रूस ने एथलेटिक्स प्रतिबंध को CAS में चुनौती दी, IOC ढील के बावजूद
रूसी एथलेटिक्स महासंघ ने हाल ही में खेल पंचाट न्यायालय (CAS) का दरवाजा खटखटाया है, ताकि वर्ल्ड एथलेटिक्स द्वारा यूक्रेन युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में रूसी एथलीटों पर लगाए गए प्रतिबंध को रद्द किया जा सके। यह कदम तब उठाया गया है जब वर्ल्ड एथलेटिक्स ने पिछले सप्ताह अपनी परिषद की बैठक में इस निलंबन को जारी रखने का फैसला किया, जबकि अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने हाल ही में रूसी एथलीटों के लिए प्रतिबंधों में ढील दी है। रूसी महासंघ इस प्रतिबंध को भेदभावपूर्ण और अनुचित मानता है, जो उसके एथलीटों के प्रतिस्पर्धा करने के अधिकार का उल्लंघन करता है।
वर्ल्ड एथलेटिक्स का कड़ा रुख
वर्ल्ड एथलेटिक्स ने मार्च 2022 में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के तुरंत बाद रूस और उसके सहयोगी बेलारूस के एथलीटों को सभी अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से प्रतिबंधित कर दिया था। पिछले सप्ताह हुई अपनी परिषद की बैठक में, शासी निकाय ने इस निलंबन को जारी रखने का निर्णय लिया। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक से पहले रूसी एथलीटों पर अपने प्रतिबंधों में ढील दी है और अन्य अंतरराष्ट्रीय खेल संघों को भी इसी तरह का दृष्टिकोण अपनाने की सिफारिश की है। क्रेमलिन ने IOC के इस कदम को "एक महत्वपूर्ण कदम" बताया था।
वर्ल्ड एथलेटिक्स के अध्यक्ष सेबेस्टियन कोए ने कहा कि शासी निकाय ने रूसी और बेलारूसी एथलीटों के लिए "अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में वापसी के लिए एक सशर्त मार्ग" बनाने की संभावना पर विचार किया था, लेकिन अंततः इसके खिलाफ फैसला किया। उन्होंने स्पष्ट किया, "हमने परिषद के विचार के लिए इस मामले पर विकल्प प्रस्तुत किए, हालांकि, हमारे प्रतियोगिताओं की अखंडता और निष्पक्षता की रक्षा करने वाले प्रतिबंधों पर मूल निर्णय बना हुआ है, जिसमें शांति वार्ता की दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।" यह बयान वर्ल्ड एथलेटिक्स की दृढ़ता को दर्शाता है कि जब तक युद्ध की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आता, तब तक प्रतिबंध जारी रहेगा।
रूसी महासंघ की दलील और कानूनी लड़ाई
रूसी एथलेटिक्स महासंघ ने अपने एक बयान में कहा कि निरंतर निलंबन उसके एथलीटों को अनुचित रूप से प्रभावित करता है। महासंघ ने जोर देकर कहा, "रूसी एथलेटिक्स का मानना है कि वर्ल्ड एथलेटिक्स का निर्णय रूस में एथलेटिक्स के मौलिक हितों को प्रभावित करता है और रूसी एथलीटों के प्रतिस्पर्धा के अधिकार को प्रतिबंधित करता है, जिसे रूसी एथलेटिक्स भेदभावपूर्ण मानता है।" महासंघ ने यह भी कहा कि वह रूसी एथलीटों के हितों की रक्षा के लिए सभी उपलब्ध कानूनी उपायों का पालन करना जारी रखेगा। समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, CAS ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि उसने इस मामले को आधिकारिक तौर पर पंजीकृत किया है या नहीं, लेकिन यह कानूनी लड़ाई निश्चित रूप से खेल जगत में एक बड़ा मुद्दा बनने वाली है।
यह विवाद खेल और राजनीति के बीच जटिल संबंधों को उजागर करता है। जहां IOC ने व्यक्तिगत तटस्थ एथलीटों को कुछ शर्तों के तहत प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति देने का मार्ग प्रशस्त किया है, वहीं वर्ल्ड एथलेटिक्स ने सामूहिक प्रतिबंध को बनाए रखने का विकल्प चुना है। रूसी महासंघ की दलील है कि व्यक्तिगत एथलीटों को उनके देशों की नीतियों के लिए दंडित करना अन्यायपूर्ण है, खासकर जब डोपिंग से संबंधित प्रतिबंध पहले ही हटा लिए गए हैं।
प्रतिबंधों का लंबा इतिहास और पेरिस 2024 पर असर
रूस ने 2015 से वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अपने झंडे तले प्रतिस्पर्धा नहीं की है, जब उसके महासंघ को एक व्यापक डोपिंग घोटाले के कारण निलंबित कर दिया गया था। हालांकि, बाद में एक ऐसी प्रणाली शुरू की गई थी जिसमें रूसी एथलीटों को तटस्थ एथलीटों के रूप में प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति थी। लेकिन 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद यह व्यवस्था वापस ले ली गई थी। वर्ल्ड एथलेटिक्स ने 2023 में डोपिंग से संबंधित मूल निलंबन हटा लिया था, लेकिन यूक्रेन युद्ध के कारण लगाए गए प्रतिबंध को बरकरार रखा।
इस स्थिति के परिणामस्वरूप, 2024 पेरिस ओलंपिक में ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं में कोई भी रूसी एथलीट प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाया। यह इसलिए हुआ क्योंकि एथलेटिक्स के लिए योग्यता वर्ल्ड एथलेटिक्स द्वारा नियंत्रित की जाती थी, भले ही IOC ने कई अन्य खेलों में तटस्थ एथलीटों को प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति दी थी। यह दर्शाता है कि विभिन्न खेल संघों के बीच रूसी एथलीटों की भागीदारी को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण हैं, जिससे एथलीटों और खेल प्रशंसकों के बीच भ्रम और निराशा बढ़ रही है। रूसी एथलीटों का भविष्य अब CAS के फैसले और अंतरराष्ट्रीय खेल निकायों के बदलते रुख पर निर्भर करेगा।