सोना-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव, 24 कैरेट गोल्ड ₹14,900 के करीब; सिल्वर में गिरावट
देशभर में आज सोना और चांदी की कीमतों में हलचल देखने को मिली है। वैश्विक बाजार के संकेतों और घरेलू मांग के चलते दोनों की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। मंगलवार, 5 मई 2026 को जारी ताजा अपडेट के मुताबिक, सोने के दाम जहां सीमित दायरे में बने हुए हैं, वहीं चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।
आज भारत में 24 कैरेट सोने का रेट करीब ₹14,961 प्रति ग्राम और 22 कैरेट सोना लगभग ₹13,714 प्रति ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है। वहीं चांदी की कीमत करीब ₹2,64,900 प्रति किलोग्राम के आसपास बनी हुई है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। MCX पर सोना हल्की बढ़त के साथ ₹1,49,500 प्रति 10 ग्राम के नीचे बना हुआ है, जबकि चांदी ₹2.43 लाख प्रति किलो के स्तर से नीचे फिसलती नजर आई।
शहरों के हिसाब से कीमतों में बदलाव
देश के अलग-अलग शहरों में सोने और चांदी के दामों में मामूली अंतर देखा जा रहा है। इसकी मुख्य वजह स्थानीय टैक्स, ज्वेलर्स का मार्जिन और परिवहन लागत होती है। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में कीमतें लगभग समान ट्रेंड पर बनी हुई हैं, लेकिन हल्का अंतर बना रहता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि शादी के सीजन और त्योहारों के समय सोने की मांग बढ़ती है, जिससे कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि अभी बाजार में स्थिरता के संकेत भी दिख रहे हैं।
चांदी में क्यों आई गिरावट?
चांदी की कीमतों में हाल के दिनों में ज्यादा गिरावट देखने को मिली है। इसका मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी और निवेशकों की सतर्कता माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, MCX पर चांदी की कीमतों में लगातार दबाव बना हुआ है और यह ₹2.38 लाख प्रति किलो तक फिसल चुकी है।
इसके अलावा डॉलर की मजबूती और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता भी चांदी के दाम पर असर डाल रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
ग्लोबल मार्केट में सोने-चांदी की कीमतें कई कारकों से प्रभावित हो रही हैं। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, महंगाई की चिंता और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता जैसे कारणों से निवेशक सतर्क बने हुए हैं।
इसके अलावा मध्य पूर्व में जारी तनाव भी बाजार को प्रभावित कर रहा है, जिससे निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोने की ओर रुख करते हैं। हालांकि मजबूत डॉलर सोने की कीमतों पर दबाव डाल रहा है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
मौजूदा स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। सोना लंबे समय से सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन मौजूदा समय में इसमें तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
अगर आप निवेश की योजना बना रहे हैं, तो छोटे-छोटे हिस्सों में खरीदारी करना बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं चांदी में गिरावट निवेश का अवसर भी बन सकती है, लेकिन जोखिम को ध्यान में रखना जरूरी है।
आगे क्या रहेगा ट्रेंड?
आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतें वैश्विक संकेतों पर निर्भर रहेंगी। खासतौर पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों, डॉलर की चाल और कच्चे तेल की कीमतों पर बाजार की नजर रहेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी रहती है, तो सोने में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं चांदी में भी सुधार संभव है, लेकिन फिलहाल इसमें दबाव बना हुआ है।