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वास्तु गुरु राणा सिकंदर के अनुसार योगिनी एकादशी पर ऐसे करें श्रीहरि की पूजा | Raipur News Today

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वास्तु गुरु राणा सिकंदर के अनुसार योगिनी एकादशी पर ऐसे करें श्रीहरि की पूजा | Raipur News Today
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आज की रायपुर खबर के अनुसार... धर्म डेस्क। आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की योगिनी एकादशी भगवान श्रीहरि विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से व्रत एवं पूजा करने से पापों का नाश होता है तथा सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। इस वर्ष योगिनी एकादशी की तिथि को लेकर कई श्रद्धालुओं के मन में 10 और 11 जुलाई को लेकर भ्रम है।

वास्तु गुरु राणा सिकंदर के अनुसार एकादशी व्रत का पालन हमेशा उदया तिथि और पंचांग में बताए गए नियमों के अनुसार करना चाहिए। स्थानीय पंचांग और मंदिरों द्वारा जारी समय का पालन करना अधिक उपयुक्त माना जाता है। व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करनी चाहिए तथा पूरे दिन सात्विक आचरण अपनाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि योगिनी एकादशी के दिन प्रातः स्नान कर पीले वस्त्र धा...

उन्होंने बताया कि योगिनी एकादशी के दिन प्रातः स्नान कर पीले वस्त्र धारण करें और भगवान श्रीहरि को पीले पुष्प, तुलसी दल, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें। पूजा के दौरान "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। विष्णु सहस्रनाम या श्री विष्णु चालीसा का पाठ भी विशेष फलदायी माना गया है।

वास्तु गुरु राणा सिकंदर के अनुसार इस दिन घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) को स्वच्छ रखें और वहां घी का दीपक जलाएं। इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है। जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और फल का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।

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धार्मिक मान्यता है कि योगिनी एकादशी का व्रत श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से जीवन की अनेक बाधाएं दूर होती हैं, मानसिक शांति मिलती है तथा भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। व्रत का पारण द्वादशी तिथि में निर्धारित समय के अनुसार करना चाहिए। श्रद्धालुओं को पूजा और व्रत से संबंधित समय के लिए अपने स्थानीय पंचांग का भी अवश्य पालन करना चाहिए।

वास्तु गुरु राणा सिकंदर का कहना है कि सच्ची श्रद्धा, संयम और सेवा भाव के साथ किया गया व्रत व्यक्ति के आध्यात्मिक और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।

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