पीएम मोदी की विदेश यात्रा: भारत को मिले अहम निवेश, गोयल का दावा
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल ही में संपन्न पांच दिवसीय, पांच देशों की यात्रा ने देश के लिए महत्वपूर्ण निवेश हासिल किए हैं, जो आर्थिक सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त करेंगे और भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत करेंगे। भाजपा मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए, गोयल ने इस यात्रा को न केवल कूटनीतिक-राजनीतिक उपलब्धि बताया, बल्कि 57 परिणामों का एक समूह बताया जो भारत के भविष्य को आकार देंगे और वैश्विक मंच पर देश की स्थिति को सुदृढ़ करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया अब भारत को सम्मान की दृष्टि से देख रही है और भारत एक पसंदीदा वैश्विक गंतव्य के रूप में उभरा है।
वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख
पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्रा महज एक कूटनीतिक दौरा नहीं थी, बल्कि यह भारत की बढ़ती वैश्विक उपस्थिति का प्रमाण है। उन्होंने कहा, “पांच दिन, पांच देश, लेकिन एक स्पष्ट संदेश – भारत वैश्विक मंच पर मजबूती से खड़ा है और दुनिया भारत को सम्मान की दृष्टि से देख रही है।” मंत्री ने यूरोपीय देशों के साथ हुए समझौतों और अपेक्षित निवेश का जिक्र करते हुए कहा कि भारत अब निवेश के लिए एक पसंदीदा वैश्विक गंतव्य बन गया है। उन्होंने इस स्थिति को महज एक संयोग मानने से इनकार किया और इसे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एक सुविचारित रणनीति का परिणाम बताया। इन समझौतों से न केवल भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बढ़ेगा, बल्कि नवीनतम तकनीकों का भी आदान-प्रदान होगा, जिससे देश के विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार और विकास को गति मिलेगी। गोयल ने इस बात पर विशेष बल दिया कि ये 57 परिणाम भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मील के पत्थर साबित होंगे, जिससे देश की आर्थिक संप्रभुता और मजबूती बढ़ेगी।
भारत-अमेरिका संबंधों में नई ऊर्जा
गोयल ने आगामी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा पर भी बात की, जिसे उन्होंने दोनों देशों के बीच मजबूत और शक्तिशाली साझेदारी का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच "मित्रता" एक महत्वपूर्ण कारक है जो भारत-अमेरिका संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत और अमेरिका दोनों महत्वपूर्ण व्यापारिक भागीदार हैं और महत्वपूर्ण खनिजों पर एक रणनीतिक साझेदारी साझा करते हैं। इसके अलावा, दोनों देश कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), क्वांटम कंप्यूटिंग और मशीन लर्निंग जैसी नई प्रौद्योगिकियों पर मिलकर काम कर रहे हैं। गोयल ने यह भी बताया कि एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के अंतरिम चरण-एक को अंतिम रूप दिया गया है, जिसके साथ भारत को अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बड़े अमेरिकी बाजार तक तरजीही पहुंच मिलेगी। उन्होंने कहा कि रुबियो की यात्रा अत्यंत सामयिक है और यह अमेरिका और भारत के बीच बढ़ती साझेदारी को दर्शाती है, जो युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए नए अवसर प्रदान करेगी। गोयल ने यह भी खुलासा किया कि अमेरिका द्वारा भारत के लिए लगभग 6 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा, "यही कारण है कि हमें दुनिया का विश्वसनीय भागीदार कहा जाता है।" यह निवेश विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करेगा और भारत की आर्थिक वृद्धि को गति देगा।
विपक्ष पर निशाना और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प
अपनी प्रेस वार्ता के दौरान, पीयूष गोयल ने विपक्षी दलों, विशेष रूप से विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार चुनाव हारने के बाद विपक्षी दल हताशा का प्रदर्शन कर रहे हैं। गोयल ने कहा, "दुनिया भारत और प्रधानमंत्री मोदी को बहुत भरोसे के साथ देखती है, जबकि राहुल गांधी अपने बयानों और भाषणों के माध्यम से नकारात्मक दृष्टिकोण प्रदर्शित करते रहते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि भारत की जनता उन्हें एक के बाद एक खारिज कर रही है। गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि जहां एक ओर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है और बड़े निवेश आकर्षित कर रहा है, वहीं विपक्ष केवल नकारात्मकता फैला रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के 57 परिणामों को भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम बताया, जो देश को आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत बनाएगा। यह यात्रा भारत को एक मजबूत और आत्मविश्वासी राष्ट्र के रूप में स्थापित करती है।
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