टोंगा में 7.6 तीव्रता का भूकंप, दहशत
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दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित टोंगा के पास मंगलवार को 7.6 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार यह भूकंप नेइआफू के पास समुद्र में आया और इसकी गहराई काफी अधिक थी। हालांकि, इतनी तेज तीव्रता के बावजूद सुनामी का कोई खतरा नहीं बताया गया है।
कहां आया भूकंप और कितनी थी तीव्रता
USGS के मुताबिक यह भूकंप टोंगा के नेइआफू शहर से करीब 150 किलोमीटर पश्चिम में समुद्र के अंदर आया। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.6 मापी गई, जो काफी शक्तिशाली मानी जाती है।
भूकंप की गहराई लगभग 237 किलोमीटर बताई गई है, जिससे इसकी सतह पर प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहा।
सुनामी का खतरा नहीं, राहत की खबर
इतने बड़े भूकंप के बाद आमतौर पर सुनामी का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन इस बार राहत की बात यह रही कि प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने किसी भी तरह की सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की।
विशेषज्ञों के अनुसार भूकंप की अधिक गहराई इसकी मुख्य वजह है, क्योंकि गहरे भूकंप अक्सर समुद्र की सतह पर बड़े स्तर की लहरें पैदा नहीं करते।
लोगों में दहशत, लेकिन नुकसान की खबर नहीं
भूकंप के झटके टोंगा के कई हिस्सों में महसूस किए गए। राजधानी नुकुआलोफा और अन्य क्षेत्रों में इमारतें हिलने की खबर सामने आई, जिससे लोगों में डर का माहौल बन गया।
हालांकि शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार किसी बड़े नुकसान या जनहानि की खबर नहीं है।
स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर लोगों को समुद्र किनारे से दूर रहने और ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी।
क्यों बार-बार आते हैं टोंगा में भूकंप
टोंगा दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक “रिंग ऑफ फायर” में स्थित है। यह इलाका प्रशांत महासागर के किनारे फैला हुआ है, जहां पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटें लगातार टकराती रहती हैं।
इसी वजह से यहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियां देखने को मिलती हैं।
वैज्ञानिक क्या कह रहे हैं
भूकंप विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह के गहरे भूकंप सतह पर कम नुकसान पहुंचाते हैं, लेकिन उनकी तीव्रता ज्यादा होती है।
वैज्ञानिक लगातार इस क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे का समय रहते पता लगाया जा सके।
वैश्विक स्तर पर असर नहीं
इस भूकंप का असर आसपास के देशों जैसे न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया पर नहीं पड़ा है। वहां की एजेंसियों ने भी साफ किया है कि किसी तरह का खतरा नहीं है।
इससे यह साफ है कि भूकंप स्थानीय स्तर तक सीमित रहा और बड़े पैमाने पर नुकसान से बचाव हो गया।
पहले भी आ चुके हैं बड़े भूकंप
टोंगा और आसपास के क्षेत्रों में पहले भी कई बार 6.0 से 7.0 तीव्रता के भूकंप आ चुके हैं। हालांकि अधिकतर मामलों में बड़े नुकसान की खबर नहीं आई है, क्योंकि ये भूकंप समुद्र के अंदर और गहराई में आते हैं।
निष्कर्ष
टोंगा के पास आया 7.6 तीव्रता का भूकंप एक बड़ा प्राकृतिक घटना जरूर है, लेकिन राहत की बात यह है कि इससे किसी बड़े नुकसान या सुनामी का खतरा नहीं हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार सतर्कता और निगरानी बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि यह इलाका भूकंपीय दृष्टि से बेहद सक्रिय है।
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