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कुरुद सीट पर बढ़ी टिकट की सियासत

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कुरुद सीट पर बढ़ी टिकट की सियासत
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धमतरी/कुरूद। कुरूद विधानसभा क्षेत्र में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस, दोनों ही दलों में संभावित उम्मीदवारों के नामों को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। इसी बीच पूर्व विधायक और वरिष्ठ भाजपा नेता हरमीत सिंह होरा के चुनाव लड़ने की संभावना ने क्षेत्र की राजनीति को नई दिशा दे दी है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि भाजपा वर्तमान विधायक अजय चंद्राकर के सामने किसी प्रभावशाली चेहरे को मैदान में उतारने का निर्णय लेती है, तो हरमीत सिंह होरा का नाम प्रमुख दावेदारों में शामिल हो सकता है। कुरूद के साथ-साथ धमतरी क्षेत्र में भी उनका प्रभाव माना जाता है और लंबे समय से संगठन तथा जनसंपर्क के माध्यम से उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है।

कुरूद विधानसभा का चुनाव इस बार कई मायनों में रोचक रहने की संभावना है। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के भीतर टिकट को लेकर कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं। भाजपा में संगठन और स्थानीय समीकरणों के आधार पर उम्मीदवार चयन को लेकर मंथन जारी है, वहीं कांग्रेस भी मजबूत और जीतने वाले चेहरे की तलाश में जुटी हुई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि महिला नेतृत्व को भी इस चुनाव में महत्व मिल सकता है। पूर्व विधायक रंजना साहू, तारिणी चंद्राकर और कविता योगेश बावर जैसे नाम भी समय-समय पर चर्चा में आते रहे हैं। दूसरी ओर कांग्रेस में विधायक ओंकार साहू सहित अन्य नेताओं की सक्रियता भी लगातार बढ़ रही है।

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भाजपा में संगठनात्मक स्तर पर कई वरिष्ठ नेताओं की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वहीं कांग्रेस भी प्रदेश नेतृत्व के मार्गदर्शन में चुनावी रणनीति तैयार करने में जुटी हुई है। ऐसे में दोनों दलों के लिए उम्मीदवार चयन आसान नहीं रहने वाला है। माना जा रहा है कि टिकट उसी नेता को मिलेगा जिसकी संगठन में स्वीकार्यता के साथ-साथ जनता के बीच मजबूत पकड़ होगी।

राजनीतिक जानकारों का यह भी मानना है कि आगामी चुनाव में टिकट प्राप्त करने के लिए नेताओं को केवल राजनीतिक अनुभव ही नहीं, बल्कि क्षेत्र में लगातार सक्रियता और जनसमर्थन भी साबित करना होगा। भारतमाला परियोजना, स्थानीय विकास कार्य, संगठन की मजबूती और सामाजिक समीकरण जैसे कई मुद्दे उम्मीदवार चयन में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

फिलहाल हरमीत सिंह होरा किस विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे और भाजपा का अंतिम फैसला क्या होगा, यह भविष्य के गर्भ में है। लेकिन इतना तय है कि कुरूद विधानसभा में उनके नाम को लेकर चर्चा ने चुनावी माहौल को गर्मा दिया है। आने वाले दिनों में राजनीतिक दलों की रणनीति और उम्मीदवारों की घोषणा के बाद तस्वीर और अधिक स्पष्ट होगी।

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लेखक
Dipti Das
दिप्ति दास साकार भारत की रिपोर्टर हैं। वे छत्तीसगढ़ और देश की ताज़ा खबरें, राजनीति, समाज और जनहित के विषयों पर रिपोर्ट करती हैं।

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