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जांजगीर नैला स्टेशन पर चौथी लाइन और ऑटो सिग्नलिंग कार्य, कई ट्रेनें रद्द

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जांजगीर नैला स्टेशन पर चौथी लाइन और ऑटो सिग्नलिंग कार्य, कई ट्रेनें रद्द
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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) मंडल के अंतर्गत जांजगीर नैला स्टेशन पर महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन का कार्य शुरू हो गया है। इसमें चौथी लाइन कनेक्टिविटी और ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम की स्थापना शामिल है। इस कार्य के चलते 15 दिसंबर से 25 दिसंबर 2023 तक, लगभग दस दिनों के लिए रेलगाड़ियों का परिचालन गंभीर रूप से प्रभावित रहेगा। यह कार्य रेलवे यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाने, भविष्य की यात्री व माल ढुलाई की आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से किया जा रहा है, लेकिन अस्थायी तौर पर यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। यह परियोजना क्षेत्र में बढ़ती रेल यातायात की मांग को पूरा करने और परिचालन दक्षता में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कार्य का विवरण और उद्देश्य

जांजगीर नैला स्टेशन पर चल रहा यह कार्य रेलवे के आधुनिकीकरण और क्षमता विस्तार की व्यापक योजना का एक हिस्सा है। इस परियोजना में चौथी रेल लाइन का निर्माण और उसे मौजूदा नेटवर्क से जोड़ना शामिल है, जिससे ट्रेनों के आवागमन के लिए अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध हो सकेगा। इसके साथ ही, अत्याधुनिक ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली की स्थापना की जा रही है। यह प्रणाली ट्रेनों के सुरक्षित और सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिससे मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होगी और ट्रेनों की गति में भी सुधार आएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस कार्य में नई पटरियों बिछाने, ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) को स्थानांतरित करने, सिग्नलिंग केबलों को जोड़ने और नई इंटरलॉकिंग प्रणाली को कॉन्फ़िगर करने जैसे जटिल तकनीकी कार्य शामिल हैं। यह अपग्रेडेशन जांजगीर-नैला जैसे व्यस्त सेक्शन पर ट्रेनों की समयबद्धता और सुरक्षा को बढ़ाने में मदद करेगा, जो बिलासपुर-हावड़ा मुख्य मार्ग पर स्थित एक महत्वपूर्ण जंक्शन है। इस निवेश से भविष्य में यात्रियों को बेहतर और तेज यात्रा अनुभव मिलेगा तथा मालगाड़ियों के परिवहन में भी दक्षता आएगी।

प्रभावित रेलगाड़ियाँ और यात्रियों पर असर

इस बड़े पैमाने के निर्माण कार्य के कारण 15 दिसंबर से 25 दिसंबर 2023 की अवधि में कई यात्री ट्रेनों का परिचालन अस्थायी रूप से बाधित रहेगा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने एक विस्तृत सूची जारी की है जिसमें रद्द की गई ट्रेनें, परिवर्तित मार्ग से चलने वाली ट्रेनें, विलंब से चलने वाली ट्रेनें और शॉर्ट-टर्मिनेट/शॉर्ट-ओरिजिनेट होने वाली ट्रेनें शामिल हैं। उदाहरण के लिए, कई प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनें जैसे 12855 इतवारी-बिलासपुर एक्सप्रेस, 18237 कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस और 12856 बिलासपुर-इतवारी इंटरसिटी कुछ दिनों के लिए रद्द कर दी गई हैं या उनके समय में बदलाव किया गया है। इसके अतिरिक्त, हावड़ा-मुंबई मार्ग की कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनें वैकल्पिक मार्गों से चलाई जाएंगी, जिससे यात्रा का समय बढ़ सकता है। यात्रियों को इस दौरान भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है, खासकर उन लोगों को जिन्होंने पहले से अपनी यात्रा की योजना बना रखी थी। रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे रेल मदद हेल्पलाइन नंबर 139 या भारतीय रेल की आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी ट्रेन की अद्यतन स्थिति की जांच करें। यह विशेष रूप से त्योहारी सीजन या छुट्टियों के दौरान यात्रा करने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण है।

वैकल्पिक व्यवस्थाएं और रेलवे की अपील

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए कुछ वैकल्पिक व्यवस्थाएं की हैं। जांजगीर नैला स्टेशन पर यात्री सहायता डेस्क स्थापित किए गए हैं जहां यात्री अपनी यात्रा से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, महत्वपूर्ण स्टेशनों पर बार-बार घोषणाएं की जा रही हैं ताकि यात्री नवीनतम अपडेट से अवगत रहें। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि यह कार्य यात्रियों की सुरक्षा और बेहतर सेवा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हालांकि वर्तमान में यात्रियों को थोड़ी परेशानी होगी, लेकिन दीर्घकालिक लाभ बहुत अधिक होंगे। रेलवे ने यात्रियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे अपनी यात्रा की योजना सावधानीपूर्वक बनाएं और अनावश्यक यात्रा से बचें, यदि संभव हो। यह भी सलाह दी गई है कि यात्री अपनी टिकट बुक करने से पहले ट्रेनों की स्थिति की जांच करें और किसी भी बदलाव के लिए तैयार रहें।

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भविष्य की योजनाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार

जांजगीर नैला स्टेशन पर किया जा रहा यह कार्य भारतीय रेलवे की राष्ट्रव्यापी आधुनिकीकरण पहल का एक हिस्सा है। चौथी लाइन और ऑटोमेटिक सिग्नलिंग जैसी परियोजनाएं देश के रेलवे नेटवर्क की क्षमता और दक्षता को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य न केवल यात्री यातायात को सुगम बनाना है, बल्कि माल ढुलाई की क्षमता को भी बढ़ाना है, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मंडल में ऐसे कई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनका लक्ष्य भीड़भाड़ वाले मार्गों पर दबाव कम करना और ट्रेनों की औसत गति में सुधार करना है। ये निवेश भविष्य में रेलवे को और अधिक विश्वसनीय, सुरक्षित और तेज परिवहन माध्यम बनाने में मदद करेंगे, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। रेलवे अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है कि वह यात्रियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए लगातार प्रयासरत है और इस दिशा में ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन कार्य अपरिहार्य हैं।

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