सिरसा के किन्नू को मिला हरियाणा का पहला स्वतंत्र GI टैग, CM सैनी ने दी बधाई
हाल ही में, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिरसा के प्रसिद्ध किन्नू को राज्य का पहला स्वतंत्र भौगोलिक संकेतक (GI टैग) मिलने पर किसानों को हार्दिक बधाई दी। मुख्यमंत्री ने सिरसा में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह घोषणा की। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से अब सिरसा के किन्नू की पहचान न केवल राष्ट्रीय, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूत होगी, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर बाजार मूल्य मिलेगा और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह GI टैग हरियाणा के कृषि उत्पादों के लिए एक नया अध्याय खोलेगा।
सिरसा किन्नू को मिली नई पहचान
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस अवसर पर सिरसा के किसानों को विशेष बधाई देते हुए कहा कि यह हरियाणा के लिए गर्व का क्षण है, क्योंकि किन्नू ऐसा पहला फल है जिसे स्वतंत्र GI टैग प्राप्त हुआ है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे किन्नू की गुणवत्ता और उत्पादन पर विशेष ध्यान दें, ताकि इस विशिष्ट पहचान को बरकरार रखा जा सके। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि GI टैग मिलने से सिरसा के किन्नू की ब्रांड वैल्यू में जबरदस्त इजाफा होगा, जिससे किसानों को अपनी मेहनत का पूरा फल मिल पाएगा। यह उपलब्धि राज्य के कृषि निर्यात को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रगतिशील किसानों, अधिकारियों और विशेषज्ञों को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया। इनमें बड़ागुढ़ा के किसान निखिल मेहता, ऐलनाबाद के किसान मनोज कुमार, डबवाली के किसान कृष्ण कुमार और उद्यान विकास अधिकारी (HDO) सीमा कंबोज प्रमुख थे।
स्वतंत्र GI टैग का महत्व और किसानों को लाभ
जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने इस GI टैग की विशिष्टता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सिरसा का किन्नू हरियाणा का पहला स्वतंत्र GI टैग प्राप्त कृषि उत्पाद बन गया है। उन्होंने समझाया कि इससे पहले बासमती और फुलकारी को संयुक्त रूप से GI टैग मिले थे, लेकिन सिरसा किन्नू ने हरियाणा की विशिष्ट कृषि उपज के रूप में अपनी अलग पहचान कायम की है। दीन मोहम्मद ने यह भी बताया कि पहले स्वतंत्र GI टैग नहीं होने के कारण, सिरसा का किन्नू अक्सर अन्य राज्यों के किन्नू के साथ मिलाकर बेचा जाता था, जिससे किसानों को अपनी गुणवत्तापूर्ण उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता था।
अब स्वतंत्र GI टैग मिलने के बाद, सिरसा किन्नू की ब्रांड वैल्यू (बाजार पहचान) मजबूत होगी और किसानों को बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद है। यह टैग उपभोक्ताओं को भी यह सुनिश्चित करेगा कि वे जो किन्नू खरीद रहे हैं, वह वास्तव में सिरसा की विशिष्ट जलवायु और मिट्टी में उगाया गया है, जिससे उत्पाद की प्रामाणिकता और गुणवत्ता पर उनका विश्वास बढ़ेगा। इससे न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि सिरसा क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को भी एक नई दिशा मिलेगी।
युवा सशक्तिकरण और सरकारी पहल
एक अन्य महत्वपूर्ण विषय पर बात करते हुए, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा में हाल ही में संपन्न हुई CET और NEET परीक्षाओं के सफल संचालन पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इन परीक्षाओं के दौरान अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा और सरकार द्वारा उनके लिए पर्याप्त यातायात सुविधाएँ भी उपलब्ध करवाई गईं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष ने युवाओं को भड़काने और बरगलाने का काम किया है, जबकि सरकार गंभीरता से युवाओं के साथ मिलकर काम कर रही है। उन्होंने विपक्ष से अपने शासनकाल में युवाओं के प्रति उनके व्यवहार पर विचार करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन युवाओं को सशक्त और मजबूत बनाना है, और हरियाणा सरकार इसी दिशा में लगातार काम कर रही है। सरकार युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने और उन्हें कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इस अवसर पर उपायुक्त शांतनु शर्मा, पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण, नगर परिषद सिरसा के चेयरमैन शांति स्वरूप, चेयरमैन रोहताश जांगड़ा, चेयरमैन देव कुमार शर्मा, मुख्यमंत्री के पूर्व राजनीतिक सलाहकार जगदीश चोपड़ा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।