देश 8 मिनट पढ़ें

रेखा IFFM 2026 में फहराएंगी तिरंगा, 'उमराव जान' की 41 साल बाद वापसी

9 व्यूज़
रेखा IFFM 2026 में फहराएंगी तिरंगा, 'उमराव जान' की 41 साल बाद वापसी
देश

बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री रेखा आगामी इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (IFFM) 2026 में भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराकर इतिहास रचेंगी। इस प्रतिष्ठित समारोह में उन्हें भारतीय सिनेमा में उनके अतुलनीय योगदान के लिए एक खास सम्मान से नवाजा जाएगा। इसके साथ ही, उनकी कालजयी फिल्म 'उमराव जान' 41 साल बाद सिनेमाघरों में वापसी करेगी, जो फिल्म प्रेमियों के लिए एक अभूतपूर्व अवसर होगा। यह घोषणा भारतीय सिनेमा के वैश्विक मंच पर बढ़ते प्रभाव और रेखा के दशकों से चले आ रहे शानदार करियर को रेखांकित करती है, जिससे यह आयोजन मेलबर्न में भारतीय संस्कृति और कला का एक महत्वपूर्ण पर्व बन जाएगा।

IFFM 2026 में रेखा का ऐतिहासिक सम्मान

रेखा के लिए IFFM 2026 का मंच कई मायनों में ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण होगा। मेलबर्न के प्रतिष्ठित फेडरेशन स्क्वायर में भारत का तिरंगा फहराना किसी भी भारतीय कलाकार के लिए एक बड़ा सम्मान होता है, और रेखा इस गौरव को प्राप्त करने वाली पहली भारतीय अभिनेत्री होंगी। यह क्षण न केवल भारत के स्वतंत्रता दिवस (अगर IFFM स्वतंत्रता दिवस के आस-पास होता है) के जश्न को ऑस्ट्रेलियाई धरती पर मनाएगा, बल्कि भारतीय सिनेमा की वैश्विक पहचान और पहुंच को भी मजबूत करेगा। IFFM के आयोजकों ने बताया कि यह सम्मान रेखा के पांच दशकों से अधिक के शानदार करियर, भारतीय सिनेमा में उनके अविस्मरणीय योगदान और उनकी कालातीत सुंदरता व अभिनय क्षमता को देखते हुए दिया जा रहा है। इस समारोह में ऑस्ट्रेलियाई सरकार के प्रतिनिधि, अंतरराष्ट्रीय फिल्म समुदाय के कई प्रमुख चेहरे और दुनिया भर से आए सिनेमा प्रेमी मौजूद रहेंगे, जो इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनेंगे। यह आयोजन रेखा की विरासत को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान देगा।

'उमराव जान' की 41 साल बाद वापसी

रेखा के प्रशंसकों और सिनेमा प्रेमियों के लिए एक और बड़ी खबर यह है कि उनकी आइकॉनिक फिल्म 'उमराव जान' 41 साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रही है। 1981 में रिलीज़ हुई यह फिल्म, जिसे दिवंगत निर्देशक मुजफ्फर अली ने निर्देशित किया था, मिर्ज़ा हादी रुस्वा के उर्दू उपन्यास पर आधारित थी। रेखा ने इसमें एक लखनऊ की तवायफ, उमराव जान का किरदार निभाया था, जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार सहित कई सम्मान मिले थे। फिल्म के गाने, जैसे 'इन आँखों की मस्ती', 'दिल चीज़ क्या है' और 'ये क्या जगह है दोस्तों', आज भी श्रोताओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं और भारतीय संगीत के क्लासिक्स में गिने जाते हैं। IFFM 2026 के दौरान, इस फिल्म को एक विशेष पुनर्व्यवस्थित और डिजिटल रूप से पुनर्स्थापित संस्करण में दिखाया जाएगा, जिससे नई पीढ़ी के दर्शक भी इस क्लासिक कृति का अनुभव कर सकेंगे। यह पुनः रिलीज़ भारतीय सिनेमा के स्वर्ण युग को फिर से जीवंत करेगी और रेखा के अभिनय कौशल और फिल्म की शाश्वत प्रासंगिकता को एक बार फिर प्रदर्शित करेगी।

IFFM: भारतीय सिनेमा का वैश्विक मंच

इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (IFFM) पिछले कई सालों से भारतीय सिनेमा को वैश्विक मंच प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह फेस्टिवल ऑस्ट्रेलिया में भारतीय फिल्मों, कलाकारों और फिल्म निर्माताओं को सम्मानित करता है, साथ ही दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है। IFFM ने पहले भी कई दिग्गज भारतीय कलाकारों को सम्मानित किया है, जिनमें अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, रानी मुखर्जी और ऐश्वर्या राय बच्चन जैसे नाम शामिल हैं। 2026 का संस्करण रेखा के सम्मान और 'उमराव जान' की वापसी के कारण खास होने वाला है। यह फेस्टिवल भारतीय संस्कृति और कला को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम है, जो प्रवासी भारतीयों और स्थानीय ऑस्ट्रेलियाई लोगों के बीच भारतीय सिनेमा की लोकप्रियता बढ़ाता है। IFFM के निदेशक, मिट्टू भौमिक लांगे ने बताया कि रेखा जैसी जीवित किंवदंती को सम्मानित करना उनके लिए गर्व की बात है, और वे भारतीय सिनेमा के इस महत्वपूर्ण अध्याय को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के लिए उत्सुक हैं।

उत्पाद लोड हो रहे हैं…

रेखा: एक अविस्मरणीय अभिनय यात्रा और विरासत

रेखा का करियर छह दशकों से अधिक का है, जिसमें उन्होंने 180 से अधिक फिल्मों में काम किया है। उनकी पहली फिल्म 1966 में तेलुगु में 'रंगुला रत्नम' थी, जबकि हिंदी में उनकी पहली मुख्य भूमिका 1970 की फिल्म 'सावन भादों' में थी। उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, तीन फिल्मफेयर पुरस्कार और लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार सहित कई सम्मान मिले हैं। उनकी कुछ यादगार फिल्मों में 'उमराव जान', 'सिलसिला', 'खूबसूरत', 'मुकद्दर का सिकंदर' और 'खून भरी मांग' शामिल हैं। 2010 में, भारत सरकार ने उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया था। रेखा को उनकी बहुमुखी प्रतिभा, सशक्त व्यक्तित्व और बेजोड़ शैली के लिए जाना जाता है, जिसने उन्हें भारतीय सिनेमा की सबसे रहस्यमयी और प्रभावशाली अभिनेत्रियों में से एक बनाया है। IFFM 2026 में यह सम्मान उनकी अविस्मरणीय विरासत को और भी मजबूत करेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा। उनकी उपस्थिति और तिरंगा फहराना भारतीय सिनेमा के गौरवशाली इतिहास का प्रतीक होगा, जो वैश्विक मंच पर भारत की सांस्कृतिक शक्ति का प्रदर्शन करेगा।

टैग्स

और पढ़ें

लेखक