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शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव: शुरुआती तेजी के बाद फिसला सेंसेक्स, FMCG शेयरों में बिकवाली से दबाव

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शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव: शुरुआती तेजी के बाद फिसला सेंसेक्स, FMCG शेयरों में बिकवाली से दबाव
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भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सुबह कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई और सेंसेक्स ने शुरुआती घंटों में अच्छी बढ़त दर्ज की, लेकिन दिन चढ़ने के साथ बाजार पर बिकवाली हावी हो गई। खासकर FMCG सेक्टर के शेयरों में कमजोरी और वैश्विक संकेतों के दबाव से सेंसेक्स अपने दिन के उच्चतम स्तर से करीब 800 अंक नीचे आ गया। वहीं निफ्टी भी शुरुआती बढ़त बनाए रखने में संघर्ष करता दिखाई दिया।

बाजार की शुरुआत सकारात्मक वैश्विक संकेतों के कारण हुई थी। अमेरिका-ईरान तनाव में नरमी की उम्मीद और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। इसी वजह से शुरुआती कारोबार में बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी 24,150 के ऊपर पहुंच गया जबकि सेंसेक्स में भी 600 अंकों तक की तेजी दर्ज की गई।

हालांकि दोपहर बाद बाजार की दिशा अचानक बदल गई। FMCG कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली ने पूरे बाजार की धारणा को प्रभावित किया। निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार की शुरुआती बढ़त धीरे-धीरे खत्म होने लगी। विशेषज्ञों का कहना है कि महंगाई और उपभोक्ता मांग को लेकर चिंता के कारण FMCG सेक्टर दबाव में आया।

दूसरी ओर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मजबूती बनी रही

दूसरी ओर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मजबूती बनी रही। व्यापक बाजार में निवेशकों की रुचि देखने को मिली और कई छोटे शेयरों में अच्छी तेजी दर्ज हुई। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक फिलहाल चुनिंदा सेक्टरों और कंपनियों में अवसर तलाश रहे हैं।

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बाजार पर वैश्विक कारकों का भी गहरा असर देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने शुरुआत में राहत दी थी। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की संभावना से ब्रेंट क्रूड की कीमतों में नरमी आई। तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे आयातक देश के लिए सकारात्मक मानी जाती है क्योंकि इससे महंगाई और चालू खाते के घाटे पर दबाव कम हो सकता है।

बैंकिंग सेक्टर ने बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया। सरकार की ओर से कारोबार प्रभावित कंपनियों के लिए इमरजेंसी क्रेडिट गारंटी योजना को मंजूरी मिलने के बाद बैंकिंग शेयरों में खरीदारी देखी गई। निजी और सरकारी दोनों बैंकों के शेयरों में मजबूती रही।

इसके अलावा कॉर्पोरेट नतीजों का असर भी बाजार पर साफ दिखाई दिया। कुछ कंपनियों के मजबूत तिमाही परिणामों ने निवेशकों का ध्यान खींचा। ऑटो और आईटी सेक्टर की कई कंपनियों में तेजी देखने को मिली। वहीं इंजीनियरिंग कंपनी एलएंडटी के कमजोर नतीजों और धीमे ग्रोथ आउटलुक के कारण उसके शेयरों में गिरावट आई, जिसने बाजार की धारणा पर असर डाला।

विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।

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