पीएम मोदी ने भारत की स्वास्थ्य प्रणाली में होम्योपैथी की अहमियत उजागर की
इस खबर की वेब स्टोरी देखें
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक लेख साझा किया है जो भारत की स्वास्थ्य प्रणाली में होम्योपैथी के महत्वपूर्ण योगदान और भूमिका को रेखांकित करता है। यह साझाकरण, जो उनके आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से हुआ, देश में आयुष (आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी) चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के सरकार के निरंतर प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस लेख में होम्योपैथी को एक किफायती, सुलभ और प्रभावी चिकित्सा विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया गया है जो विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच बढ़ाने में सहायक हो सकता है। यह कदम पारंपरिक भारतीय चिकित्सा प्रणालियों को मुख्यधारा में लाने और उन्हें आधुनिक स्वास्थ्य सेवा ढांचे के साथ एकीकृत करने की सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
आयुष मंत्रालय की भूमिका और होम्योपैथी का विस्तार
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने हाल के वर्षों में होम्योपैथी सहित विभिन्न पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मंत्रालय *अनुसंधान,
और पढ़ें
- देश न्यूज़
- ताज़ा खबरें
- बालेश्वर से रेस्क्यू 5 ओरंगुटान नंदनकानन में: 2 बीमार, तस्करी जांच जारी
- भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने उत्तराखंड में की पूजा, 2027 चुनाव का शंखनाद
- कटनी-पेंड्रा चौथी रेल लाइन से बिजलीघरों को निर्बाध कोयला, MP-CG को लाभ
- सेंट्रल रेलवे का मेगा ब्लॉक: 42 ट्रेनें रद्द, 25 डायवर्ट, 16 दिन का असर