बिलासपुर में तीन दिनी श्रीराम श्रद्धा यात्रा शुरू, उमड़ा आस्था का सैलाब
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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में गुरुवार से एक अभूतपूर्व धार्मिक उत्साह के साथ श्रीराम श्रद्धा यात्रा का भव्य शुभारंभ हुआ। यह तीन दिवसीय कार्यक्रम विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण के प्रति जनमानस में व्याप्त असीम श्रद्धा और उत्साह को व्यक्त करना है। पहले दिन की यात्रा रेलवे परिक्षेत्र से शुरू होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरी, जिसमें हजारों की संख्या में रामभक्तों, स्कूली बच्चों, महिलाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने भाग लिया। इस यात्रा के माध्यम से बिलासपुर की सड़कों पर भक्ति और आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा, जहां जगह-जगह पुष्पवर्षा और भजन-कीर्तन के साथ यात्रा का स्वागत किया गया। यह आयोजन सिर्फ एक शोभायात्रा नहीं, बल्कि सनातन धर्म के प्रति लोगों की अटूट आस्था और सांस्कृतिक विरासत के प्रति गहरे जुड़ाव का प्रतीक बन गया है।
यात्रा का भव्य शुभारंभ और उद्देश्य
श्रीराम श्रद्धा यात्रा का शुभारंभ बिलासपुर में गुरुवार की सुबह रेलवे परिक्षेत्र से हुआ। इस भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटने लगे थे। यात्रा का मुख्य उद्देश्य अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर के प्रति लोगों की भावनाओं को एक मंच प्रदान करना और रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद उत्पन्न हुए नए उत्साह को जन-जन तक पहुंचाना है। आयोजकों, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल, ने बताया कि यह यात्रा तीन दिनों तक चलेगी और शहर के हर कोने से गुजरेगी, ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें शामिल हो सकें। यात्रा के दौरान जगह-जगह भगवान राम के जयकारे गूंज रहे थे और धार्मिक गीतों पर भक्त झूमते नजर आए। कई स्थानों पर स्थानीय निवासियों ने यात्रा का स्वागत करने के लिए रंगोली बनाई थी और शीतल पेय की व्यवस्था की थी, जो सामुदायिक सौहार्द और भक्ति का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत कर रहा था। इस यात्रा में स्कूली बच्चे भी भगवान राम और हनुमान की वेशभूषा में शामिल हुए, जो आकर्षण का केंद्र बने रहे।
पहले दो दिन का विस्तृत यात्रा मार्ग
श्रीराम श्रद्धा यात्रा का पहला दिन रेलवे परिक्षेत्र से शुरू होकर शहर के हृदय स्थल से गुजरा। यात्रा गुरुनानक चौक, गांधी चौक, सदर बाजार, गोल बाजार, और तेलीपारा जैसे व्यस्ततम इलाकों से होते हुए आगे बढ़ी। पहले दिन की यात्रा का समापन तेलीपारा स्थित श्री हनुमान मंदिर में हुआ, जहां आरती और प्रसाद वितरण के साथ दिन के कार्यक्रम का समापन किया गया। इस दौरान मार्ग में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात था। दूसरे दिन, शुक्रवार को, यात्रा मंगला चौक से प्रारंभ होगी। यह मार्ग भी उतना ही विस्तृत और महत्वपूर्ण है, जिसमें महाराणा प्रताप चौक, व्यापार विहार, जूना बिलासपुर, टिकरापारा चौक, शिव टॉकीज, श्रीकांत वर्मा मार्ग, सत्यम चौक, पुराना बस स्टैंड, और नेहरू चौक जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं। दूसरे दिन की यात्रा का समापन मगरपारा चौक स्थित श्री गणेश मंदिर में होगा, जहां एक बार फिर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है। इन दोनों दिनों की यात्रा का उद्देश्य शहर के अधिकतम हिस्सों को कवर करना है ताकि रामभक्ति का संदेश हर घर तक पहुंच सके।
अंतिम दिन का आयोजन और सुरक्षा व्यवस्था
श्रीराम श्रद्धा यात्रा का तीसरा और अंतिम दिन शनिवार को शनिचरी पड़ाव से शुरू होगा। यह यात्रा पुराना हाईकोर्ट रोड, तारबाहर चौक, सीएमडी चौक, राजीव गांधी चौक, सरकंडा मुख्य मार्ग, पुलिया चौक, बंधवापारा चौक, और लोधीपारा चौक से होते हुए गुजरेगी। अंतिम दिन की यात्रा का समापन लोधीपारा स्थित श्री हनुमान मंदिर में होगा। यात्रा के दौरान विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा लगभग 50 झांकियां निकाली जाएंगी, जो भगवान राम के जीवन से जुड़ी विभिन्न घटनाओं को दर्शाएंगी। इन झांकियों में पारंपरिक लोक कला और सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। पूरे तीन दिनी कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी गई है। बिलासपुर पुलिस ने यात्रा मार्ग पर अतिरिक्त बल तैनात किया है और यातायात को नियंत्रित करने के लिए विशेष योजना बनाई है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
जनभागीदारी और भक्तिमय माहौल
श्रीराम श्रद्धा यात्रा में समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, महिलाएं और युवा सभी राम नाम के जयकारे लगाते हुए यात्रा में शामिल हो रहे हैं। महिलाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि राम मंदिर निर्माण के प्रति उनमें भी असाधारण उत्साह है। कई स्वयंसेवी संस्थाएं और स्थानीय व्यापारी भी यात्रा का समर्थन कर रहे हैं, जगह-जगह पानी, शरबत और अल्पाहार की व्यवस्था कर रहे हैं। इस यात्रा ने बिलासपुर में एक भक्तिमय और सांस्कृतिक जागरण का माहौल पैदा कर दिया है। यह सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों के प्रति सामूहिक एकजुटता का प्रदर्शन भी है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सफल आयोजन के लिए महीनों पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं, जिसका परिणाम इस भव्य और सुव्यवस्थित यात्रा के रूप में दिख रहा है। यह यात्रा बिलासपुर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगी, जो रामभक्ति की लहर को और मजबूत करेगी।