बंगाल कुशासन से मुक्त, विकास का महाअभियान शुरू: पीएम मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए घोषणा की कि राज्य दशकों के कुशासन से मुक्त हो चुका है और अब विकास का एक नया, अभूतपूर्व महाअभियान शुरू हो गया है। उन्होंने राज्य की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल के लोगों ने बहुत संघर्ष किया है और अब समय आ गया है कि राज्य अपनी खोई हुई गरिमा और गौरव को पुनः प्राप्त करे। यह महत्वपूर्ण घोषणा ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों से जूझ रहा है, और प्रधानमंत्री का यह बयान राज्य में आने वाले राजनीतिक परिदृश्य के लिए एक स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने राज्य के समग्र विकास और प्रगति को अपनी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
दशकों के कुशासन से मुक्ति का दावा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में पश्चिम बंगाल में पिछले कई दशकों से चले आ रहे कुशासन पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राज्य ने एक के बाद एक ऐसी सरकारों का सामना किया है जिन्होंने सिर्फ अपने राजनीतिक हितों को साधा और आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया। प्रधानमंत्री ने अप्रत्यक्ष रूप से वाममोर्चा और तृणमूल कांग्रेस दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि इन सरकारों के कार्यकाल में भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और राजनीतिक हिंसा ने राज्य की जड़ों को खोखला कर दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बंगाल की धरती जो कभी देश को दिशा दिखाती थी, उसे पिछड़ती हुई अर्थव्यवस्था और निराशा के माहौल में धकेल दिया गया था।
मोदी ने आगे कहा कि अब बंगाल के लोगों ने परिवर्तन का मन बना लिया है और वे ऐसी राजनीति से ऊब चुके हैं जो सिर्फ विरोध और गतिरोध पर आधारित है। उन्होंने केंद्रीय योजनाओं को राज्य में लागू करने में आने वाली बाधाओं का भी जिक्र किया, जिससे आम लोगों को उनके हक से वंचित रहना पड़ा। प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि केंद्र सरकार बंगाल के हर व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है, चाहे राज्य सरकार का रवैया कुछ भी हो। उन्होंने राज्य में सुशासन और पारदर्शिता की आवश्यकता पर बल दिया, जिसे उनकी सरकार हर संभव तरीके से सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है।
विकास का महाअभियान और भविष्य की रूपरेखा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में 'विकास के महाअभियान' की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य पश्चिम बंगाल को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है। इस अभियान के तहत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिनमें बुनियादी ढांचा, उद्योग, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य शामिल हैं। उन्होंने हाल ही में शुरू की गई या प्रस्तावित कई परियोजनाओं का उल्लेख किया, जैसे कि सड़क निर्माण, रेलवे लाइनों का विस्तार, बंदरगाहों का आधुनिकीकरण और नए औद्योगिक गलियारों का विकास। प्रधानमंत्री ने युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।
मोदी ने क्या कहा
मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाएं, जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत योजना और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, बंगाल के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे केंद्र सरकार ने राज्य में किसानों, महिलाओं और वंचितों के सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास किए हैं। प्रधानमंत्री ने बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने और उसे विश्व पटल पर लाने की भी बात की, ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिले और स्थानीय कलाकारों को पहचान मिल सके। उन्होंने कहा कि 'सोनार बांग्ला' का सपना तभी साकार होगा जब विकास सर्वव्यापी और समावेशी होगा, जिसमें सभी वर्गों और समुदायों को समान अवसर मिलेंगे।
जनता के सशक्तिकरण और सांस्कृतिक गौरव पर जोर
अपने भाषण के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की जनता से इस विकास यात्रा में सक्रिय रूप से शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के बिना कोई भी बड़ा अभियान सफल नहीं हो सकता। प्रधानमंत्री ने राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि निवेशक बिना किसी डर के यहां निवेश कर सकें और नागरिक सुरक्षित महसूस कर सकें। उन्होंने बंगाल के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को याद किया, जिसने देश के स्वतंत्रता संग्राम और बौद्धिक आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मोदी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसी महान भूमि को दशकों तक उपेक्षा का शिकार होना पड़ा।
प्रधानमंत्री ने वोट बैंक की राजनीति और तुष्टीकरण की नीतियों की कड़ी आ...
प्रधानमंत्री ने वोट बैंक की राजनीति और तुष्टीकरण की नीतियों की कड़ी आलोचना की, जो उनके अनुसार राज्य के सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे विकास और प्रगति को प्राथमिकता दें और ऐसी विभाजनकारी राजनीति को खारिज करें। मोदी ने यह भी रेखांकित किया कि केंद्र सरकार संघीय ढांचे का सम्मान करती है और राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने को तैयार है, बशर्ते राज्य सरकार भी जनहित को सर्वोपरि रखे। उन्होंने राज्य के लोगों को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार उनके साथ खड़ी है और बंगाल के उज्ज्वल भविष्य के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल का विकास पूरे देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, और केंद्र सरकार इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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