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मानसून 4 दिन पहले, बाड़मेर 47.3°C पर तपता रहा, 5 राज्यों में अलर्ट

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मानसून 4 दिन पहले, बाड़मेर 47.3°C पर तपता रहा, 5 राज्यों में अलर्ट
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देश के कई राज्यों में भीषण गर्मी और हीटवेव का प्रकोप जारी है, वहीं मौसम विभाग ने इस बार केरल में मानसून के सामान्य तिथि से चार दिन पहले यानी 25 से 27 मई के बीच दस्तक देने का अनुमान जताया है। सोमवार को राजस्थान का बाड़मे लगातार दूसरे दिन देश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां पारा 47.3°C तक पहुंच गया। इसी बीच, बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने से दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है, जबकि उत्तर प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और ओडिशा समेत 5 राज्यों में आंधी-बारिश के लिए अलर्ट जारी किया गया है। यह मौसमी बदलाव देश के एक बड़े हिस्से को गर्मी से राहत दिला सकता है, जबकि कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं और ओलावृष्टि से नुकसान की आशंका बनी हुई है।

देश में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी

पूरे देश में गर्मी का सितम लगातार जारी है, खासकर उत्तर-पश्चिमी और मध्य भारत के राज्यों में हीटवेव का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया। राजस्थान के बाड़मेर में तापमान47.3°C दर्ज किया गया, जो इसे देश का सबसे गर्म स्थान बनाता है। इसके अलावा, जैसलमेर में 46.5°C, फलोदी में 45.6°C, बीकानेर में 45.3°C और जोधपुर में 44.9°C तापमान रहा। इन आंकड़ों से साफ है कि मरुस्थलीय राज्य राजस्थान में गर्मी अपने चरम पर है।

अन्य राज्यों की बात करें तो, महाराष्ट्र के अकोला में 45.1°C, जलगांव में 44.3°C और अमरावती में 44°C तापमान दर्ज किया गया। गुजरात के अहमदाबाद और अमरेली में भी पारा 44.3°C तक पहुंच गया, जबकि मध्य प्रदेश के धार में 44°C तापमान रहा। यह लगातार दूसरा दिन है जब बाड़मेर देश में सबसे गर्म रहा, जो दर्शाता है कि इन क्षेत्रों में लोगों को अभी कुछ और दिनों तक लू और प्रचंड गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। हीटवेव के कारण दिनचर्या प्रभावित हो रही है और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी बढ़ रही हैं।

मानसून की दस्तक: समय से पहले आने का अनुमान

गर्मी के इस भयंकर दौर के बीच, मौसम विभाग ने एक अच्छी खबर दी है। इस बार केरल में मानसून अपनी सामान्य तारीख 1 जून से चार दिन पहले यानी 25 से 27 मई के बीच दस्तक दे सकता है। यह अनुमान बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में बने एक डिप्रेशन के कारण लगाया गया है, जिसके अगले 48 घंटों में और मजबूत होने की संभावना है। इस सिस्टम के बनने से न केवल दक्षिण भारत के राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी, बल्कि यह मानसून के समय से पहले आने के लिए भी अनुकूल परिस्थितियां पैदा कर रहा है

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यह मौसमी बदलाव किसानों और आम लोगों के लिए राहत की खबर लेकर आया है, क्योंकि मानसून का समय पर या पहले आना कृषि और जलस्तर के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। नए सिस्टम और अनुकूल हवाओं के कारण मानसून की प्रगति तेज होने की उम्मीद है, जिससे भीषण गर्मी से जूझ रहे दक्षिणी राज्यों को जल्द ही राहत मिल सकती है। केरल में मानसून की समय से पहले दस्तक देश के अन्य हिस्सों में भी इसकी गति को प्रभावित कर सकती है, जिससे देश के बड़े हिस्से में गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

आंधी-बारिश का अलर्ट और मौसमी बदलाव

जहां एक ओर देश के कई हिस्से गर्मी से तप रहे हैं, वहीं कुछ राज्यों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश में सोमवार सुबह तेज आंधी-तूफान, बारिश और 65 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से चली हवाओं ने भारी नुकसान पहुंचाया। कुल्लू में 5 घरों और 7 गोशालाओं की छतें उड़ गईं, जबकि मंडी, शिमला और कांगड़ा में पेड़ गिरने से सड़कें जाम हो गईं। यह दर्शाता है कि अचानक हुए मौसमी बदलाव काफी विनाशकारी हो सकते हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून के अनुकूल परिस्थितियों के बीच केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों में 14 से 17 मई के दौरान भारी बारिश की संभावना है। असम, मेघालय और मणिपुर में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण के कारण ओडिशा में अगले 6 दिनों तक बारिश की संभावना है। राज्य के 20 जिलों में बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। आगामी 13 मई को पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इसी दिन हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और ओलावृष्टि का असर बना रह सकता है, जबकि पंजाब और हरियाणा में भी तेज हवाएं चलने की संभावना है। इन मौसमी गतिविधियों से गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन साथ ही संभावित नुकसान के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता भी है।

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