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रायपुर में अस्पतालों की मनमानी पर रोक: अब बेड चार्ज होगा तय और पारदर्शी, मरीजों को मिलेगा राहत | Raipur News Today

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रायपुर में अस्पतालों की मनमानी पर रोक: अब बेड चार्ज होगा तय और पारदर्शी, मरीजों को मिलेगा राहत | Raipur News Today
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आज की रायपुर खबर के अनुसार... राजधानी रायपुर में निजी अस्पतालों द्वारा मनमाने शुल्क वसूली पर अब सख्त कार्रवाई की तैयारी की गई है। राज्य सरकार ने मरीजों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए अस्पतालों में बेड चार्ज को तय और पारदर्शी बनाने के निर्देश जारी किए हैं। इस फैसले से मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से अस्पतालों की मनमानी दरों से परेशान थे।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अब सभी निजी अस्पतालों को अपने बेड चार्ज की स्पष्ट सूची सार्वजनिक करनी होगी। यह सूची अस्पताल के रिसेप्शन, वेबसाइट और अन्य प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा, ताकि मरीज भर्ती होने से पहले ही खर्च की जानकारी प्राप्त कर सकें।

मरीजों की शिकायतों के बाद लिया गया फैसला

पिछले कुछ समय से रायपुर के कई निजी अस्पतालों के खिलाफ शिकायतें सामने आ रही थीं कि वे एक ही प्रकार के बेड के लिए अलग-अलग मरीजों से अलग-अलग शुल्क वसूल रहे हैं। खासतौर पर आईसीयू और प्राइवेट वार्ड के नाम पर अत्यधिक बिलिंग की शिकायतें आम हो गई थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि अस्पतालों में जवाबदेही भी तय होगी। अब अस्पतालों को किसी भी प्रकार की अतिरिक्त या छिपी हुई फीस वसूलने से पहले स्पष्ट जानकारी देनी होगी।

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तय होगा बेड चार्ज का मानक

सरकार द्वारा एक मानक दर निर्धारित करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। इसमें अस्पतालों को उनकी सुविधाओं, उपकरणों और सेवाओं के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जाएगा। उसी के अनुसार बेड चार्ज तय किए जाएंगे।

इस व्यवस्था के तहत जनरल वार्ड, सेमी-प्राइवेट, प्राइवेट और आईसीयू बेड के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित होंगी। साथ ही अस्पतालों को यह भी स्पष्ट करना होगा कि बेड चार्ज में कौन-कौन सी सेवाएं शामिल हैं, जैसे नर्सिंग, डॉक्टर विजिट, मॉनिटरिंग आदि।

पारदर्शिता के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म

सरकार डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी अस्पतालों के शुल्क को सार्वजनिक करने की योजना बना रही है। इससे मरीज ऑनलाइन ही विभिन्न अस्पतालों के बेड चार्ज की तुलना कर सकेंगे और अपनी सुविधा के अनुसार अस्पताल का चयन कर पाएंगे।

यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इससे अस्पतालों पर उचित दर बनाए रखने का दबाव भी बनेगा।

नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि जो अस्पताल निर्धारित नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, लाइसेंस निलंबन या रद्द करने जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।

प्रशासन ने निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन करने की भी योजना बनाई है, जो समय-समय पर अस्पतालों का निरीक्षण करेंगी और यह सुनिश्चित करेंगी कि तय नियमों का पालन हो रहा है या नहीं।

मरीजों और परिजनों को मिलेगी राहत

इस फैसले से आम लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अब मरीजों को इलाज के दौरान अचानक बढ़े हुए बिलों का सामना नहीं करना पड़ेगा। पहले जहां भर्ती के बाद ही वास्तविक खर्च का अंदाजा लगता था, वहीं अब पहले से ही पूरी जानकारी उपलब्ध होगी।

स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल मरीजों का भरोसा बढ़ेगा बल्कि निजी अस्पतालों में अनुशासन भी आएगा।

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