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ब्रिटिश एयरवेज के **3** पायलटों को उड़ान में खाद्य विषाक्तता, जांच शुरू

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ब्रिटिश एयरवेज के **3** पायलटों को उड़ान में खाद्य विषाक्तता, जांच शुरू
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हैदराबाद से लंदन हीथ्रो जा रही ब्रिटिश एयरवेज की उड़ान BA276 के दौरान एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसमें एयरलाइन के तीन पायलट संदिग्ध खाद्य विषाक्तता का शिकार हो गए। यह घटना चालक दल के हैदराबाद में रात भर रुकने के बाद हुई, जब उन्होंने उड़ान भरने से पहले शहर के एक होटल लाउंज में नाश्ता किया था। जानकारी के अनुसार, 30,000 फीट की ऊंचाई पर विमान के उड़ान भरते समय एक पायलट की तबीयत अचानक गंभीर रूप से बिगड़ गई, जिससे उसे तत्काल ऑक्सीजन और आपातकालीन चिकित्सा उपचार की आवश्यकता पड़ी। इस चौंकाने वाली घटना ने एयरलाइन को तत्काल विस्तृत जांच शुरू करने के लिए मजबूर किया है, जो विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

उड़ान में बीमारी और ब्रिटिश एयरवेज की जांच

घटना के विवरण के अनुसार, हैदराबाद से उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही पहला पायलट गंभीर रूप से अस्वस्थ महसूस करने लगा और वह अपनी सामान्य ड्यूटी जारी रखने में असमर्थ हो गया। गल्फ न्यूज की रिपोर्ट बताती है कि चालक दल में शामिल अन्य दो पायलटों ने हालांकि उड़ान को सुरक्षित रूप से पूरा किया, लेकिन उड़ान के आगे बढ़ने के साथ-साथ उनकी स्थिति भी कथित तौर पर बिगड़ती गई। सौभाग्य से, विमान लंदन में बिना किसी परिचालन समस्या के सुरक्षित उतर गया।

ब्रिटिश एयरवेज ने इस घटना की पुष्टि की है और कहा है कि वह हैदराबाद में अपने चालक दल के आवास व्यवस्था की समीक्षा कर रही है। एयरलाइन ने एक बयान में कहा, "हमारे सहयोगियों का कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और बीमारी की कुछ अलग-थलग रिपोर्टों के बाद हम इस स्थान पर चालक दल के आवास की समीक्षा कर रहे हैं।" सभी तीनों पायलटों ने एयर सेफ्टी रिपोर्ट दर्ज की है और डॉक्टरों को बीमारी के स्रोत की पहचान करने में मदद करने के लिए चिकित्सा नमूने प्रदान करने को कहा गया है।

कड़े प्रोटोकॉल के बावजूद जोखिम और संभावित स्रोत

यह घटना अत्यधिक असामान्य मानी जा रही है क्योंकि वाणिज्यिक एयरलाइंस कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करती हैं, जिन्हें उड़ान डेक के सभी सदस्यों को एक ही समय में बीमार पड़ने से रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इन उपायों में अक्सर पायलटों को अलग-अलग भोजन खाने के लिए प्रोत्साहित करना या अनिवार्य करना शामिल होता है, ताकि यदि एक भोजन दूषित हो तो सभी प्रभावित न हों। खाद्य विषाक्तता को लंबे समय से विमानन सुरक्षा के लिए एक संभावित जोखिम के रूप में मान्यता दी गई है और यही एक कारण है कि एयरलाइंस कठोर चालक दल भोजन नीतियों को बनाए रखती हैं।

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इस मामले में, तीन पायलटों ने उड़ान से पहले हैदराबाद के एक होटल लाउंज में एक साथ नाश्ता किया था। हालांकि, गल्फ न्यूज के अनुसार, उन्होंने एक बाहरी कंपनी द्वारा आपूर्ति किए गए बोतलबंद पानी का सेवन किया था। जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना होगा कि क्या बीमारी का स्रोत होटल का भोजन था या यह बाहरी रूप से आपूर्ति किया गया पानी था। पायलटों द्वारा प्रदान किए गए चिकित्सा नमूने और एयर सेफ्टी रिपोर्ट इस जांच में महत्वपूर्ण सुराग प्रदान करेंगे।

पिछली घटनाएं और विमानन उद्योग के लिए सबक

यह पहली बार नहीं है जब ब्रिटिश एयरवेज को इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा है। 1984 में, एक बड़े खाद्य विषाक्तता के प्रकोप ने लगभग 1,000 यात्रियों, चालक दल के सदस्यों और ग्राउंड स्टाफ को प्रभावित किया था, जिससे एयरलाइन के वैश्विक संचालन बाधित हो गए थे। यह घटना इस बात का एक स्पष्ट उदाहरण है कि खाद्य जनित बीमारियां कितनी व्यापक और विघटनकारी हो सकती हैं।

हाल ही में, अरेबियन बिजनेस के अनुसार, फरवरी 2024 में एक युनाइटेड एयरलाइंस की उड़ान इंचियोन से सैन फ्रांसिस्को के लिए उड़ान भरने के तुरंत बाद दक्षिण कोरिया लौट आई थी, जब कई पायलट और केबिन क्रू के सदस्य बीमार पड़ गए थे। ये घटनाएं इस बात की पुष्टि करती हैं कि खाद्य विषाक्तता विमानन उद्योग के लिए एक निरंतर और गंभीर खतरा बनी हुई है। एयरलाइंस को न केवल उड़ान के दौरान बल्कि चालक दल के ठहराव के दौरान भी भोजन और पेय पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनी प्रक्रियाओं की लगातार समीक्षा और उन्हें मजबूत करने की आवश्यकता है। यह घटना विश्व स्तर पर विमानन सुरक्षा मानकों पर फिर से ध्यान केंद्रित करने का एक अवसर प्रदान करती है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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