भारी बारिश में भी नहीं डिगी आस्था, गरियाबंद में ढोल-नगाड़ों के साथ निकली भव्य गणेश विसर्जन यात्रा | Raipur News Today
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आज की रायपुर खबर के अनुसार... गरियाबंद, 25 सितंबर 2026। लगातार बारिश के बावजूद गरियाबंद नगर में गणपति बप्पा की विदाई श्रद्धा और उत्साह के साथ हुई। शुक्रवार को भारी बारिश के बीच गणेश प्रतिमाओं की भव्य विसर्जन यात्रा निकाली गई। श्रद्धालु बारिश में भीगते हुए ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमते और नाचते हुए छिंद तालाब पहुंचे। इस दौरान पूरा नगर गणपति बप्पा के जयकारों से गूंज उठा।
सुबह से ही गणेश विसर्जन को लेकर नगर में उत्साह का माहौल रहा। प्रतिमाओं के साथ जैसे-जैसे शोभायात्रा आगे बढ़ी, सड़कों पर श्रद्धालुओं की भीड़ भी बढ़ती गई। बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग बारिश की परवाह किए बिना विसर्जन यात्रा में शामिल हुए। ढोल-ताशों की गूंज और गुलाल की बौछार के बीच ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयघोष सुनाई देते रहे।
निर्धारित मार्ग से छिंद तालाब पहुंचीं प्रतिमाएं
गणेश प्रतिमाओं की शोभायात्रा तिरंगा चौक, मस्जिदपारा, मेन रोड और पुराने बाजार से होते हुए छिंद तालाब पहुंची। रास्ते में श्रद्धालुओं ने आरती और पूजा-अर्चना की। कई स्थानों पर युवा मंडलों और सामाजिक संस्थाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं।
छिंद तालाब पहुंचने के बाद विधि-विधान से पूजा और आरती कर प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। बप्पा की विदाई के दौरान कई श्रद्धालु भावुक भी नजर आए।
54 वर्षों से गणेश स्थापना की परंपरा
पुराना मंगल बाजार स्थित सिन्हा परिवार का गणेशोत्सव इस बार भी आकर्षण का केंद्र रहा। परिवार में गणपति स्थापना की परंपरा 54 वर्षों से चली आ रही है। परिवार की नई पीढ़ी भी इस परंपरा को श्रद्धा और विधि-विधान के साथ आगे बढ़ा रही है।
11 दिनों तक यहां प्रतिदिन पूजा-अर्चना, आरती, मोदक प्रसाद वितरण और आकर्षक सजावट की गई। धरमीन बाई सिन्हा सहित परिवार के सदस्यों ने विशेष पूजा-अर्चना और आरती के साथ बप्पा को विदाई दी।
धरमीन बाई सिन्हा ने बताया कि 54 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को परिवार पूरी आस्था के साथ निभा रहा है। उन्होंने कहा कि बप्पा से सभी के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई है।
पंडालों में हुए धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन
गरियाबंद नगर में दर्जनभर से अधिक गणेश पंडालों में पूजा, हवन और भंडारे आयोजित किए गए। कई स्थानों पर धार्मिक झांकियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी हुआ।
पुलिस, नगर सेना और गोताखोर दल रहे तैनात
विसर्जन को सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन, नगर सेना, गोताखोर दल और नगर पालिका की टीम तैनात रही। छिंद तालाब सहित प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।
नगर पालिका की टीम ने विसर्जन स्थल पर सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधा की जिम्मेदारी संभाली। नपा अधिकारी अश्वनी वर्मा ने बताया कि पूजा सामग्री और हवन के अवशेष तालाब में न जाएं, इसके लिए अलग व्यवस्था की गई।
भारी बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह कम नहीं हुआ। बप्पा के विसर्जन के साथ एक बार फिर नगर में गूंजा— ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ।