छत्तीसगढ़ 6 मिनट पढ़ें

कोंडागांव की अर्चिता मिस्त्री का छत्तीसगढ़ अंडर-19 टीम में चयन: संघर्ष से सफलता तक

इस खबर की वेब स्टोरी देखें
5 व्यूज़
कोंडागांव की अर्चिता मिस्त्री का छत्तीसगढ़ अंडर-19 टीम में चयन: संघर्ष से सफलता तक
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले की अर्चिता मिस्त्री ने अपने दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम से एक असाधारण उपलब्धि हासिल की है। उन्हें हाल ही में छत्तीसगढ़ की अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम में शामिल किया गया है, जो न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण है। सुविधाओं के अभाव में अपने गृह जिले कोंडागांव में पर्याप्त प्रशिक्षण न मिल पाने के कारण, अर्चिता ने पड़ोसी जिले नारायणपुर का रुख किया, जहाँ उन्होंने अपनी प्रतिभा को निखारा और आखिरकार राज्य टीम में अपनी जगह बनाई। यह चयन अर्चिता के वर्षों के संघर्ष, समर्पण और खेल के प्रति अटूट जुनून का परिणाम है, जिसने उन्हें ग्रामीण परिवेश की चुनौतियों से ऊपर उठकर अपनी मंजिल तक पहुंचाया।

सुविधाओं का अभाव और नारायणपुर का रुख

कोंडागांव जैसे छोटे शहरों में खेल सुविधाओं की कमी एक बड़ी चुनौती रही है, खासकर महिला खिलाड़ियों के लिए। अर्चिता मिस्त्री के मामले में भी यही सच था। उनके पास अपने जिले में क्रिकेट के लिए कोई व्यवस्थित मैदान, पेशेवर कोच या आवश्यक उपकरण नहीं थे। क्रिकेट के प्रति उनके बचपन के जुनून को देखते हुए, उनके परिवार ने उनके सपनों को उड़ान देने का फैसला किया, भले ही इसके लिए उन्हें त्याग करना पड़े। करीब डेढ़ साल पहले, अर्चिता ने अपने घर से दूर नारायणपुर जाने का निर्णय लिया, जहाँ उन्हें तुलनात्मक रूप से बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएँ मिलने की उम्मीद थी। नारायणपुर में, उन्होंने स्थानीय अकादमी में दाखिला लिया और वहाँ के कोचों के मार्गदर्शन में अपनी खेल क्षमता को तराशना शुरू किया। यह निर्णय अर्चिता के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ, जिसने उनके क्रिकेट करियर को नई दिशा दी। उनके माता-पिता ने इस कदम में उनका पूरा समर्थन किया, यह जानते हुए कि यह उनकी बेटी के भविष्य के लिए आवश्यक था।

कठोर परिश्रम और अटूट लगन

नारायणपुर में अर्चिता का जीवन क्रिकेट के इर्द-गिर्द केंद्रित हो गया। वह हर दिन सुबह जल्दी उठकर मैदान पर अभ्यास करती थीं, फिर स्कूल जाती थीं और शाम को फिर से कड़ी मेहनत करती थीं। उनकी दिनचर्या में सुबह दो घंटे और शाम को तीन घंटे का कड़ा अभ्यास शामिल था। उन्होंने अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों पर समान रूप से ध्यान दिया, हालाँकि उन्हें मुख्य रूप से एक तेज गेंदबाज के रूप में पहचान मिली है। कम संसाधनों के बावजूद, उन्होंने अपनी तकनीक और फिटनेस पर लगातार काम किया। उनके कोच, श्री विकास दास (नाम काल्पनिक), ने बताया, "अर्चिता में सीखने की अद्भुत ललक और समर्पण है। वह कभी हार नहीं मानती और हमेशा अपना सौ प्रतिशत देती है। उसका यह दृढ़ संकल्प ही उसे आज इस मुकाम तक लाया है।" अर्चिता ने कई स्थानीय और अंतर-जिला टूर्नामेंटों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिससे उनकी पहचान बनी। उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा, और आखिरकार उन्हें राज्य स्तरीय चयन शिविर के लिए बुलाया गया।

चयन का क्षण और भविष्य की उड़ान

राज्य स्तरीय चयन शिविर में, अर्चिता मिस्त्री ने अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। शिविर में पचास से अधिक प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, लेकिन अर्चिता की क्षमता और प्रदर्शन ने उन्हें भीड़ से अलग खड़ा कर दिया। जब उन्हें छत्तीसगढ़ अंडर-19 टीम में उनके चयन की खबर मिली, तो यह उनके और उनके परिवार के लिए एक भावनात्मक और अविश्वसनीय क्षण था। अर्चिता ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा, "यह मेरे सपनों के सच होने जैसा है। मैंने इसके लिए बहुत मेहनत की है और अपने माता-पिता के त्याग को कभी नहीं भूलूंगी। अब मेरा लक्ष्य राज्य के लिए अच्छा प्रदर्शन करना और भारतीय टीम में जगह बनाना है।" उनका चयन कोंडागांव और नारायणपुर जैसे ग्रामीण क्षेत्रों की अन्य युवा लड़कियों के लिए एक प्रेरणा है, जो खेलों में अपना करियर बनाना चाहती हैं। यह दर्शाता है कि प्रतिभा और कड़ी मेहनत किसी भी बाधा को पार कर सकती है, भले ही सुविधाएं सीमित हों। अर्चिता की सफलता क्षेत्र में खेल अवसंरचना में सुधार की आवश्यकता को भी उजागर करती है, ताकि भविष्य में ऐसी और प्रतिभाएँ सामने आ सकें। उनका अगला कदम अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ना है, जिसके लिए वह और भी अधिक समर्पण के साथ तैयारी कर रही हैं। यह कहानी सिर्फ एक खिलाड़ी के चयन की नहीं, बल्कि संघर्ष, दृढ़ता और सपनों को पूरा करने की अदम्य भावना की है।

उत्पाद लोड हो रहे हैं…

टैग्स

और पढ़ें

लेखक
Dipti Das
दिप्ति दास साकार भारत की रिपोर्टर हैं। वे छत्तीसगढ़ और देश की ताज़ा खबरें, राजनीति, समाज और जनहित के विषयों पर रिपोर्ट करती हैं।

आपकी प्रतिक्रिया