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि बहुत जल्द प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए यूनाइटेड किंगडम (यूके) की यूनिवर्सिटी में अध्ययन का एक विशेष कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इस पहल से छात्रों को नई तकनीकों और आधुनिक विषयों से रूबरू होने का मौका मिलेगा, जिससे भविष्य में रोजगार और अंतरराष्ट्रीय करियर के अवसर बढ़ सकते हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों को विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक सहयोग बढ़ाने और अधिक एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर करने के निर्देश दिए। साथ ही, विदेशी शिक्षा के लिए आवश्यक वीजा प्रक्रिया को सरल बनाने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।

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'गो ग्लोबल' संदेश और भविष्य की शिक्षा

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं को बदलती दुनिया के अनुरूप तैयार रहने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और आधुनिक तकनीकें शिक्षा, चिकित्सा, कृषि समेत अनेक क्षेत्रों में नए अवसर पैदा कर रही हैं। ऐसे में, हरियाणा के युवाओं को इन उभरते क्षेत्रों में ज्ञान और कौशल प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा ताकि वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सकें। मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र से 'गो ग्लोबल' का संदेश देते हुए कहा कि हरियाणा के युवाओं को केवल देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनानी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि विदेशी छात्रों के साथ संवाद और अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक आदान-प्रदान हरियाणा की शिक्षा प्रणाली को समृद्ध करेगा, जिससे प्रदेश के युवा भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार होंगे।

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