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पीएम मोदी सेशल्स में मिलेंगे विश्व के सबसे पुराने स्थलीय जीव से

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पीएम मोदी सेशल्स में मिलेंगे विश्व के सबसे पुराने स्थलीय जीव से
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार से शुरू होने वाले अपने तीन दिवसीय सेशल्स दौरे के दौरान विश्व के सबसे पुराने ज्ञात स्थलीय जीव, 194 वर्षीय अल्डाबरा विशाल कछुए जॉनाथन से मुलाकात करेंगे। यह बहुप्रतीक्षित मुलाकात सेशल्स के राष्ट्रीय वनस्पति उद्यान में होगी और इसे संरक्षण, स्थिरता तथा प्राकृतिक विरासत की सुरक्षा के प्रति भारत और सेशल्स द्वारा दिए गए महत्व के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री इस द्वीप राष्ट्र की यात्रा सेशल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कर रहे हैं, जो इस वर्ष भारत और सेशल्स के बीच 50 वर्षों के राजनयिक संबंधों का भी प्रतीक है।

जॉनाथन: एक जीवित किंवदंती

जॉनाथन, एक अल्डाबरा विशाल कछुआ, जिसकी अनुमानित आयु लगभग 194 वर्ष है, सेशल्स के राष्ट्रीय वनस्पति उद्यान में निवास करता है। यह कछुआ गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक है और इसे विश्व का सबसे पुराना जीवित स्थलीय जीव माना जाता है। हालांकि उसकी सटीक आयु सत्यापित नहीं की जा सकी है, लेकिन यह निश्चित है कि वह अपनी प्रजाति की औसत जीवनकाल से कहीं अधिक समय तक जीवित रहा है। जॉनाथन का जन्म 1832 के आसपास माना जाता है, और उसने दो विश्व युद्धों, 39 अमेरिकी राष्ट्रपतियों और अनगिनत ऐतिहासिक घटनाओं को देखा है। प्रधानमंत्री मोदी की जॉनाथन से यह मुलाकात केवल एक औपचारिक भेंट नहीं है, बल्कि यह भारत और सेशल्स के बीच गहरे होते संबंधों और दोनों देशों की पर्यावरण संरक्षण के प्रति साझा प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। यह मुलाकात वैश्विक स्तर पर जैव विविधता और लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण के लिए एक मजबूत संदेश भी देगी

सेशल्स दौरा और द्विपक्षीय संबंधों का महत्व

प्रधानमंत्री मोदी का सेशल्स दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण है। वह सेशल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जो इस वर्ष भारत और सेशल्स के बीच राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ का जश्न मना रहा है। यह अवसर दोनों देशों के बीच मजबूत और स्थायी मित्रता का प्रतीक है। सेशल्स पहुंचने के बाद, प्रधानमंत्री सबसे पहले राष्ट्रीय वनस्पति उद्यान का दौरा करेंगे, जहां वह जॉनाथन से मिलेंगे। इसके अतिरिक्त, वह एक वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और जलवायु लचीलेपन के प्रति साझा प्रतिबद्धताओं पर प्रकाश डालना है। यह पहल भारत की पर्यावरण कूटनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो वैश्विक जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर देती है।

समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग का विस्तार

राष्ट्रीय दिवस समारोह से संबंधित आयोजनों में भाग लेने के अलावा, प्रधानमंत्री मोदी सेशल्स तट रक्षक अड्डे का भी दौरा करेंगे। समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता भारत और सेशल्स के बीच सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में से एक बने हुए हैं। हिंद महासागर में चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच, भारत के लिए इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति और सहयोग को मजबूत करना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। इस यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री सेशल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ भी बातचीत करेंगे। इस वार्ता का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करना और समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, जलवायु कार्रवाई और रक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने के तरीकों पर चर्चा करना है। भारत सेशल्स को रक्षा उपकरणों और प्रशिक्षण में सहायता प्रदान करता रहा है, जो हिंद महासागर में सुरक्षा प्रदाता के रूप में भारत की भूमिका को पुष्ट करता है। दोनों देशों के नेताओं के बीच यह बैठक साझा हितों और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए नई रणनीतियों पर केंद्रित होगी। यह दौरा भारत की 'सागर' (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) नीति के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करना है।

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