महाराष्ट्र में रिकॉर्ड तोड़ बारिश, 13 मौतें; मुंबई-पुणे में जनजीवन अस्त-व्यस्त
महाराष्ट्र में सोमवार, 6 जुलाई 2026 को मूसलाधार बारिश ने विकराल रूप ले लिया, जिसके चलते राज्यभर में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। मुंबई और पुणे जैसे प्रमुख शहरों में भूस्खलन की घटनाओं से हड़कंप मच गया, जबकि कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। इस भयावह प्राकृतिक आपदा में अब तक कुल 13 लोगों की दुखद मौत की पुष्टि हुई है। भारी बारिश से मुंबई से पांच उड़ानें डायवर्ट हुईं और मनोरी तट के पास एक जहाज भी फंसा। राज्य में कई प्रमुख सड़कें और रेलवे मार्ग बंद हो गए हैं, जिसने बचाव और राहत कार्यों में भी बाधा उत्पन्न की है।
महाराष्ट्र में मूसलाधार बारिश का कहर
महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों से जारी रिकॉर्ड तोड़ बारिश ने राज्य के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की चेतावनी के बावजूद, बारिश की तीव्रता ने सभी अनुमानों को पीछे छोड़ दिया। मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और पुणे जैसे जिलों में इसका व्यापक असर देखने को मिला। राजधानी मुंबई में निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे सड़कों पर यातायात ठप हो गया। शहर की जीवनरेखा लोकल ट्रेनें भी कई स्थानों पर देरी से चल रही हैं या रद्द कर दी गई हैं, जिससे लाखों यात्रियों को असुविधा हुई। विजिबिलिटी कम होने से छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ, परिणामस्वरूप पांच अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों को अन्य शहरों में डायवर्ट करना पड़ा। मुंबई के मनोरी तट के पास एक मालवाहक जहाज के फंसने की खबर ने समुद्री यातायात के लिए भी चिंता बढ़ा दी है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी नदियां उफान पर हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
भूस्खलन और जानमाल का नुकसान
मूसलाधार बारिश के चलते महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें मुंबई और पुणे प्रमुख हैं। मुंबई में दो अलग-अलग स्थानों पर हुए भूस्खलन से कई घर मलबे की चपेट में आ गए, जिसमें लोगों के फंसे होने की आशंका है। पुणे जिले में भी भूस्खलन से