हिमंता दूसरी बार असम के सीएम, 4 मंत्री भी लेंगे शपथ; PM मोदी शामिल
असम में राजनीतिक हलचल के बीच, हिमंता बिस्वा सरमा आज गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित एक भव्य समारोह में दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ 4 अन्य विधायक भी मंत्री पद की शपथ लेंगे, जो राज्य में भाजपा की लगातार तीसरी सरकार के गठन का प्रतीक है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे, जिनमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल हैं, जो सोमवार रात ही गुवाहाटी पहुंच गए थे। यह शपथ ग्रहण समारोह असम में भाजपा के मजबूत होते जनाधार और पूर्वोत्तर में पार्टी के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है, जिसके पीछे हिमंता बिस्वा सरमा की रणनीतिक सूझबूझ को एक प्रमुख कारण माना जाता है।
शपथ ग्रहण समारोह और मंत्रिमंडल विस्तार
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट के माध्यम से यह जानकारी साझा की कि उनके साथ रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोरो और अजंता नेओग मंत्री पद की शपथ लेंगे। इसके अतिरिक्त, रंजीत दास असम विधानसभा के स्पीकर का पदभार संभालेंगे। यह घोषणा नए मंत्रिमंडल की संरचना का एक प्रारंभिक संकेत देती है। इससे पहले, हिमंता ने रविवार को संकेत दिया था कि मंत्रिमंडल में लगभग 18-19 मंत्री हो सकते हैं, और यह निर्णय नए चेहरों को शामिल करने या अनुभवी लोगों को बनाए रखने के संबंध में मिलने वाले मार्गदर्शन पर निर्भर करेगा। शपथ ग्रहण समारोह के लिए गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में सोमवार से ही व्यापक तैयारियां शुरू हो गई थीं, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था और गणमान्य व्यक्तियों के आगमन को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यह समारोह असम की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत का गवाह बनेगा।
असम में भाजपा की ऐतिहासिक जीत और हिमंता का नेतृत्व
असम में भाजपा की लगातार तीसरी बार सरकार की वापसी एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। पार्टी ने अकेले दम पर 82 सीटें जीतकर बहुमत के आंकड़े से 18 अधिक सीटें हासिल कीं, जो उसकी प्रचंड जीत को दर्शाता है। इस चुनाव की एक और असाधारण बात यह रही कि मौजूदा भाजपा सरकार का कोई भी मंत्री चुनाव नहीं हारा, जो भारतीय राजनीति में एक अभूतपूर्व घटना है। इस सफलता के पीछे हिमंता बिस्वा सरमा को पूर्वोत्तर भारत में भाजपा और NDA की बढ़ती ताकत का महत्वपूर्ण रणनीतिकार माना जाता है। कांग्रेस से भाजपा में आने के बाद, उन्होंने 'नॉर्थ-ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस' (NEDA) के संयोजक के रूप में पूरे क्षेत्र में क्षेत्रीय दलों को एक साझा मंच पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सरमा की जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ और कठिन राजनीतिक परिस्थितियों में भी गठबंधन बनाने की उनकी क्षमता ने पूर्वोत्तर में भाजपा के लिए अजेय द्वार खोल दिए हैं, जिससे पार्टी का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।
पूर्वोत्तर में भाजपा का बढ़ता प्रभाव और चुनावी विश्लेषण
हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा ने पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों (असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, नगालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा और सिक्किम) में भाजपा या NDA समर्थित गठबंधन की सरकारें स्थापित करने में सफलता प्राप्त की है। असम विधानसभा चुनाव में भाजपा का स्ट्राइक रेट 92.1% रहा, जो पार्टी की प्रभावी चुनावी रणनीति और जमीनी स्तर पर उसकी मजबूत पकड़ को दर्शाता है। नई विधानसभा में 7 महिला विधायक भी शामिल होंगी, जो राज्य की राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का संकेत है। चुनावी विश्लेषण से पता चलता है कि भाजपा ने अपर असम और बराक वैली में शानदार प्रदर्शन करते हुए क्लीन स्वीप किया, जहां पार्टी ने अपनी आधी से अधिक सीटें जीतीं। इसके साथ ही, 3 ट्राइबल इलाकों - बोडोलैंड टेरिटोरियल एरिया (BTC), करबी आंगलोंग ऑटोनॉमस काउंसिल (KAAC) और नॉर्थ कछार हिल्स ऑटोनॉमस काउंसिल (NCHAC) में भी NDA का दबदबा रहा, जहां असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (BOPF) ने महत्वपूर्ण सीटें जीतीं। वहीं, कांग्रेस केवल लोअर असम के कुछ हिस्सों में ही सिमट कर रह गई, जो उसके घटते जनाधार को प्रदर्शित करता है। यह चुनाव परिणाम पूर्वोत्तर की राजनीति में भाजपा के बढ़ते वर्चस्व को और पुष्ट करता है।