राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्म पुरस्कार प्रदान किए: धर्मेंद्र, एन. राजम सम्मानित
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार, 25 मई, 2026 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक गरिमामय सिविल अलंकरण समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया। इस अवसर पर, देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक, पद्म विभूषण अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत प्रदान किया गया, जिसे उनकी पत्नी हेमा मालिनी ने ग्रहण किया। इसके अतिरिक्त, प्रख्यात वायलिन वादक एन. राजम को भी पद्म विभूषण से नवाजा गया। यह समारोह देश के उन असाधारण व्यक्तियों के योगदान को मान्यता देने के लिए आयोजित किया गया था जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं, और यह राष्ट्रीय गौरव तथा प्रेरणा का एक महत्वपूर्ण क्षण था।
समारोह में गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
इस प्रतिष्ठित समारोह में देश के शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति ने इसकी गरिमा और महत्व को और बढ़ा दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित केंद्र सरकार के कई अन्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित रहे। राष्ट्रपति भवन का दरबार हॉल इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बना, जहाँ तालियों की गड़गड़ाहट के बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक-एक करके पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया। समारोह का माहौल अत्यंत गंभीर और सम्मानजनक था, जिसमें प्रत्येक विजेता के योगदान को सराहा गया। उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया, जो देश के लिए उनके अमूल्य योगदान का प्रतीक है। यह क्षण न केवल उन व्यक्तियों के लिए गौरवपूर्ण था, बल्कि यह पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बना, जो इन महान हस्तियों के समर्पण और कड़ी मेहनत को पहचानता है। यह समारोह राष्ट्रीय एकता और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पद्म पुरस्कारों का महत्व और श्रेणियां
पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण और विशिष्ट सेवाओं के लिए प्रदान किए जाते हैं। इन पुरस्कारों की घोषणा प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर की जाती है और ये तीन श्रेणियों में विभाजित हैं: पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री। पद्म विभूषण असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है, पद्म भूषण उच्च क्रम की विशिष्ट सेवा के लिए, और पद्म श्री किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए। ये पुरस्कार कला, समाज सेवा, सार्वजनिक मामले, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल, सिविल सेवा आदि सहित कई विषयों/क्षेत्रों में दिए जाते हैं। इन सम्मानों का उद्देश्य उन भारतीयों को पहचानना है जिन्होंने अपने असाधारण कौशल और अथक प्रयासों से समाज और राष्ट्र के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह सम्मान उन्हें न केवल एक पहचान देता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा भी प्रदान करता है कि कैसे समर्पण और कड़ी मेहनत से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
सम्मानित हस्तियों का योगदान
इस वर्ष पद्म विभूषण से सम्मानित की गई हस्तियों में से एक, अभिनेता धर्मेंद्र, भारतीय सिनेमा के एक अविस्मरणीय सितारे रहे हैं। उन्होंने कई दशकों तक अपने अभिनय से लाखों दर्शकों का मनोरंजन किया है और हिंदी फिल्म उद्योग में एक विशिष्ट पहचान बनाई है। उनकी पत्नी हेमा मालिनी द्वारा उनके मरणोपरांत यह सम्मान ग्रहण करना, उनकी विरासत और परिवार के लिए एक भावुक क्षण था। धर्मेंद्र ने अपने करियर में लगभग 300 से अधिक फिल्मों में काम किया है और उन्हें एक्शन किंग तथा ही-मैन जैसे नामों से भी जाना जाता है। उनका योगदान भारतीय सिनेमा के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित है।
इसी तरह, वायलिन वादक एन. राजम भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में एक महान हस्ती हैं। उन्होंने अपने असाधारण कौशल और अद्वितीय शैली से वायलिन वादन को एक नई ऊंचाई दी है। उनकी संगीत यात्रा कई दशकों तक फैली हुई है, और उन्होंने देश-विदेश में अनगिनत प्रस्तुतियाँ दी हैं, जिससे भारतीय शास्त्रीय संगीत को वैश्विक मंच पर पहचान मिली है। एन. राजम को यह सम्मान उनके संगीत के प्रति आजीवन समर्पण और नई पीढ़ियों को प्रेरित करने के लिए दिया गया है। इन दोनों महानुभावों के योगदान ने न केवल अपने-अपने क्षेत्रों को समृद्ध किया है, बल्कि पूरे राष्ट्र को गौरवान्वित किया है। यह समारोह एक बार फिर साबित करता है कि भारत प्रतिभा और समर्पण को हमेशा सम्मान देता है और उन्हें उचित पहचान प्रदान करता है।